Modi meet Jonathan: कौन है 194 साल का 'जोनाथन', जिससे सेशेल्स पहुंचते ही सबसे पहले मिलेंगे PM मोदी
PM Modi meet Jonathan tortoise: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा के दौरान कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे, लेकिन इनमें सबसे खास मुलाकात दुनिया के सबसे उम्रदराज़ जीवित स्थलीय जीव 'जोनाथन' से होगी। करीब 194 साल का यह विशाल एल्डाब्रा कछुआ अपने लंबे जीवन की वजह से पूरी दुनिया में चर्चा का विषय है।
जोनाथन सिर्फ एक दुर्लभ जीव नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता और विरासत का भी प्रतीक माना जाता है। ऐसे में पीएम मोदी और जोनाथन की यह मुलाकात भारत और सेशेल्स के बीच पर्यावरण संरक्षण और साझा प्राकृतिक धरोहर के संदेश को भी दुनिया के सामने रखने वाली है।

194 साल का जोनाथन आखिर कौन है?
दुनिया के सबसे अधिक उम्र वाले जीवित स्थलीय जीव के रूप में जोनाथन का नाम दर्ज है। वह एल्डाब्रा जायंट कछुआ प्रजाति का है और करीब 194 साल से जीवित है। उसकी सही जन्मतिथि दर्ज नहीं है, लेकिन माना जाता है कि उसका जन्म 1832 के आसपास हुआ था। जोनाथन अपनी प्रजाति की औसत उम्र से भी काफी ज्यादा जी चुका है। उम्र बढ़ने के बावजूद वह आज भी दुनिया भर के लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और हजारों पर्यटक उसे देखने पहुंचते हैं।
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जोनाथन का जीवन क्यों है इतना खास?
जोनाथन ने दुनिया के इतिहास के कई बड़े दौर देखे हैं। उसने ब्रिटिश साम्राज्य का विस्तार, दो विश्व युद्ध, तकनीकी क्रांति और आधुनिक दुनिया का बदलता स्वरूप देखा है। इतने लंबे जीवन के कारण वह सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि जीवित इतिहास माना जाता है। वैज्ञानिक भी उसकी लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य पर लगातार अध्ययन करते रहे हैं। यही वजह है कि वह प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का वैश्विक प्रतीक बन चुका है।
सेशेल्स में कहां रहता है जोनाथन?
जोनाथन फिलहाल सेशेल्स की राजधानी जेम्सटाउन स्थित नेशनल बोटैनिकल गार्डेन में रहता है। यहां उसकी विशेष देखभाल की जाती है और विशेषज्ञ नियमित रूप से उसके स्वास्थ्य की निगरानी करते हैं। उम्र अधिक होने के कारण उसकी आंखों की रोशनी कम हो चुकी है और सूंघने की क्षमता भी कमजोर हुई है, लेकिन फिर भी वह सामान्य जीवन जी रहा है। दुनियाभर से आने वाले पर्यटक उसे देखने के लिए इस गार्डेन में पहुंचते हैं।
पीएम मोदी की मुलाकात क्यों मानी जा रही है खास?
प्रधानमंत्री मोदी की जोनाथन से मुलाकात केवल औपचारिक नहीं मानी जा रही है। इसे पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत के सम्मान का संदेश माना जा रहा है। भारत और सेशेल्स दोनों ही हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री और पर्यावरणीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर देते हैं। ऐसे में दुनिया के सबसे उम्रदराज़ जीवित जीव से मुलाकात इस साझा सोच और प्रकृति के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर सामने आएगी।
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सेशेल्स यात्रा में और क्या रहेगा अहम?
प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे होने के समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान उनकी राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, जलवायु परिवर्तन, ब्लू इकोनॉमी और हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। साल 2015 के बाद यह पीएम मोदी की दूसरी सेशेल्स यात्रा है, जिससे दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।












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