Ketan Murder Case: सिया-चेतन के अफेयर का परिवार को था पता? पुलिस जांच में सामने आई अहम जानकारी
Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल को कई महीने पहले से सिया और चेतन चौधरी के रिश्ते की जानकारी थी।
इतना ही नहीं, उसने अपनी बहन को चेतावनी भी दी थी कि वह चेतन से दूरी बना ले क्योंकि उसकी शादी केतन अग्रवाल से तय हो चुकी थी। पुलिस ने शुक्रवार, 26 जून को साहिल गोयल से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान सिया और चेतन के रिश्ते को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आईं।

भाई साहिल का बड़ा खुलासा: मैंने सिया को समझाया था कि चेतन से दूर रहे
पुलिस सूत्रों के अनुसार, साहिल गोयल ने पूछताछ में बताया कि उसे कई महीने पहले ही सिया और चेतन के बीच बढ़ती नजदीकियों के बारे में पता चल गया था। साहिल को इस रिश्ते को लेकर चिंता थी क्योंकि उस समय सिया की शादी की तैयारियां चल रही थीं और उसकी सगाई केतन अग्रवाल से हो चुकी थी। इसलिए उसने अपनी बहन को समझाया था कि वह चेतन से दूरी बनाए और अपने होने वाले वैवाहिक जीवन पर ध्यान दे। हालांकि पुलिस का मानना है कि चेतावनी के बावजूद सिया और चेतन के बीच संपर्क बना रहा।
कैसे हुई चेतन और सिया की दोस्ती?
जांच में यह भी पता चला है कि चेतन चौधरी और साहिल गोयल की पहचान साल 2024 में क्रिकेट के जरिए हुई थी। दोनों साथ में क्रिकेट खेलते थे और इसी दौरान चेतन की मुलाकात साहिल की बहन सिया से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और बाद में यह रिश्ता काफी करीब पहुंच गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस रिश्ते की जानकारी थी या नहीं।
लोहागढ़ किले से गिरने से हुई थी केतन की मौत
गौरतलब है कि पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी और कंपनी डायरेक्टर केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहागढ़ किले से गिरकर मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे हादसा माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कई संदिग्ध तथ्य मिले। इसके बाद मामले को हत्या के एंगल से जांचा जाने लगा। पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित दोस्त चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।
लॉकअप में अब एक-दूसरे पर मढ़ रहे मर्डर का आरोप
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में पूछताछ के दौरान सिया और चेतन दोनों हत्या की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं। दोनों के बयानों में लगातार विरोधाभास सामने आ रहे हैं। यही वजह है कि जांच टीम अब डिजिटल सबूत, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों पर ज्यादा भरोसा कर रही है। अब तक पुणे ग्रामीण पुलिस करीब 10 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें चेतन की दुकान पर काम करने वाला कर्मचारी नीरज कुमार भी शामिल है।
फोन से चैट डिलीट, रीसायकल बिन भी किया खाली!
जांच के दौरान पुलिस को एक और अहम सुराग मिला है। अधिकारियों के अनुसार, घटना से पहले और बाद में सिया और चेतन ने अपने मोबाइल फोन से कई चैट और संदेश डिलीट कर दिए थे। इतना ही नहीं, दोनों ने मोबाइल का रीसायकल बिन भी खाली कर दिया था ताकि बातचीत के सबूत मिटाए जा सकें। अब दोनों मोबाइल फोन फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। विशेषज्ञ डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल डेटा से हत्या की साजिश और घटनाक्रम को समझने में मदद मिलेगी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस
मुख्यमंत्री ने इस मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मंजूरी भी दे दी है ताकि मुकदमे का जल्द निपटारा हो सके। साथ ही परिवार की मांग पर वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor) नियुक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि निकम ने इस जिम्मेदारी के लिए सहमति दे दी है।फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। मोबाइल डेटा, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयान आने के बाद इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।














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