Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी के लिए इंसाफ मांगना बिहार पुलिस के जवान को पड़ा भारी, हुए सस्पेंड
Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग करने वाले बिहार पुलिस के सिपाही आशीष कुमार तिवारी अब खुद विभागीय कार्रवाई की जद में आ गए हैं। पूर्वी चंपारण पुलिस ने उन्हें सस्पेंड करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी है। पुलिस का आरोप है कि आशीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर बिहार सरकार और बिहार पुलिस के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देकर सरकारी कर्मचारी आचार नियमों का उल्लंघन किया।
वहीं, पुलिस ने उनके पुराने अनुशासनहीनता के मामलों का भी जिक्र किया है। हालांकि, आशीष का कहना था कि वह भरत तिवारी मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे थे।

न्याय की मांग के बाद सस्पेंड हुए आशीष तिवारी
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में महापंचायत के दौरान आशीष कुमार तिवारी ने खुद को बिहार पुलिस का जवान बताते हुए कहा था कि अगर सात दिन के भीतर न्याय नहीं मिला तो वह नौकरी छोड़ देंगे। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद पूर्वी चंपारण पुलिस ने जांच कर उन्हें नियमों के उल्लंघन का दोषी मानते हुए सस्पेंड कर दिया और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी।
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Ashish Tiwari पर पुलिस ने क्या लगाए आरोप?
मोतिहारी पुलिस के मुताबिक, आशीष तिवारी ने सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद सोशल मीडिया पर बिहार सरकार और बिहार पुलिस के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए। पुलिस का कहना है कि इससे विभाग की छवि खराब हुई और बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली-2026 का उल्लंघन हुआ। जांच के दौरान उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया गया, लेकिन पुलिस के अनुसार उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
पुराने विवाद भी आए सामने
पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति में आशीष तिवारी के पुराने रिकॉर्ड का भी जिक्र किया है। पुलिस के अनुसार, साल 2023 में हरपुर थाना में गाली-गलौज, चाकू लेकर हमला करने और साल 2024 में पिपराकोठी थाना में ड्यूटी के दौरान सरकारी पिस्टल तानने जैसे गंभीर आरोप उन पर लगे थे। इन दोनों मामलों में विभागीय कार्रवाई हो चुकी है। एक मामले में उनकी वेतन वृद्धि रोकी गई, जबकि दूसरे मामले में केस अभी कोर्ट में विचाराधीन है।
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नौकरी छोड़ने के दावे पर भी उठे सवाल
महापंचायत में आशीष तिवारी ने मंच से नौकरी छोड़ने की घोषणा की थी, लेकिन पुलिस का कहना है कि उन्होंने अब तक विभाग को कोई इस्तीफा नहीं दिया। न ही अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर नौकरी छोड़ने का दावा किया गया, जबकि विभागीय रिकॉर्ड में ऐसा कोई आवेदन मौजूद नहीं है। इसी वजह से उनके दावे पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
रिश्ते को लेकर भी सामने आई अलग कहानी
महापंचायत में आशीष तिवारी ने खुद को भरत तिवारी का चचेरा भाई बताया था। हालांकि बाद में भरत तिवारी के परिवार की ओर से कहा गया कि उनका आशीष से कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं है। परिवार का कहना है कि आशीष सिर्फ न्याय की मांग के लिए कार्यक्रम में आए थे और वे उन्हें नहीं जानते। ऐसे में अब उनके रिश्ते के दावे को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।












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