Trump Hormuz Plan: कौन हैं जनरल डेन केन? जिसके कहने पर होर्मुज छोड़ फरार हुए ट्रंप, सरेंडर या मास्टरस्ट्रोक?
Trump Strait of Hormuz Plan: डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज जलडमरूमध्य से पीछे हटने के फैसले ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। 50 हजार सैनिकों की तैनाती और लंबी तैयारियों के बाद, अचानक आया यह यू-टर्न जनरल डेन केन की रणनीतिक सलाह का नतीजा माना जा रहा है।
4-सितारा जनरल और जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के प्रमुख केन ने ट्रंप को युद्ध की जमीनी हकीकत और आर्थिक नफा-नुकसान का वह आईना दिखाया, जिसे अब तक नजरअंदाज किया जा रहा था। यह लेख जनरल केन के व्यक्तित्व और उनकी उस दलील का विश्लेषण करता है जिसने अमेरिका को एक संभावित महायुद्ध के दलदल से बाहर खींच लिया।

Who is General Dan Kane: कौन हैं जनरल डेन केन?
57 वर्षीय जनरल डेन केन अमेरिकी सेना के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक हैं। 4-सितारा जनरल के रूप में वे 'जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ' के पद पर तैनात हैं और राष्ट्रपति के मुख्य सैन्य सलाहकार हैं। केन को उनकी शांत बुद्धिमत्ता और युद्ध के बजाय कूटनीति को प्राथमिकता देने के लिए जाना जाता है। जहां प्रशासन के अन्य लोग ईरान पर सीधे हमले के पक्ष में थे, वहीं केन शुरू से ही इसके विरोधी रहे। उनकी साख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके तर्कों ने ट्रंप को अपनी घोषित नीति बदलने पर मजबूर कर दिया।
होर्मुज की 'जियोग्राफिकल ट्रैप' और खतरा
जनरल केन ने राष्ट्रपति को समझाया कि होर्मुज की भौगोलिक स्थिति अमेरिका के लिए एक सुसाइड मिशन साबित हो सकती है। यह जलडमरूमध्य इतना संकरा है कि यहां विशाल अमेरिकी युद्धपोतों की आवाजाही बेहद जोखिम भरी है। ईरान ने यहां अपनी चौकियां और नौसैनिक टुकड़ियां इस तरह तैनात की हैं कि एक साधारण ड्रोन या छोटी आत्मघाती नाव भी अरबों डॉलर के अमेरिकी जहाजों को तबाह कर सकती है। केन के मुताबिक, यहां ताकत से कब्जा करना नामुमकिन है क्योंकि संकरा रास्ता युद्धपोतों की गतिशीलता को खत्म कर देता है।
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आर्थिक गणित और अमेरिकी हित
मीटिंग का सबसे निर्णायक मोड़ वह था जब केन ने अमेरिका के आर्थिक हितों का डेटा पेश किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि होर्मुज के ब्लॉक होने से सबसे ज्यादा नुकसान उन देशों को होगा जो यहां से तेल मंगवाते हैं, न कि अमेरिका को। अमेरिका अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस रास्ते पर बहुत कम निर्भर है। केन ने तर्क दिया कि जब फायदा दूसरे देशों (जैसे चीन और भारत) का है, तो अमेरिका अपने सैनिकों की जान और अरबों डॉलर क्यों दांव पर लगाए? इस दलील ने ट्रंप के 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे को सीधे प्रभावित किया।
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अनिश्चित काल तक खिंचने वाला युद्ध
जनरल केन का मानना था कि होर्मुज पर नियंत्रण पाने मात्र से ईरान की सरकार घुटने नहीं टेकेगी। उन्होंने ट्रंप को चेतावनी दी कि यह वियतनाम या अफगानिस्तान जैसा एक और कभी न खत्म होने वाला युद्ध बन सकता है। यदि अमेरिका यहां उलझता है, तो भारी जनहानि और आर्थिक बोझ के अलावा कुछ हासिल नहीं होगा। केन ने जोर देकर कहा कि सैन्य जीत की कोई स्पष्ट गारंटी नहीं है और बिना किसी अंतिम लक्ष्य (End Game) के इस युद्ध में बने रहना अमेरिका के लिए रणनीतिक भूल होगी।












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