Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bangladesh Hindu Ministers: कौन हैं गोयेश्वर चंद्र रॉय? तारिक रहमान की कैबिनेट में हो सकते हैं हिंदू चेहरा

Bangladesh Hindu Ministers: बांग्लादेश के चुनावी नतीजों ने दक्षिण एशिया की राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है। 12 फरवरी को हुए ऐतिहासिक चुनावों में तारीक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) ने शानदार जीत दर्ज की है। अब सबकी नजरें आज यानी 17 फरवरी को होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं। ढाका के राष्ट्रीय संसद भवन के दक्षिण प्लाजा में शाम 4:00 बजे आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में भारत समेत 13 देशों के राष्ट्राध्यक्षों और करीब 1,200 गणमान्य अतिथियों के शामिल होने की उम्मीद है।

भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस समारोह का हिस्सा बनेंगे। इस नई सरकार में समावेशी विकास का वादा करते हुए हिंदू नेता गोयेश्वर चंद्र रॉय को कैबिनेट में शामिल करने की तैयारी है, जो अल्पसंख्यकों के बीच भरोसे का बड़ा संदेश है।

Bangladesh Hindu Ministers

Who is Gayeshwar Chandra Roy: कौन हैं गोयेश्वर चंद्र रॉय?

गोयेश्वर चंद्र रॉय लंबे समय से बीएनपी की सियासत का अहम हिस्सा रहे हैं। वे पार्टी की नीति-निर्माण समिति के प्रमुख भी हैं और 1978 से संगठन से जुड़े हुए हैं। शेख हसीना के शासनकाल के दौरान भी उन्होंने खालिदा जिया के साथ मजबूती से खड़े रहकर अपनी निष्ठा साबित की। ढाका-3 सीट से जीतकर संसद पहुंचे रॉय पहले भी मंत्री पद संभाल चुके हैं। उनके अनुभव और संगठन में पकड़ को देखते हुए माना जा रहा है कि वे नई सरकार में अल्पसंख्यक समुदाय की अहम आवाज बन सकते हैं।

ये भी पढ़ें: Bangladesh Election: कट्टर मुस्लिम इलाकों से जीते 3 हिन्दू कौन? कैसे मिली एंटी-इंडिया माहौल में जीत?

Bangladesh Election Results 2026: क्यों भारी है गोयेश्वर चंद्र रॉय का पलड़ा?

इस बार बीएनपी के चुनाव चिह्न पर जीतकर संसद पहुंचे दो हिंदू चेहरों में गोयेश्वर चंद्र रॉय और उनके समधी नितॉय रॉय चौधरी शामिल हैं। दोनों ही लंबे समय से राजनीति में सक्रिय और अनुभवी नेता माने जाते हैं। हालांकि पार्टी के भीतर गोयेश्वर चंद्र रॉय का प्रभाव ज्यादा मजबूत समझा जाता है।

खालिदा जिया परिवार के साथ उनके पुराने और भरोसेमंद रिश्ते, संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और प्रशासनिक अनुभव उन्हें बाकी दावेदारों से आगे रखते हैं। वे पार्टी की कोर कमेटी का भी अहम हिस्सा हैं, जिससे नीति और रणनीति बनाने में उनकी सीधी भागीदारी रहती है। यही कारण है कि नई कैबिनेट में उनकी संभावित एंट्री को लगभग तय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे अल्पसंख्यक समुदाय में भरोसा मजबूत होगा।

ये भी पढ़ें: Tarique Rahman First Speech: 'अब बांग्लादेश में लोकतंत्र का नया सवेरा', जीत के बाद पहली बार बोले तारिक रहमान

Tarique Rahman Oath: हिंदू समुदाय की भागीदारी और तारिक रहमान का वादा

बांग्लादेश में हिंदू आबादी लगभग 9 प्रतिशत है, जो राजनीतिक रूप से काफी अहम है। चुनाव से पहले ही तारिक रहमान ने वादा किया था कि वे सभी समुदायों को सरकार में उचित भागीदारी देंगे। पिछली सरकारों में भी कम से कम दो हिंदू मंत्री रखने की परंपरा रही है। यूनुस की अंतरिम सरकार में बिधान चंद्र पोद्दार को शामिल किया गया था, और अब तारिक रहमान इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समावेशी राजनीति का संदेश देना चाहते हैं।

ये भी पढे़ं: Bangladesh Election Result: कहां जाएंगे यूनुस? तारिक के राज में जुड़ पाएंगे ढाका-दिल्ली के तार? BNP का इतिहास

कैबिनेट में पुराने दिग्गजों और नए चेहरों का तालमेल

डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, तारिक रहमान एक संतुलित कैबिनेट बनाना चाहते हैं। इसमें मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और सलाहुद्दीन चौधरी जैसे पुराने दिग्गजों को शामिल किया जाएगा, जो पहले भी खालिदा जिया सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इसके साथ ही शमा उबैद और अफरोजा खानम रीता जैसे नए चेहरों को भी मौका मिलने की उम्मीद है। इस रणनीति का मकसद अनुभव और नई ऊर्जा के बीच सामंजस्य बिठाना है ताकि देश का प्रशासन सुचारू रूप से चल सके।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+