दुनियाभर में लगाई जाएगी सीरम इंस्टिट्यूट की कोरोना वैक्सीन, WHO ने दी आपात इस्तेमाल को मंजूरी
दुनियाभर में लगाई जाएगी सीरम इंस्टिट्यूट की कोरोना वैक्सीन, WHO ने दी आपात इस्तेमाल को मंजूरी
WHO gave emergency use listing to Oxford/AstraZeneca vaccine: भारत के सीरम इंस्टिट्यूट में बनने वाली कोरोना वैक्सीन (coronavirus vaccine) अब दुनिया भर में लगाई जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की ओर से बनाई जाने वाले कोरोना वैक्सीन के आपातकालीन (इमरजेंसी ) इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन को भारत की सीरम इंस्टिट्यूट बनाती है। डब्ल्यूएचओ सोमवार (15 फरवरी) को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित किए जा रहे दो वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी दी है। इसकी घोषणा खुद डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडहानॉम ने की है।
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ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित किए जा रहे दो वैक्सीन में से एक वैक्सीन को भारत की सीरम इंस्टीट्यूट बनाती है। वहीं दूसरी वैक्सीन को दक्षिण कोरिया की एसके बायो नाम की कंपनी बनाती है। डब्ल्यूएचओ ने दोनों ही कंपनियों द्वारा बनाई गई कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी दी है।
डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडहानॉम ने कहा कि हमने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेजेनेका की वैक्सीन के दो संस्करणों को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है ताकि ग्लोबल लेवल पर कोवैक्स के तहत वैक्सीनेशनल का अभियान बढ़ता रहे। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडहानॉम ये भी कहा है कि हमें वैक्सीन के उत्पादन में तेजी लानी चाहिए।
डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि अभी तक जिन देशों को कोरोना वैक्सीन नहीं मिल पाई है, इन दोनों वैक्सीन की मंजूरी के बाद उन्हें भी वैक्सीन मिल सकेगी। दुनियाभर के गरीबों देशों तक डब्ल्यूएचओ कोवैक्स के तहत वैक्सीन पहुंचाने की कोशिश कर रही है। कोवैक्स अभियान के तहत ही संगठन ने दो कोरोना वैक्सीन के आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है। जिसमें एक भारत के सीरम इंस्टिट्यूट की वैक्सीन है और एक वैक्सीन दक्षिण कोरिया की है। डब्ल्यूएचओ ने उम्मीद जताई है कि ऑक्सफोर्ड एस्ट्रेजेनेका की कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद कोवैक्स अभियान में अब तेजी आएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन फाइजर जैसी अन्य वैक्सीन की तुलना में किफायती है। इसके इस्तेमाल का तरीका भी फाइजर जैसी अन्य वैक्सीन के मुकाबले आसान है। फाइजर को डब्ल्यूएचओ ने बीते दिसंबर 2020 में आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी थी।












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