Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Who Failed Islamabad: नेतन्याहू ने कैसे फेल कराया इस्लामाबाद शांति समझौता? किसने लगाए इजरायली PM पर आरोप?

Who Failed Islamabad: ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुई मैराथन शांति वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, आप चाहें तो इसे फेल भी कह सकते हैं। बातचीत फेल होते ही दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। इससे पहले से ही तनाव झेल रहे पश्चिम एशिया में हालात और खराब हो गए हैं। खास बात यह थी कि एक दशक से ज्यादा समय बाद इतनी हाई-लेवल डायरेक्ट बातचीत हुई थी जो बुरी तरह फेल हुई। लेकिन इसको फेल करवाने के पीछे इजरायली प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू का हाथ होने की बात सामने आ रही है।

नेतन्याहू पर पीस टॉक खराब करने का आरोप

ईरान ने इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu पर बड़ा आरोप लगाया। विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि वार्ता के दौरान नेतन्याहू ने वेंस को फोन किया, जिससे बातचीत का फोकस बदल गया। साथ ही ये भी कहा गया कि इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने जेडी वेंस को ऐसी शर्तें रखने के लिए कहा जिससे बातचीत गड़बड़ हो जाए। ईरान का दावा है कि अमेरिका बातचीत में वही हासिल करना चाहता था जो वह युद्ध से नहीं कर सका। अगर वाकई में ऐसा है कि नेतन्याहू ने पाकिस्तान में चल रही पीस टॉक खराब करवाई है तो ये पाकिस्तान के लिए बेहद शर्म की बात है। क्योंकि कोई शख्स बिना पाकिस्तान जाए अगर वहां की नीतियों में इतना बड़ा दखल दे रहा है तो पाक को सोचना होगा उनकी विदेश नीति कितनी कच्ची है। दूसरी तरफ, ईरानी संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि अगर दबाव डाला गया तो जवाब भी उतना ही सख्त होगा। उन्होंने साफ कहा, "अगर आप लड़ेंगे, तो हम भी लड़ेंगे।"

Who Failed Islamabad

अमेरिका की जवाबी कार्रवाई

वार्ता फेल होते ही अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा फैसला लिया। अमेरिका ने ईरान से जुड़े समुद्री ट्रैफिक पर नाकेबंदी (Blockade) लगाने का ऐलान किया। यह ऑपरेशन 13 अप्रैल से शुरू होगा और ईरान के पोर्ट्स से आने-जाने वाले जहाजों पर लागू होगा। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि जो भी जहाज ईरान द्वारा मांगा जा रहा अवैध टोल देगा, उसे सुरक्षा नहीं मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना Strait of Hormuz में बिछाई गई माइंस को हटाना शुरू करेगी।

Oi Explained: Suez Canal पर टोल जायज तो होर्मुज पर नाजायज कैसे? क्या कहता है अंतर्राष्ट्रीय कानून?
Oi Explained: Suez Canal पर टोल जायज तो होर्मुज पर नाजायज कैसे? क्या कहता है अंतर्राष्ट्रीय कानून?

युद्धविराम पहले से ही था कमजोर

दो हफ्ते का सीजफायर पहले से ही दबाव में था। इस दौरान लेबनान में हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष जारी था। ऐसे में इस वार्ता की विफलता ने पूरे क्षेत्र को और ज्यादा असमंजस की स्थिति में डाल दिया है।

ऐतिहासिक बातचीत कैसे फेल हुई?

शनिवार से रविवार सुबह तक चली यह बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच एक बेहद कठिन लेकिन सीधा संपर्क था। ईरानी क्रांति के बाद से यह सबसे हाई-लेवल बातचीत मानी जा रही थी। 7 अप्रैल को घोषित सीजफायर के बाद यह बातचीत बुलाई गई थी, ताकि 6 हफ्तों से चल रहे संघर्ष को खत्म किया जा सके। इस दौरान हजारों लोग मारे गए और ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर भी असर पड़ा, जिससे तेल की कीमतें बढ़ गईं।

बेनतीजा टॉक पर क्या बोले वेंस?

करीब 20 घंटे तक चली इस बातचीत में डायरेक्ट और इनडायरेक्ट दोनों तरह की चर्चा हुई। लेकिन इतने लंबे समय के बावजूद दोनों देश अपने बड़े मतभेद खत्म नहीं कर सके। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ कहा कि अमेरिका की मुख्य मांगें नहीं बदली हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान यह गारंटी दे कि वह कभी न्यूक्लियर बम नहीं बनाएगा और न ही ऐसी क्षमता हासिल करेगा। इससे इतर, ईरान के मुताबिक, अमेरिका की मांग सिर्फ न्यूक्लियर प्रोग्राम तक सीमित नहीं थी। वाशिंगटन चाहता था कि ईरान अपनी यूरेनियम एनरिचमेंट पूरी तरह खत्म करे, अपना स्टॉक ट्रांसफर करे और हमास, हिजबुल्लाह और हौथी जैसे समूहों को सपोर्ट करना बंद करे।इसके अलावा Strait of Hormuz को खोलने की भी शर्त रखी गई।

Election 2026

जहाजों ने रास्ता बदलना शुरू किया

तनाव का असर तुरंत दिखा। 12 अप्रैल को कुछ सुपरटैंकर गुजर गए, लेकिन 13 अप्रैल से जहाजों ने इस रास्ते से बचना शुरू कर दिया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि अगर कोई सैन्य जहाज उनके पास आया, तो उसे सीजफायर का उल्लंघन माना जाएगा। राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन केवल वाजिब शर्तों पर। वहीं, इजरायल के लेबनान पर हमले जारी हैं और दोनों देशों में बात हो रही है लेकिन अभी तक वे किसी समाधान पर नहीं पहुंचे हैं। कुल मिलाकर, इस्लामाबाद वार्ता की विफलता ने यह दिखा दिया है कि शांति का रास्ता अभी भी बहुत मुश्किल है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+