राष्ट्रपति ओबामा ने पेश की मिसाल, व्हाइट हाउस में पहले ट्रांसजेंडर की नियुक्ति
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा अक्सर एलजीबीटी कम्यूनिटी के लिए अपने प्रयासों की वजह से खबरों में रहते हैं। उन्हें इसी वजह से लोगों की ओर से तारीफ भी मिलती रहती है। अब ओबामा ने व्हाइट हाउस में पहली बार एक ट्रांसजेंडर कर्मचारी की नियुक्ति को मंजूरी दी है। रैफी फ्रीडमैन गुरस्पैन को आउटरीच एंड रिक्रूटमेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है।

राष्ट्रपति ओबामा वर्ष 2012 तक गे मैरिज के खिलाफ थे लेकिन बाद में उन्होंने एलजीबीटी समुदाय के अधिकारों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर लिया। ओबामा ने 'डोंट आस्क, डोंट टेल,' इस नीति को खत्म किया। इस नीति की वजह से अमेरिकी सेना में एलजीबीटी कम्यूनिटी पर बैन लगा हुआ था।
कौन हैं रैफी फ्रीडमैन गुरस्पैन
रैफी का जन्म होंडुरास में हुआ था और उनकी मां ने अकेले उन्हें पाला है। उनका बचपन काफी काफी मुश्किलों भरा रहा। अमेरिका में उन्हें जरूरी डॉक्यूमेंट्स ने होने की वजह से काफी समय हिरासत में बिताना पड़ा। साथ की कई और सरकारी नीतियों की वजह से काफी परेशानियां भी झेलनी पड़ीं।
रैफी नेशनल सेंटर फॉर ट्रांसजेंडर इक्वलिटी की नीति सलाहकार रह चुकी हैं। व्हाइट हाउस के अलावा वह मैसाचुसेट्स स्टेट हाउस में काम करने वाली पहली ट्रांसजेंडर महिला है।
दो माह पहले की वह घटना
यहां पर यह बात गौर करने वाली है कि करीब दो माह पहले व्हाइट हाउस में हो रहे एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति ओबामा को जेनिसेट गुतिएरेज के तीखें सवालों का सामना करना पड़ा था। जेनिसेट ने एलजीबीटी कम्यूनिटी के एक प्रोग्राम में ओबामा को परेशानी में डाल दिया था। उनके सवालों की वजह से इस कम्यूनिटी तक पहुंच बनाने को लेकर ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन को शर्मिन्दगी झेलनी पड़ी है।
ओबामा कर चुके हैं आलोचना
ओबामा ने एक कार्यक्रम में दुनियाभर में ट्रांसजेंडर महिला और पुरुष के उत्पीड़न की निंदा की थी। उन्होंने लैंगिक पहचान के आधार पर कर्मचारियों के बीच भेदभाव के खिलाफ एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया। एक अनुमान के मुताबिक इस वर्ष की शुरुआत से लेकर अब तक कम से कम 16 ट्रांसजेंडर महिलाओं की हत्या कर दी गई।












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