White House Firing: डोनाल्ड ट्रंप की जान को खतरा? व्हाइट हाउस के पास 30 राउंड फायरिंग, मारा गया हमलवार

White House Firing: अमेरिका के वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास हुई फायरिंग की घटना ने एक बार फिर से सनसनी पैदा कर दी है, शनिवार शाम एक संदिग्ध ने व्हाइट हाउस के पास करीब 30 राउंड फायरिंग की, जिससे अफरा-तफरी मच गई , जिस वक्त ये घटना घटी उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे।

US सीक्रेट सर्विस ने इस बारे में बयान जारी करते हुए कहा है कि 'शनिवार को व्हाइट हाउस के पास गोलियों की आवाज़ें सुनी गईं, यह घटना शाम 6 बजे (ET) के कुछ ही देर बाद हुई, जब एक व्यक्ति चेकपॉइंट के पास आया।'उसने अपने बैग से हथियार निकाला और वहां तैनात अधिकारियों पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया हालांकि सीक्रेट सर्विस ने उस व्यक्ति को गोली मार दी लेकिन इस दौरान वहां मौजूद एक आम नागरिक को भी गोली लग गई।'

White House Firing

यह घटना 17वीं स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू नॉर्थवेस्ट के चौराहे पर हुई, जो व्हाइट हाउस परिसर के ठीक बाहर स्थित है। संदिग्ध को तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने कहा कि 'स्थिति अब नियंत्रण में है और गोलीबारी की घटना किसी भी सुरक्षाकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है।'

ट्रंप फिर से निशाने पर? क्या ये सुरक्षा में चूक नहीं है?

AFP की रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, जिस वक्त ये घटना घटी उस समय US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में ही मौजूद थे और वे ईरान के साथ किसी समझौते पर पहुंचने के लिए काम कर रहे थे। फिलहाल वो पूरी तरह से सुरक्षित है। अब सवाल ये उठता है कि क्या हमलावर ट्रंप को निशाना बनाना चाहता था? क्या ये सुरक्षा में चूक नहीं है?

1 महीने के अंदर दूसरी घटना, मची अफरा-तफरी

मालूम हो कि यह घटना व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में हुई गोलीबारी के एक महीने बाद हुई है, जिसमें ट्रंप भी शामिल हुए थे। वाशिंगटन हिल्टन के अंदर गोलियां चलाई गई थीं, जहां यह डिनर हो रहा था। इस घटना के संदिग्ध, कोल थॉमस एलन ने हाथ में शॉटगन लिए हुए एक सुरक्षा चौकी से भागने की कोशिश की थी। ट्रंप और अन्य अधिकारियों को घटनास्थल से सुरक्षित निकाल लिया गया था।

व्हाइट हाउस परिसर में लॉकडाउन जैसी स्थिति

गोलीबारी के बाद व्हाइट हाउस परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद पत्रकारों और स्टाफ को तुरंत सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया। AFP की रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद पुलिस ने व्हाइट हाउस तक जाने वाले रास्तों को सील कर दिया था और नेशनल गार्ड के सैनिकों ने AFP के एक रिपोर्टर को उस इलाके में प्रवेश करने से रोक दिया। जो रिपोर्टर 'नॉर्थ लॉन' में मौजूद थे, उन्हें भागकर व्हाइट हाउस के 'प्रेस ब्रीफिंग रूम' में शरण लेने का आदेश दिया गया। व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद रिपोर्टरों को अपनी-अपनी जगह पर ही सुरक्षित रहने के निर्देश दिए गए। US सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने उन्हें "नीचे झुक जाने" का निर्देश दिया था। इलाके में 40 मिनट तक लॉकडाउन जैसी स्थिति रही ।

गोलियों की आवाज़ सुनाई दी, हमें भागने के लिए कहा गया

ABC News की चीफ़ व्हाइट हाउस संवाददाता सेलिना वांग ने बताया कि 'हमें तड़ातड़ गोलियों की आवाज़ सुनाई दी, उन्होंने उस घटना के समय खुद का बनाया हुआ एक वीडियो भी पोस्ट किया।वांग ने X पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'मैं व्हाइट हाउस के नॉर्थ लॉन से एक सोशल वीडियो के लिए अपने iPhone पर रिकॉर्डिंग कर रही थी, तभी हमें गोलियों की आवाज़ सुनाई दी। ऐसा लगा जैसे दर्जनों गोलियां चली हों। हमें प्रेस ब्रीफ़िंग रूम की ओर तेज़ी से भागने के लिए कहा गया, जहां हम अभी मौजूद हैं।'

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