Mojtaba Khamenei न दिखते हैं, न बोलते हैं, आता है केवल मैसेज', आखिर कहां हैं ईरान के सुप्रीम लीडर?

Where is Mojtaba Khamenei: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई नदारद हैं। वो ना ही दिख रहे और ना ही उनकी कहीं आवाज़ सुनाई दे रही है। अमेरिका से युद्ध के दौरान उनके संदेश लिखित में आते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर खामेनेई के साथ ऐसा क्‍या हुआ है जो वो सामने नहीं आ रहे हैं?

Mojtaba Khamenei क्‍यों नहीं आ रहे नजर?

खामेनेई की ये सार्वजनिक रूप से अनुपस्थिति 28 फरवरी को युद्ध के पहले दिन से ही है। हालिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि युद्ध शुरू होने के पहले ही दिन खामेनेई को गंभीर चोटें आईं थी। इसी अमेरिकी हमले में उनके पिता और तत्‍तकालीन ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु हुई थी।

Where is Mojtaba Khamenei

Mojtaba Khamenei को क्‍या हुआ है?

ईरान ने मोजतबा के स्वास्थ्य व चोटों की गंभीरता पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। हालांकि, 'न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक रिपोर्ट में, चार वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि वे "गंभीर रूप से घायल" होने के बावजूद "मानसिक रूप से सचेत और सक्रिय" हैं।

Mojtaba Khamenei चेहरा जल गया, प्लास्टिक सर्जरी की है जरूरत

रिपोर्ट के अनुसार, सर्वोच्च नेता को आर्टिफिशियल पार्ट (artificial limb)की आवश्यकता होगी, क्योंकि उनके एक पैर की तीन बार सर्जरी हुई है। एक हाथ का ऑपरेशन हुआ पर वह अभी तक पूरी तरह काम नहीं कर रहा। अधिकारियों ने बताया कि मोजतबा को चेहरे और होंठों पर गंभीर जलन से चोटें भी आई हैं, जिससे उन्हें बोलने में परेशानी हो रही है और अंततः प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत पड़ेगी।

Mojtaba Khamenei का सीक्रेट है ठिकाना

मोजतबा खामेनेई का ठिकाना सीक्रेट है इसलिए उन तक बहुत कम लोगों की पहुंच है। वे अधिकतर डॉक्टरों व स्वास्थ्य प्रोफेशनल से घिरे रहते हैं। वरिष्ठ रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर और ईरानी अधिकारी भी उनसे मिलने से बचते हैं, इस डर से कि इजराइल उनके ठिकाने का पता लगा सकता है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन (स्वयं एक हृदय सर्जन) और देश के स्वास्थ्य मंत्री उनकी देखभाल में लगातार शामिल हैं।

Mojtaba Khamenei सामने आने के बजाय भेजते हैं लिखित संदेश

मोजतबा अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में कमजोर न दिखें, इस डर से कैमरे या माइक्रोफोन के सामने नहीं आए हैं, अधिकारियों ने बताया। उनसे संचार का तरीका अनोखा है: हाथ से लिखे संदेश विश्वसनीय दूतों की मानव श्रृंखला द्वारा पहुंचाए जाते हैं। ये दूत राजमार्गों, ग्रामीण सड़कों पर कारों या मोटरसाइकिलों से यात्रा कर सर्वोच्च नेता तक पहुंचते हैं और उनका जवाब भी इसी तरह वापस आता है।

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध फिलहाल रुका है। दोनों पक्ष एक स्थायी समाधान मिलने तक अस्थायी युद्धविराम पर सहमत हुए हैं। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई पहले दौर की बातचीत, जो गतिरोध में बदल गई, के बाद अब दूसरे दौर की उम्मीद है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह इस सप्ताह के अंत तक संभव हो सकती है।

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