अब किशोरगंज के हमले श्रेय लेने की फिराक में आईएसआईएस
ढाका। ढाका में हुए आतंकी हमले के बाद बांग्लादेश के किशोरगंज में फिर से एक आतंकी हमला हुआ। ढाका में हुआ आतंकी हमला सरकार को नींद से जगाने के लिए काफी था। किशोरगंज का हमला यह बात साबित करने के लिए काफी है कि देश में चरमपंथी ताकतें काफी मजबूती से अपने पैर जमा चुकी हैं। फिलहाल किशोरगंज में हुए आतंकी हमले में एक हमलावर के मारे जाने की खबरे हैं।

बांग्लादेश में मौजूद आतंकवाद के समर्थक
बांग्लादेश की जांच एजेंसियां इस बात की जांच में लगी हैं कि देश के अंदर आईएसआईएस या फिर अल कायदा को किन-किन संगठनों का समर्थन मिल रहा है।
बांग्लादेश में पिछले दिनों एक वीडिया जारी हुआ है इसका टाइटल है, 'बांग्लादेश में बहादुर खलीफा,' इस वीडियो के साथ ही एक बार फिर से आईएसआईएस ने बांग्लादेश के युवाओं को भड़काने की कोशिश की है।
ढाका में जिन आतंकियों ने हमले को अंजाम दिया वे @shammiwitness की ही तरह चरमपंथी उपदेश देने वाले डॉक्टर जाकिर नाइक से काफी प्रभावित थे। डॉक्टर जाकिर नाइक का किसी भी आतंकी संगठन से कोई ताल्लुक नहीं है।
रक्का में शूट हुआ वीडियो
रक्का में शूट हुए इस वीडियो में बंगाली भाषा बोलने वाले तीन युवा नजर आ रहे हैं। पीठ पर बैग लादे ये तीनों ही युवक कह रहे हैं कि ढाका में जो कुछ भी हुआ वह सिर्फ एक शुरुआत है। यह आगे भी होता रहेगा।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो 5.55 मिनट का है और माना जा रहा है कि आईएसआईएस ने ही इस वीडियो को शूट किया है।
बांग्लादेश में इन दिनों जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश और अनुसारुल बांग्ला, ये दोनों ही आईएसआईएस की विचारधारा का समर्थन करते हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो आईएसआईएस, बांग्लादेश में पकड़ जमाने के लिए काफी बेकरार है और ऐसे में वह हर हमले को अपना हमला कहकर श्रेय लूटने की कोशिश में रहेगी।












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