क्या है Operation Rising Lion? इजराइल ने क्यों शुरू की ये जंग? नेतन्याहू बोले ये अस्तित्व बचाने की लड़ाई
What is Operation Rising Lion: इज़राइल ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर दिया। इस ऑपरेशन को 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' नाम दिया गया है। इसमें इज़राइली सेना ने ईरान के परमाणु ठिकानों और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को निशाना बनाया है। इज़राइल का कहना है कि ये हमला ईरान की उन जगहों पर किया गया है, जहां वो खतरनाक हथियार बना रहा था।
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा कि ये ऑपरेशन तब तक चलेगा, जब तक ईरान से आने वाला खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता। उन्होंने बताया कि इस हमले में ईरान की प्रमुख परमाणु साइट नतांज और उन वैज्ञानिकों को भी निशाना बनाया गया है जो 'ईरानी बम' पर काम कर रहे थे।

क्या है Operation Rising Lion?
ऑपरेशन राइजिंग लायन" इज़राइल का एक बड़ा और सुनियोजित सैन्य अभियान है, जिसका उद्देश्य ईरान की परमाणु हथियार बनाने की पूरी योजना को जड़ से खत्म करना है। इज़राइल का दावा है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा था, और यह न सिर्फ इज़राइल बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक तत्काल और अस्तित्व संबंधी खतरा बन चुका था। इसी को लेकर उसे ये ऑपरेशन चलाना पड़ा।
Operation Rising Lion के मुख्य निशाने
परमाणु संवर्धन (Enrichment) केंद्र
- विशेष रूप से नतांज (Natanz) में स्थित ईरान की मुख्य यूरेनियम संवर्धन सुविधा।
- यहाँ ईरान कथित तौर पर हथियार-ग्रेड यूरेनियम तैयार कर रहा था।
परमाणु वैज्ञानिक और तकनीकी स्टाफ
- वे वैज्ञानिक और इंजीनियर जो "ईरानी बम" प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे।
- चुनिंदा उच्च-स्तरीय व्यक्तियों को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया गया।
बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण इकाइयां
- ईरान की वे फैक्ट्रियाँ जहाँ लंबी दूरी की मिसाइलें बनाई जा रही थीं।
- इन मिसाइलों को परमाणु हथियारों से लैस करने की योजना थी।
सैन्य उत्पादन केंद्र और गोदाम
हथियार भंडारण केंद्र, रिसर्च लैब, और उन ठिकानों पर हमले जहाँ मिसाइल व ड्रोन तैयार किए जा रहे थे।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
वह बुनियादी ढांचा जहाँ से ईरानी सेना अपने रॉकेट सिस्टम और रक्षा रणनीतियों का संचालन करती है।
रडार और एयर डिफेंस सिस्टम
ताकि ईरानी वायु रक्षा को कमजोर किया जा सके और आगे के हमलों के लिए रास्ता साफ हो।
'...तो हमारी अगली पीढ़ी शायद रह ही न पाए'
नेतन्याहू ने कहा, 'अगर हमने अभी कदम नहीं उठाया, तो हमारी अगली पीढ़ी शायद रह ही न पाए। हमें अपनी सुरक्षा के लिए अभी लड़ना होगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान अगले कुछ सालों में 20,000 मिसाइलें बनाने की योजना में था। इज़राइल ने उन फैक्ट्रियों को भी निशाना बनाया है। इज़राइली सेना (IDF) का कहना है कि ये हमले अभी सिर्फ पहला चरण हैं। आगे और कार्रवाई की तैयारी है। इस ऑपरेशन के लिए सेना ने काफी पहले से योजना बनाई थी।












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