Arrow defence system: इजराइल का वो सुरक्षा कवच, जिसे भेद नहीं पाई ईरानी मिसाइलें, जानिए ताकत

What is Arrow defence system: शनिवार (13 अप्रैल) की देर रात, मिसाइलों में हो रही विस्फोटों से इजराइल का आकाश जगमगा रहा था और सायरन की तेज आवाज लोगों को डरा ही थी, कि कहीं कोई मिसाइल उनके घर पर आकर ना गिरे। लेकिन, इजराइल की रक्षा करने के लिए एरो डिफेंस सिस्टम तैनात था।

ईरान ने इज़राइल के खिलाफ एक अभूतपूर्व हमला किया था और देश की वाणिज्यिक राजधानी तेल अवीव, विवादित शहर यरूशलेम और इजराइल के परमाणु संयंत्र वाला रेगिस्तानी शहर डिमोना को निशाना बनाकर 300 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलें दागी गईं थीं।

Arrow defence system

इजराइल के सैन्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने मीडिया से कहा, कि "ईरान ने अपने क्षेत्र से इजराइल के क्षेत्र की ओर यूएवी लॉन्च किए। हम प्रक्षेपणों के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें रोकने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और क्षेत्र में अपने सहयोगियों के साथ निकट सहयोग से काम कर रहे हैं।"

हवाई हमले के बाद, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पुष्टि की, कि दमिश्क हमले के प्रतिशोध में इजराइल के खिलाफ ड्रोन और मिसाइल हमला किया गया है, जिसमें 2 जनरलों समेत 13 सैन्य अधिकारी मारे गये थे। ईरानी गार्ड्स ने कहा, कि धीमी गति से चलने वाले ड्रोन के लगभग एक घंटे बाद बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।

लेकिन, ड्रोन और मिसाइलों की बारिश से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, इजरायल का दावा है, उन्होंने 99 प्रतिशत से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलों को आकाश में ही मार गिराया। रियर एडमिरल हगारी ने टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान में कहा, "ईरानी हमले को नाकाम कर दिया गया है।"

हगारी ने कहा, इजराइल की ओर लॉन्च किए गए किसी भी ड्रोन और क्रूज मिसाइलों ने उसके क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया था, और "केवल कुछ" बैलिस्टिक मिसाइलें इजराइल तक पहुंचीं। उनमें से एक "नेवातिम बेस पर गिरा, जिससे थोड़ा नुकसान पहुंचा है", लेकिन उन्होंने कहा, सैन्य परिसर "अभी भी काम कर रहा है।"

एरो डिफेंस सिस्टम से कैसे बचा इजराइल?

इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम को इजराइल की एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) ने अमेरिकी मिसाइल रक्षा एजेंसी के सहयोग से विकसित किया है। एरो हवाई मिसाइल डिफेंस सिस्टम एक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है, जो इजराइल की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली में मजबूत बनाती है। यह वायुमंडल के बाहर काम करता है और लंबी दूरी की सभी मिसाइलों से लड़ता है।

एरो मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर 1980 के दशक में काम शुरू हुआ था और 90 के दशक में एरो-1 सिस्टम का परीक्षण किया गया। टेस्ट कामयाब रहने के बाद इसे इजरायली सेना में शामिल किया गया।

बाद में साल 2000 में इसका एक हल्का वेरिएंट बनाया गया, जिसे एरो-2 के नाम से जाना जाता है। एरो-2 इजराइल के ऊपरी वायुमंडल में अपने हिट-एंड-किल मुकाबला करने में माहिर था। एरो मिसाइल सिस्टम का काम दुश्मन के मिसाइल को लक्ष्य पर गिरने से पहले ही हवा में मार गिराना है।

साल 2017 में, इजराइल ने एरो-3 सिस्टम भी विकसित कर लिया, जो वायुमंडल में लंबी दूरी के लक्ष्यों को नष्ट कर सकता है। यह हाइपरसोनिक क्षमता से लैस है और एक बहुत बड़े क्षेत्र की रक्षा करता है। इसके अलावा, रणनीतिक स्थलों और बड़ी आबादी वाले क्षेत्रों की व्यापक सुरक्षा प्रदान करने में ये माहिर है। यह लंबी दूरी के खतरों को नष्ट कर सकता है, जिसमें लक्ष्य से बहुत दूर सामूहिक विनाश के हथियार ले जाने वाले खतरे भी शामिल हैं।

इसके अलावा, एरो-3 मिसाइल डिफेंस सिस्टम सभी प्रकार की थिएटर बैलिस्टिक मिसाइलों (टीबीएम) और वॉरहेड के खिलाफ उच्च घातकता प्रदान करता है। इसे AWS बैटरी के साथ एकीकृत किया जा सकता है, जिसमें ग्राउंड-आधारित रडार, और युद्ध मैनेजमेंट सिस्टम और एक लॉन्च कंट्रोल सेंटर शामिल है।

Arrow defence system

बार बार इजराइल की रक्षा करता है एरो डिफेंस सिस्टम

यह पहली बार नहीं है, कि इजराइल ने एरो मिसाइल रक्षा प्रणाली का उपयोग किया गया है। नवंबर 2023 में, इसने यमन में ईरान के प्रॉक्सी संगठनों की तरफ से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था। उस समय, आईएआई के सीईओ और अध्यक्ष बोअज़ लेवी ने कहा था, "एरो सिस्टम ने आज प्रदर्शित किया है, कि इजराइल के पास विभिन्न दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव के लिए सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी है।"

इसका इस्तेमाल 2017 में सतह से हवा में मार करने वाली सीरियाई मिसाइल को मार गिराने के लिए भी किया गया था, जो इजरायली विमान के लापता होने के बाद इजरायली हवाई क्षेत्र में भटक गई थी।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने एरो-2 सिस्टम की वार्षिक विकास लागत का लगभग आधा हिस्सा वित्त पोषित किया है। 2020 तक, एरो वेपन सिस्टम के लिए कुल अमेरिकी वित्तीय योगदान 3.7 अरब डॉलर (31,000 करोड़ रुपये) से ज्यादा हो गया था।

एरो डिफेंस सिस्टम की क्षमता

एरो डिफेंस सिस्टम का रॉकेट मैक-9 यानि करीब 11 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दुश्मनों की मिसाइल को मार गिराने की क्षमता रखता है। इसके साथ ही, इस डिफेस सिस्टम को मिसाइल लॉन्चर, ग्रीन पाइन फायर, कंट्रोल रडार से भी लैस किया गया है।

ग्रीन पाइन रडार, दुश्मन की मिसाइलों को 2400 किलोमीटर दूर से ही पता लगा सकता है और एक साथ दुश्मन के 14 मिसाइलों को रोकने की क्षमता रखता है। इसके साथ ही, ये डिफेंस सिस्टम आकाश में जमीन से 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर दुश्मन के मिसाइल को नष्ट करने में सक्षम है।

इसके अलावा, इजराइल के पास आयरन बीम भी है, जिसे इजराइल विकसित कर रहा है। यह एक नई प्रणाली है, जो लेजर बीम से इजराइल की तरफ आने वाले खतरों से देश की रक्षा करेगा। इजराइल ने कहा है, कि यह प्रणाली गेम चेंजर साबित होगी, क्योंकि मौजूदा प्रणालियों की तुलना में इसे संचालित करना बहुत सस्ता है। हालाँकि, यह अभी तक चालू नहीं हुआ है।

इज़राइल की वायु रक्षा में पैट्रियट मिसाइल सिस्टम भी शामिल है। जो एक अमेरिका में बनाया गया सिस्टम है, और यह इजराइल की मिसाइल-रक्षा प्रणाली का सबसे पुराना सदस्य है - जिसका उपयोग 1991 में प्रथम खाड़ी युद्ध के दौरान उस समय इराक के नेता सद्दाम हुसैन द्वारा दागी गई स्कड मिसाइलों को रोकने के लिए किया गया था। पैट्रियट का उपयोग अब ड्रोन सहित विमानों को मार गिराने के लिए किया जाता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+