रोहिंग्या मुसलमानों का बांग्लादेश ने ऐसा क्या किया इंतजाम, जिससे मानवाधिकार संगठनों में मच गया कोहराम
नई दिल्ली- बांग्लादेश ने हजारों रोहिंग्या मुसलमानों को दूर के एक टापू पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। चिंता जताई जा रही है कि उस टापू पर रोहिंग्या शरणार्थियों की ना तो कोई सुरक्षा का ख्याल रखा गया है और ना ही इतने बड़े पैमाने पर उन्हें वहां भेजने के लिए उनकी सहमति ली गई है। हालांकि, बांग्लादेश सरकार का दावा कि सब कुछ रोहिंग्या मुसलमानों की इच्छा के मुताबिक किया जा रहा है। इस वजह से कई मानवाधिकार संगठन बांग्लादेश की हुकूमत की मंशा को संदेह भरी नजरों से देख रहे हैं कि आखिर एक वीरान टापू पर इन मुस्लिम शरणार्थियों को भेजने के पीछे उसका मकसद क्या है।

रोहिंग्याओं की शिफ्टिंग पर सवाल
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर में रोहिंग्या शरणार्थियों ने उससे कहा था कि वह भाषण चार द्वीप पर शिफ्ट नहीं होना चाहते हैं। लेकिन, शुक्रवार को भी करीब 1,600 रोहिंग्या शरणार्थियों को उनकी मर्जी के बगैर बंगाल की खाड़ी में भाषन चार नाम के एक द्वीप पर भेजा गया है। गौरतलब है कि यह टापू बाढ़-प्रभावित इलाका है। ह्यूमैन राइट्स वॉच ने कहा है कि उसने भेजे जाने वाले 12 रोहिंग्या परिवार से बात की है, लेकिन वह वहां नहीं जाना चाहते थे। उधर संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उसके पास इस इस तरह से शरणार्थियों को शिफ्ट करने की बहुत ही सीमित सूचना है और वह इस प्रक्रिया में शामिल भी नहीं है।

रोहिंग्या परिवारों ने कही जबरन भेजे जाने की बात
55 साल की राशिदा खातून ने अक्टूबर में कहा था कि उनके बच्चे उन शुरुआती 300 शरणार्थियों में शामिल थे, जिन्हें इस साल कई महीनों तक समुद्र के किनारे बांग्लादेश छोड़कर भागने की कोशिश के बीच उनकी इच्छा के बिना भाषन चार द्वीप पर भेज दिया गया। जब संवाददाता अक्टूबर में उस द्वीप पर पहुंचे तो उन्हें वहां पहले से रह रहे शरणार्थियों तक नहीं जाने दिया गया। गुरुवार को 31 साल के एक शख्स ने कॉक्स बाजार से बस से भेजे जाने के दौरान फोन पर रोते हुए कहा, 'ये हमें जबर्दस्ती यहां ले आए हैं। तीन दिन पहले जब मुझे पता चला कि मेरा परिवार लिस्ट में है तो मैं ब्लॉक से भाग गया, लेकिन कल मुझे पकड़ लिया गया और यहां ले आया गया।'

बांग्लादेश सरकार ने जबरन भेजने के आरोपों का किया खंडन
गौरतलब है कि गुरुवार रात को बांग्लादेश के विदेश मंत्री अब्दुल मोमिन ने दावा किया था कि 'सरकार किसी को जबरन भाषन चार नहीं ले जा रही थी। हम इस स्थिति पर कायम हैं।' बांग्लादेश में शरणार्थी मामलों के डिप्टी इंचार्ज मोहम्मद शमशुद दोजा ने भी कहा है कि यह प्रक्रिया स्वैच्छिक है। उन्होंने कहा कि 'वे लोग वहां खुशी से जा रहे हैं। किसी के साथ जबरदस्ती नहीं है। सरकार ने आपात स्थिति समेत उनके वहां आराम से रहने और जीवन जीने के लिए सारे कदम उठाए हैं।' बांग्लादेश सरकार पिछले तीन वर्षों से उस द्वीप पर 35 करोड़ डॉलर लगाकर शरणार्थियों के लिए निर्माण का काम कर रही है। बांग्लादेश सरकार वहां पर 1 लाख से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थियों को भेजना चाहती है, ताकि बांग्लादेश के अंदर के कैंपों में तनाव को कम किया जा सके।

टापू पर रोहिंग्याओं का उत्पीड़न- रिपोर्ट
इस साल के शुरू में एमेनेस्टी इंटरनेशन ने उस टापू पर पहले से रखे गए 306 रोहिंग्याओं को लेकर बहुत ही चौंकाने वाली रिपोर्ट दी थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक वह बहुत ही गंदी जगह पर रहने को मजबूर थे, खाना ठीक से नहीं मिल पाता था, स्वास्थ्य सेवाओं की कोई व्यवस्था नहीं थी, फोन उपलब्ध नहीं था ताकि वह अपने परिवार वालों से संपर्क कर पाएं और ऊपर से बांग्लादेशी नौसेना और स्थानीय मजदूरों से उगाही और यौन उत्पीड़न का शिकार हो रहे थे। हालांकि, बांग्लादेशी नेवी का दावा था कि वह रोहिंग्याओं के साथ मेहमानों जैसा बर्ताव कर रही है।

म्यांमार से शरणार्थी बनकर निकले हैं रोहिंग्या
दरअसल, रोहिंग्या मुसलमान करीब तीन साल पहले तब म्यामांर से भागने को मजबूर हुए थे, जब उनके खिलाफ वहां सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया था। संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ताओं का कहना है कि उस दौरान लगभग 10 हजार रोहिंग्याओं की हत्या कर दी गई थी और 7,30,000 से ज्यादा को शरणार्थी बनाकर वहां से भागने को मजबूर कर दिया गया था। तब से म्यांमार से सटे बांग्लादेश के कॉक्स बाजार के शरणार्थी कैंपों में लाखों रोहिंग्या रह रहे हैं। हजारों की तादाद में रोहिंग्या भारत के शहरों में भी पहुंचे हुए हैं, जिनके चलते कई बार कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो जाती है।
-
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट? -
Hormuz Crisis: ईरान के खिलाफ 20 मजबूत देशों ने खोला मोर्चा, दे दी बड़ी चेतावनी, अब क्या करेंगे मोजतबा खामेनेई -
बिना दर्शकों के खेला जाएगा PSL, मोहसिन नकवी ने की 2 शहरों में आयोजन की घोषणा, किस वजह से लिया यह फैसला? -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी के भाव ने फिर चौंकाया, चढ़ा या गिरा? जानें यहां -
Donald Trump PC Highlights: '48 घंटे के अंदर खोलो Hormuz वरना तबाह कर दूंगा', ट्रंप ने दी ईरान को धमकी -
विराट ने मांगा प्राइवेट जेट? क्या RCB के हर मैच के बाद जाएंगे वापस लंदन? खुद सामने आकर किया बड़ा खुलासा -
Rupali Chakankar कौन हैं? दुष्कर्म के आरोपी ज्योतिषी के कहने पर काट ली थी उंगली! संभाल रहीं थीं महिला आयोग -
Ram Navami 2026 kab hai: 26 या 27 मार्च, राम नवमी कब है? जानें सही तिथि












Click it and Unblock the Notifications