Video: 'क्या आप माफी मांगेंगे?' जमाल खशोगी के 'हत्यारोपी' प्रिंस सलमान से पूछा गया सीधा सवाल
2 अक्टूबर 2018 को पत्रकार जमाल खशोगी कुछ जरूरी कागजात लेने सऊदी दूतावास पहुंचे जहां सिक्योरिटी कैमरे में उन्हें दूतावास बिल्डिंग में जाते हुए देखा गया, लेकिन फिर वो कभी उससे बाहर नहीं निकले।
जेद्दा, जुलाई 16: सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का एनबीसी रिपोर्टर पीटर अलेक्जेंडर के सवाल पर 'मुस्कुराते हुए' का वीडियो वायरल हो गया है, जब उनसे पूछा गया था, कि क्या वो पत्रकार जमाल खशोगी के परिवार से माफी मांगेगे? एनबीसी रिपोर्टर पीटर अलेक्जेंडर ने कहा है कि, जब उन्होंने प्रिंस सलमान से ये सवाल पूछा, तो प्रिंस सलमान ने पहले कुछ सेकंड कोई रिएक्शन नहीं दिया, फिर वो थोड़ मुस्कुरा और तब तक उनके सऊदी सहयोगी ने उनका हाथ कसकर पकड़ लिया। इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

सऊदी क्राउन प्रिंस से तीखा सवाल
सऊदी अरब के पत्रकार जमाल खशोगी को तुर्की के सऊदी अरब वाणिज्य दूतावास में साल 2018 में मार दिया गया था, जब वो कुछ जरूरी कागजात लेने के लिए गये थे और अमेरिका का आरोप है, कि जमाल खशोगी की हत्या क्राउन प्रिंस मोहम्मद सलमान के कहने पर ही गई थी और जो बाइडेन ने भी इस मुद्दे को सऊदी के क्राउन प्रिंस के सामने उठाया है। वहीं, रिपोर्टर पीटर अलेक्जेंडर ने कहा कि मैंने सऊदी क्राउन प्रिंस से सीधा सवाल पूछा था। मैंने उनसे पूछा, कि "जमाल खशोगी के लिए, क्या आप उनके परिवार से माफी मांगेंगे?" मैंने प्रेस पूल स्प्रे के अंत में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सामने ये सवाल पूछा, लेकिन एमबीएस ने हल्की सी एक मुस्कान दी और इस बीच एक सऊदी सहयोगी ने मेरा हाथ कसकर पकड़ लिया। बाइडेन ने सऊदी प्रिंस से कहा कि, वह पत्रकार खशोगी की हत्या के लिए जिम्मेदार हैं।
थैंक्यू कहकर प्रेस मीट किया गया खत्म
वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही सवाल पूछा गया, प्रेस कॉन्फ्रेंस के होस्ट ने 'धन्यवाद दोस्तों' कहकर प्रेस मीट खत्म करने की कोशिश की। वहीं, एक अन्य रिपोर्टर ने पूछा कि, "राष्ट्रपति बाइडेन, क्या सऊदी अरब अभी भी एक 'अछूत' है'। जिसके बाद किसी और रिपोर्टर का प्रश्न नहीं लिया गया और प्रेस कॉन्फ्रेंस को खत्म कर दिया गया और इस दौरान एमबीएस बार बार मुस्कुरा रहे थे। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि, उन्होंने क्राउन प्रिंस के साथ जमाल खशोगी की 2018 की हत्या का मुद्दा उठाया। जेद्दा में सऊदी क्राउन प्रिंस के साथ घंटों बैठक के बाद बाइडेन ने कहा कि, 'मैंने सऊदी अरब के शीर्ष नेताओं के सामने इस मुद्दे को उठाया और मैंने उन्हें बताया, कि मेरा इस मुद्दे पर क्या सोचना है, जिसपर उन्होंने कहा कि, वो व्यक्तिगत रूप से इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं और उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की।' अल अरबिया न्यूज चैनल ने एक अनाम सऊदी अधिकारी का हवाला देते हुए कहा कि, क्राउन प्रिंस ने बाइडेन से कहा कि ऐसी घटना कहीं भी हो सकती है।

कौन थे पत्रकार जमाल खशोगी?
पत्रकार जमाल खशोगी अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट के लिए मासिक कॉलम लिखा करते थे। उनके कॉलम को सऊदी राजपरिवार के खिलाफ माना जाता था। अपने कॉलम में पत्रकार जमाल खशोगी सऊदी सरकारी की नीतियों की जमकर आलोचना किया करते थे और माना जाता है कि क्राउन प्रिंस सलमान की आंखों में पत्रकार जमाल खशोगी खटकने लगे थे, लेकिन पत्रकार जमाल अपनी पत्रकारिता से समझौता करने से मना कर दिया था और बाद में पत्रकार जमाल खशोगी ने सऊदी किंगडम के प्रेशर में आकर सऊदी अरब छोड़ दिया और अमेरिका में शिफ्ट हो गये।

तुर्की स्थित सऊदी दूतावास में जमाल की हत्या
2 अक्टूबर 2018 को पत्रकार जमाल खशोगी कुछ जरूरी कागजात लेने सऊदी दूतावास पहुंचे जहां सिक्योरिटी कैमरे में उन्हें दूतावास बिल्डिंग में जाते हुए देखा गया। वहीं उनकी मंगेतर हैटिस केंगिज काउंसलेट के बाहर उनका इंतजार कर रही थीं। मंगेतर हैटिस केंगिज को पत्रकार जमाल ने कहा था कि अगर उन्हें कुछ भी गड़बड़ लगे तो वो फौरन Yasin Aktay नाम के शख्स को फोन कर ले, जो तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब इर्दुगन के बेहद करीबी हैं। तीन घंटे तक हैटिस केंगिज तुर्की में सऊदी दूतावास के बाहर पत्रकार जमाल खशोगी का इंतजार करती रहीं और जब वो बाहर नहीं निकले तो फिर वो खुद दूतावास में गईं, जहां उन्हें बताया गया कि जमाल खशोगी काफी पहले ही दूतावास के पिछले दरवाजे से बाहर जा चुके हैं। बाद में पता चला था कि, जमाल खशोगी की हत्या कर दी गई है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट, जिसे पिछले साल फरवरी में जारी किया गया था, उसमें कहा गया है कि, सऊदी क्राउन प्रिंस के कहने पर ही जमाल खशोगी को मारा गया था।

अमेरिकी रिपोर्ट में क्या कहा गया?
अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि 'हमारा मानना है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने तुर्की के इस्तांबुल में एक ऑपरेशन को मंजूरी दी थी, जिसका उद्येश्य पत्रकार जमाल खशोगी को जिंदा पकड़ना या फिर मार देना था'। दरअसल, 2018 में तुर्की की राजधानी इस्तांबुल से वाशिंगटन पोस्ट के लिए मासिक कॉलम लिखने वाले पत्रकार जमाल खशोगी के गायब होने और बाद में हत्या का खुलासा होने के बाद से ही अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA को पूरा यकीन था कि हत्याकांड के पीछे सऊदी अरब का शाही परिवार है। बाद में तफ्तीश के बाद सीआईए ने सऊदी अरब के शहजादे की इस हत्याकांड में सीधी भूमिका पाई थी।












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