तालिबान ने पाक के कई गांवों पर किया कब्जा, कई पाकिस्तानी सैनिकों की मौत, तोरखम बॉर्डर सील
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भारी गोलीबारी हुई है। तालिबान ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के चित्राल जिले में कई गांवों पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद तोरखम बॉर्डर को सील कर दिया गया है।
नाम न छापने की शर्त पर द खुरासान डायरी से बात करने वाले एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी के अनुसार, अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और स्थिति को शांत करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं।

टीटीपी के एक प्रमुख कमांडर ने कहा, "टीटीपी द्वारा चित्राल जिले में एक ऑपरेशन शुरू किया गया है और विभिन्न गांवों पर कब्जा कर लिया गया है। यह आज सुबह 4 बजे (पाकिस्तान समय) शुरू हुआ। हम तस्वीरें साझा करेंगे। वर्तमान में, हमारे पास खराब इंटरनेट समस्या है।"
पाकिस्तानी तालिबान ने बुधवार को उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में अफगान सीमा के करीब एक क्षेत्र में दो सैन्य चौकियों पर कब्जा करने और छह सैनिकों को मारने का दावा किया।
एक्स पर अन्य पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि डूरंड लाइन पर पाकिस्तानी सेना और टीटीपी के बीच झड़पें हुईं, जिसके परिणामस्वरूप तोरखम सीमा पार करना बंद हो गया। एक्स पर मौजूद पोस्ट में दावा किया गया कि झड़पों में पाकिस्तानी सेना के कई जवान मारे गए हैं।
एक्स पर विभिन्न अपुष्ट वीडियो में टीटीपी सेना को चित्राल जिले में प्रवेश करते हुए दिखाया गया है। असत्यापित वीडियो में कई सैनिकों को भी दिखाया गया है जिन्हें पकड़ लिया गया है।
टीटीपी के प्रवक्ता मुहम्मद खुरासानी ने स्थानीय मीडिया को जारी एक बयान में कहा, "हम चित्राल के लोगों से कहना चाहते हैं कि आप शांत रहें। आपको कोई नुकसान नहीं होगा। हमारी लड़ाई कब्जा करने वाली और दमनकारी सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ है।"
पाकिस्तानी मीडिया में इसे लेकर चुप्पी बरकरार है। आधिकारिक तौर पर पाकिस्तानी अधिकारियों ने भी इस पर कोई बयान नहीं दिया है। हालांकि, एक वरिष्ठ पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी ने खोरासाना डेयरी से बात करते हुए टीटीपी द्वारा किए गए दावों को खारिज कर दिया और दावा किया कि आतंकी संगठन के आतंकवादियों ने किसी भी क्षेत्र पर कब्जा नहीं किया है।
अगस्त 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से ही दोनों मुल्कों के बीच रिश्ते सामान्य नहीं हैं। इससे पहले भी दोनों देशों में मुठभेड़ की खबरें आती रही हैं।
फरवरी 2023 में भी दोनों के बीच तोरखम बॉर्डर सील हुआ था। हालांकि ये विवाद पाक और अफगान संबंधों में भारी गिरावट के बाद हुआ था। तोरखम सीमा पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों के लिए प्रमुख व्यापारिक मार्ग है। हर साल लाखों लोग इसका उपयोग करते हैं।
अफगान शासन ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान समझौते का पालन नहीं कर रहा है वह वह अफगान मरीजों व उनके तीमारदारों को बिना दस्तावेज दिखाए पाकिस्तान में दाखिल नहीं होने दे रहा है।
इसके पहले 12 दिसंबर 2022 को फायरिंग में 7 पाकिस्तानी मारे गए थे। अफगानिस्तान में भी एक व्यक्ति की मौत हुई थी। नवंबर 2022 में भी बॉर्डर पर दोनों देशों के बी कई दिनों तक लगातार फायरिंग हुई थी। इसकी वजह से दोनों तरफ काफी नुकसान हुआ था।
बीते साल अप्रैल में पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के खोस्त और कुनार में एयरस्ट्राइक कर तालिबान के 36 लोगों को मार दिया था। हालांकि पाकिस्तान ने एयरस्ट्राइक की बात को कभी स्वीकार नहीं किया। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान तालिबान पाकिस्तान की सीमा में आतंकी भेज रहे हैं और ये टेरेरिस्ट पाकिस्तान में हमले करते हैं।
आपको बता दें कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान एक सीमा के जरिए अलग होते हैं। इसे डूरंड लाइन कहा जाता है।
पाकिस्तान इसे बाउंड्री लाइन मानता है, लेकिन तालिबान का साफ कहना है कि पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा राज्य उसका ही हिस्सा है। पाकिस्तानी सेना ने यहां कांटेदार तार से फेंसिंग की है।












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