• search

वुसतुल्लाह खान का ब्लॉग: 'शरीफ़ के बयान पर भारतीय मीडिया का भंगड़ा क्यों बेकार'

By Bbc Hindi
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    नवाज़ शरीफ़
    Getty Images
    नवाज़ शरीफ़

    पाकिस्तानी अख़बार 'डॉन' में दो रोज़ पहले भूतपूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ का इंटरव्यू क्या छपा कि भारतीय टीवी चैनलों ने एक टांग पर भंगड़ा शुरू कर दिया और पाकिस्तानी चैनलों के मुंह से झाग निकलने लगी.

    दोनों तरफ़ का सोशल मीडिया भी अपने अपने हिसाब से पगला गया और एक से दूसरी डाल पर छलांग मारने वाला लंगूर बन गया.

    नवाज़ शरीफ़ ने डॉन के इंटरव्यू में बहुत-सी बातें कहीं. उनमें ये भी थी, 'हमारे यहां हथियारबंद गुट मौजूद हैं, आप उन्हें नॉन स्टेट एक्टर्स कह लें. क्या ऐसे गुटों को बॉर्डर क्रॉस करने देना चाहिए कि वे मुंबई जाकर डेढ़ सौ लोग मार दें. समझाएं मुझे. आप बताएं कि आतंकवादियों के ट्रायल मुक़म्मल क्यों नहीं हो रहे. ऐसा नहीं होना चाहिए. हम इसी कोशिश में थे. हम दुनिया से कट के रह गए हैं. हमारी बात नहीं सुनी जाती.'

    अब कोई बताए कि नवाज़ शरीफ़ के इस उत्तर में ऐसा कहां है, जो भारतीय मीडिया ले उड़ा कि मुंबई हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ है और नवाज़ शरीफ़ ने भांडा फोड़ दिया है. या पाकिस्तानी मीडिया और सोशल मीडिया ने गला फाड़ लिया, ग़द्दार, देशद्रोही, गंजा इत्यादि इत्यादि.

    मुशर्रफ के एनएसए ने भी यही कहा था

    परवेज़ मुशर्ऱफ
    Getty Images
    परवेज़ मुशर्ऱफ

    ये बात तो मुंबई हमलों के फौरन बाद परवेज़ मुशर्रफ़ के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइज़र जनरल महमूद अली दुर्रानी ने भी कही थी कि मुंबई हमले करने वाले नॉन स्टेट एक्टर ने भारतीय सीमा पार की. इस पर जनरल मुशर्रफ ने दुर्रानी साहब को बरतरफ़ कर दिया और फिर आठ साल बाद एक पाकिस्तानी चैनल को इंटरव्यू देते हुए ख़ुद कह दिया कि एक ज़माना था कि तालिबान हों कि अयमन अल-ज़वाहिरी के लश्कर-ए-तैयबा- ये सब हमारे हीरो थे, लेकिन अब ज़माना बदल चुका है.

    मरकज़ में पीपुल्स पार्टी सरकार के गृहमंत्री रहमान मलिक ने 2012 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि चार्जशीट मुक़म्मल हो गई है और मुंबई हमलों के ज़िम्मेदारों के ख़िलाफ ट्रायल में तेज़ी लाई जाएगी. इमरान ख़ान ने भी एक इंटरव्यू में कहा था कि हो सकता है कि मुंबई हमलों में शामिल लोग सीमा के इस तरफ़ से गए हों.

    तो अब नवाज़ शरीफ़ ने वही पुरानी बातें दोहराकर ऐसा क्या नया बम फोड़ दिया कि दिल्ली से इस्लामाबाद तक हाहाकार तक मची पड़ी है, जैसे पहली बार पता चला हो.

    मुंबई के ताज होटल में चरमपंथियों ने कई लोगों को बंधक बना लिया था
    Getty Images
    मुंबई के ताज होटल में चरमपंथियों ने कई लोगों को बंधक बना लिया था

    अपन की समझ में तो यही आता है कि पाकिस्तान में चुनाव होने वाला है और इंडिया भी चुनाव के बुख़ार में दाख़िल होने वाला है. ये सीज़न ऐसा होता है कि ख़बर और ख़ुलासे के नाम पर हर टूटा बर्तन, लंगड़ी कुर्सी, चिरा बांस, उधड़ी शेरवानी, फंफूद लगी सब्ज़ी, गला-सड़ा फल मीडिया कौड़ियों के भाव ख़रीदकर जनता और नेता को ताज़ा सूचना बताकर महंगे दामों पर बेचता है.

    और नहीं तो ऐसी ख़बर के सहारे कम से कम दो चार दिन की देहाड़ी ही हाथ लग जाती है. कल ख़ुदा और कोई उतरन थमा देगा.

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    BBC Hindi
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Vusatullah Khans blog Why waste of Indian media on Sharifs statement

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X