Video: बीजिंग में OBOR के लिए व्लादीमिर पुतिन और पियानो पर उनकी दोस्ती की धुन
वन बेल्ट वन रोड समिट में चीन की राजधानी बीजिंग में शिरकत करने के लिए पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के घर पर बजाया पियानो।
मॉस्को। अभी तक आपने रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन को साइबेरिया में शर्टलेस अवतार में घुड़सवारी करते देखा, अप्रवासर पक्षियों के साथ हैंडग्लाइडर का पायलट बनते देखा है, डॉल्फिन के साथ स्विमिंग और जूडो कराटे करते देख और साथ ही बाइकल झील और ब्लैक सी की गहराईयों में डइविंग करते देखा है, लेकिन आपने क्या उन्हें पियानो बजाते देखा है। चीन में राष्ट्रपति पुतिन ने यह करके भी दुनिया को दिखा दिया है।

जिनपिंग का इंतजार कर रहे थे पुतिन
रविवार को चीन की राजधानी बीजिंग में वन बेल्ट वन रोड पर एक समिट का आयोजन किया गया था। पुतिन इसी समिट में हिस्सा लेने के लिए बीजिंग पहुंचे थे। यहीं पर उन्होंने एक बेहतरीन पियोन प्लेयर के तौर पर अपनी क्षमता से लोगों को रूबरू करवाया। वह एक गेस्ट हाउस में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजरें पियोनो पर गई और बस वह पहुंच गए इस पर अपनी उंगलियां थिरकाने के लिए लिए। पुतिन ने दो ट्यून्स बजाईं जिनमें से एक थी-वासिली सोलोवीयोव का 'इवनिंग सॉन्ग' और दूसरा था टिकहॉन खेरेइनीकोव का 'मॉस्को विंडोज'। दोनों ही गाने 50 के दशक के अंतिम दौर के हैं। 64 वर्ष के पुतिन उस समय बच्चे थे और सोवियत यूनियन स्टालिन की छाया से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था जिनकी मौत वर्ष 1953 में हो गई थी। 'इवनिंग सॉन्ग' को वर्ष 1957 में एलेक्जेंडर शरकिन ने लिखा था और इसे सेंट पीटर्सबर्ग का अनाधिकारिक गीत है। वहीं 'मॉस्को विंडो' दोस्ती पर आधारित एक गीत है।
भारत ने किया OBOR का बायकॉट
वर्ष 2010 में भी पुतिन ने 'ब्लूबेरी हिल्स' गाने पर परफॉर्म किया था और इसके बाद वर्ष 2014 में भी उन्होंने मॉस्को इंजीनियरिंग फिजिक्स इंस्टीट्यूट में 'मॉस्को विंडो' गीत पर परफॉर्म किया था। भारत ने ओबीओआर का बायकॉट कर दिया है और रूस के राष्ट्रपति पुतिन बीजिंग इस समिट के लिए पहुंचे थे। पुतिन यहां पर जिनपिंग के साथ 1.35 ट्रिलियन डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर चर्चा के लिए मौजूद थे। बताया जा रहा है कि ओबीओआर करीब 60 देशों को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यहां से पुतिन और जिनपिंग की दोस्ती नया मोड़ लेगी? यह बात इसलिए और अहम है क्योंकि पाकिस्तान इस बात का दावा कर चुका है कि रूस, चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा बनना चाहता है।












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