Usha Vance: पति जेडी वेंस के शपथ समारोह में छाईं भारतीय मूल की ऊषा वेंस,'गुलाबी हसीना' नाम से वायरल!

Usha Vance: क्या आपने कभी सोचा है कि भारतीय मूल की महिला अमेरिकी राजनीति में इतनी बड़ी छाप छोड़ सकती हैं? जी हां, हम बात कर रहे हैं ऊषा वेंस की, जो अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी हैं। हाल ही में, उनके पति के शपथ ग्रहण समारोह में ऊषा ने अपनी खूबसूरती और गरिमा से सबका दिल जीत लिया।

ऊषा वेंस का शपथ ग्रहण समारोह में अपने पति को गर्व से देखना हर किसी के दिल को छू गया। सोशल मीडिया पर इस भावुक पल ने खूब सुर्खियां बटोरीं। समारोह में ऊषा ने गुलाबी रंग का खूबसूरत परिधान पहना, जिसे देखकर लोग उनकी तुलना जैकी कैनेडी से करने लगे। उनकी प्यारी मुस्कान और आत्मविश्वास ने सभी का ध्यान खींचा।

Usha Vance

Who is Usha Vance: कौन हैं ऊषा वेंस?

ऊषा वेंस एक भारतीय मूल की अमेरिकी महिला हैं, जिनकी जड़ें आंध्र प्रदेश से जुड़ी हैं। उनका जन्म 1986 में सैन डिएगो, अमेरिका में हुआ। ऊषा ने येल यूनिवर्सिटी से इतिहास में स्नातक और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। आज वह एक प्रतिष्ठित वकील और अपनी बुद्धिमत्ता के लिए जानी जाती हैं।

जेडी वेंस की सफलता में ऊषा का योगदान

ऊषा वेंस ने न सिर्फ अपने परिवार बल्कि अपने पति की राजनीतिक यात्रा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जेडी वेंस की चर्चित किताब 'हिलबिली एलेजी' में उनके विचारों को व्यवस्थित करने में ऊषा ने काफी मदद की। यह किताब अमेरिकी समाज के कई पहलुओं को उजागर करती है और जेडी को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में मददगार रही।

शानदार फैशन सेंस ने किया प्रभावित

ऊषा न केवल बुद्धिमान हैं, बल्कि उनका फैशन सेंस भी कमाल का है। शपथ ग्रहण के दिन उन्होंने गुलाबी परिधान से सबका मन मोह लिया। बाद में नेशनल गैलरी डिनर में उन्होंने ऑस्कर डे ला रेंटा का ब्लैक वेलवेट गाउन पहना, जो उनके व्यक्तित्व को और निखारता दिखा।

भारतीय मूल की महिला का अमेरिकी राजनीति में प्रभाव

ऊषा वेंस भारतीय और अमेरिकी संस्कृति का बेहतरीन मेल हैं। उन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। वह भारतीय मूल की उन महिलाओं में से हैं, जिन्होंने दुनिया को यह दिखाया कि भारतीय महिलाएं हर क्षेत्र में चमक सकती हैं।

ऊषा वेंस सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक प्रेरणा हैं। उनकी कहानी बताती है कि भारतीय मूल की महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से विश्व मंच पर बड़ा योगदान दे सकती हैं। उनके इस सफर ने हर भारतीय को गर्वित किया है।

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