Cluster Munitions: यूक्रेन को विनाशकारी क्लस्टर बम की सप्लाई करेगा US, जानें क्यों दुनिया में लगा है प्रतिबंध?
What is Cluster Munitions: संयुक्त राज्य अमेरिका ने पुष्टि की है, कि वह नए सैन्य सहायता पैकेज के हिस्से के रूप में यूक्रेन को क्लस्टर युद्ध सामग्री की आपूर्ति करेगा। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका का बाइडेन प्रशासन रूस के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए विवादित हथियारों की सप्लाई यूक्रेन को करेगा।
क्लस्टर हथियार को पूरी दुनिया में बैन कर दिया गया है और उसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है, फिर भी अमेरिका ने रूस के खिलाफ यूक्रेन को क्लस्टर हथियार सौंपने का फैसला किया है। ऐसे में माना जा रहा है, कि रूस की जवाबी कार्रवाई भी काफी विध्वंसक होने वाली है। लिहाजा, आपका जानना जरूरी हो जाता है, कि क्लस्टर हथियार क्या होते हैं और उसपर क्यों दुनियाभर में प्रतिबंध लगा हुआ है।

क्लस्टर युद्ध हथियार क्या है?
क्लस्टर युद्ध सामग्री, जिसे क्लस्टर बम भी कहा जाता है, ऐसे कनस्तर होते हैं, एक बार में सैकड़ों छोटे-छोटे बम ले जा सकते हैं। इन कनस्तरों को फाइटर जेट से दुश्मनों पर गिराया जा सकता है, या मिसाइल से छोड़ा जा सकता है। वहीं, तोपखाने या नौसैनिक बंदूकों या रॉकेट लॉन्चरों से भी क्लस्टर बम को दागा जा सकता है।
क्लस्टर बम को किसी क्षेत्र में गिराने के लिए उसे पहले एक निश्चित ऊंचाई पर ले जाता जाता है और फिर उसे गिरा दिया जाता है। जिसके बाद सैकड़ों छोटे छोटे बम उस क्षेत्र में फैल जाते हैं और फिर धमाके होने लगते हैं। वे जमीन के करीब या जमीन पर विस्फोट करने के लिए एक टाइमर द्वारा जुड़े हुए हैं, जिससे धमाके के साथ सैकड़ों की संख्या में छर्रे काफी तेज रफ्तार के साथ फैलने लगते हैं और भारी संख्या में सैनिकों की मौत जाती है।
यूक्रेन को किस तरह का क्लस्टर बम देगा यूएस?
CNN के मुताबिक, अमेरिका के पास क्लस्टर युद्ध सामग्री का भंडार है जिसे डीपीआईसीएम या दोहरे उद्देश्य वाले बेहतर पारंपरिक युद्ध सामग्री के रूप में जाना जाता है, जिसे वह 2016 के बाद इस्तेमाल नहीं कर रहा है।
अमेरिकी सेना की ईआर्मर वेबसाइट पर एक लेख के मुताबिकस, वाशिंगटन कीव को जो डीपीआईसीएम देगा, उसे 155 मिमी हॉवित्जर से दागा जा सकता है, जिसमें प्रत्येक कनस्तर में 88 बम होंगे। प्रत्येक बम की घातक सीमा लगभग 10 वर्ग मीटर की है, इसलिए एक कनस्तर बम करीब 30,000 वर्ग मीटर (लगभग 7.5 एकड़) तक के क्षेत्र को कवर कर सकता है, हालांकि, यह उस ऊंचाई पर निर्भर करेगा, जिस ऊंचाई से इसे गिराया जाएगा।
डीपीआईसीएम में बमों का निर्माण इस तरह से किया है, जो एक टैंक या बख्तरबंद वाहन को ध्वस्त करने की क्षमता रखता है। हालांकि, एक टैंक या बख्तरबंद वाहन को ध्वस्त होने के लिए ये जरूरी है, कि कम से कम 10 बम हमला करे।

क्लस्टर युद्ध सामग्री क्या हैं?
क्लस्टर युद्ध सामग्री में कई तरह के विस्फोटक होते हैं, जिन्हें कई फुटबॉल मैदानों के आकार तक के क्षेत्र में छोड़ा जाता है। इन्हें विमान से गिराया जा सकता है या ज़मीन या समुद्र से छोड़ा जा सकता है।
फरवरी 2022 में मॉस्को की सेनाओं के आक्रमण के बाद से यूक्रेन और रूस, दोनों ने क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया है। हाल ही में, यूक्रेनी सेनाओं ने युद्ध के मैदान में तुर्की से मिलेत क्लस्टर हथियारों का उपयोग करना शुरू किया है। लेकिन, यूक्रेनी अधिकारी पिछले साल से अमेरिका से क्लस्टर युद्ध सामग्री देने के लिए दबाव डाल रहे हैं। यूक्रेन का मानना है, कि अमेरिकी क्लस्टर बम काफी ज्यादा घातक हैं, जो सही भी है।
अमेरिकी क्लस्टर बम रूसी सैनिकों में तबाही मचा सकती है, लिहाजा माना जा रहा है, कि क्लस्टर बम का इस्तेमाल होने के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध काफी विध्वंसक हो सकता है और ये अपनी हर सीमा को पार सकता है।
क्लस्टर बम को क्यों किया गया है बैन?
क्लस्टर बम बहुत बड़े क्षेत्र में गिरते हैं और एक बार जमीन पर गिरने के बाद इसे नियंत्रित नहीं किया जा सकता है, लिहाजा ये बम किसी को भी निशाना बना सकते हैं। लिहाजा, आम नागरिकों को क्लस्टर बमों से सबसे ज्यादा खतरा होता है, क्योंकि युद्ध के मैदान में सैनिक अपनी रक्षा के लिए तैयार रहते हैं।
इसके अलावा, रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति के अनुसार, लगभग 10% से 40% बम गिरने के बाद फूटते नहीं है। जो बम नहीं फूटते हैं, उनको लेकर आशंका बनी रहती है, कि युद्ध खत्म होने के बाद भी वो कई सालों के बाद अचानक फूट सकते हैं, या फिर ऐसे बमों का इस्तेमाल आतंकवादी ताकतें भी कर सकती हैं।
क्लस्टर म्यूनिशन गठबंधन के मुताबिक, लाओस और वियतनाम युद्ध के 50 साल बीतने के बाद भी क्लस्टर बम अभी भी मिल रहे हैं और वो खतरा पैदा करते रहते हैं।

क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कहां-कहां हुआ है?
क्लस्टर म्यूनिशन गठबंधन के अनुसार, क्लस्टर हथियारों का उपयोग द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से और उसके बाद तीन दर्जन से ज्यादा युद्धों में किया गया है। गठबंधन का कहना है कि अमेरिका ने आखिरी बार 2003 से 2006 तक इराक में हथियारों का इस्तेमाल किया था।
यूएस सेंट्रल कमांड के 2017 के एक बयान के अनुसार, अमेरिकी सेना ने नागरिकों के लिए खतरा पैदा करने के कारण 2016 में उन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाना शुरू कर दिया था। लेकिन, अब एक बार फिर से यूक्रेन को सौंपा जा रहा है, जिससे विवाद शुरू हो गये हैं।












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