एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, सुंदर पिचाई.. भारत में चुनाव से पहले अमेरिकी सीनेटर ने इन्हें क्यों लिखी चिट्ठी?
Election in India 2024: अमेरिकी राजनीति के एक प्रमुख नेता और अमेरिकी चुनावों की देखरेख करने वाली सीनेट इंटेलिजेंस और नियम समितियों के सदस्य सीनेटर माइकल बेनेट ने भारत में आगामी चुनावों को लेकर अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनियों से तैयारियों को लेकर जानकारी मांगी है।
सीनेटर माइकल बेनेट ने प्रमुख अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनियों को शुक्रवार को एक पत्र लिखा है, जिसमें चुनाव को लेकर तमाम तैयारियों को लेकर जानकारी मांगी गई है।

मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप सहित सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के भारत में भ्रामक और झूठी सामग्री को बढ़ावा देने के इतिहास को देखते हुए, सीनेटर माइकल बेनेट उन उपायों पर इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से स्पष्टता चाहते हैं, कि इन मुद्दों को हल करने के लिए क्या उपाय किए गये हैं।
अमेरिकी सीनेटर ने मांगी जानकारी
अमेरिकी सीनेटर ने उस वक्त सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को चिट्ठी लिखी है, जब भारत में चुनावों की घोषणा की गई है। सीनेटर माइकल बेनेट ने अल्फाबेट, मेटा, टिकटॉक और एक्स के नेताओं को संबोधित करते हुए लिखी चिट्ठी में भारत में चुनावों की तैयारी के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी मांगी है।
चुनावी प्रक्रियाओं के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफार्म की तरफ से फैलाए गये खतरों को किस तरह से संबोधित किया गया है, उन सभी उपायों को बताने के लिए कहा है। सीनेटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्स से ये भी पूछा है, कि चुनाव से पहले भारी संख्या में डीप फेक वीडियो, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से फर्जी जानकारियों वाले वीडियो और मॉडल बनाए गये हैं, जिसकी पहचान करना काफी मुश्किल है, लिहाजा ऐसे वीडियो की पहचान करने के लिए क्या कदम उठाए गये हैं।
सीनेटर ने कहा है, कि मॉडर्न टेक्नोलॉजी से किसी के लिए भी ऐसे वीडियो बनाना और उन्हें प्रसारित करना काफी आसान हो जाता है, जिसपर कड़ी नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि इससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और राजनीतिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण खतरा पैदा हो गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ये चिट्ठी एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग और सुंदर पिचाई को लिखे गये हैं।
आपको बता दें, कि इस साल 70 से ज्यादा देशों में लोकसभा चुनाव हो रहे हैं और साल 2024 को लोकतंत्र का वर्ष कहा जा रहा है। इस साल ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, क्रोएशिया, यूरोपीय संघ, फिनलैंड, घाना, आइसलैंड, भारत, लिथुआनिया, नामीबिया, मैक्सिको, मोल्दोवा, मंगोलिया, पनामा, रोमानिया, सेनेगल, दक्षिण अफ्रीका, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में चुनाव हो रहे हैं।

भारत को लेकर चिट्ठी में कहा गया है, कि "दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में, मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप सहित देश के प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का भ्रामक और झूठी सामग्री को बढ़ावा देने का एक लंबा ट्रैक रिकॉर्ड है। राजनीतिक अभिनेता, जो अपने लाभ के लिए जातीय आक्रोश को बढ़ावा देते हैं, उन्हें आपके प्लेटफार्मों पर दुष्प्रचार नेटवर्क तक आसान पहुंच मिल गई है।"
चिट्ठी में आगे सीनेटर बेनेट ने उनकी नई नीतियों और भारत चुनावों के लिए आवेदन करने वाले लोगों के विवरण के बारे में पूछा। 2024 के भारतीय चुनाव की तैयारी के लिए आपने क्या, यदि कोई हो, नई नीतियां बनाई हैं? आप वर्तमान में असमिया, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगु, उर्दू, बोडो, संथाली, मैथिली में कितने कंटेंट मॉडरेटर नियुक्त करते हैं? सीनेटर ने इन सभी कामों शामिल होने वाले लोगों की लिस्ट इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मांगी है।












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