US Secretary India Visit: युद्ध के बीच 'ट्रंप के वॉर मिनिस्टर' का अचानक भारत दौरा, किन मुद्दों पर चर्चा
US Secretary of War India Visit: ईरान में जारी युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के बीच अमेरिकी रक्षा नीति के प्रमुख रणनीतिकार इल्ब्रिज कोल्बी अपनी पहली भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। ट्रंप प्रशासन के तहत 'अंडर सेक्रेटरी ऑफ वॉर' की यह यात्रा भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है।
हाल के दिनों में टैरिफ विवाद के कारण दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट आई थी, लेकिन अब अमेरिका फिर से भारत के साथ सैन्य और तकनीकी सहयोग बढ़ाना चाहता है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लंबित हथियार सौदों को मंजूरी देना और आपसी भरोसे को मजबूत करना है।

टैरिफ विवाद के बाद रिश्तों में नई गर्माहट
ईरान युद्ध से पहले अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगा दिया था, जिससे रिश्तों में तनाव आ गया था। अब ट्रंप प्रशासन ने इसे घटाकर 18% कर दिया है और भारत के साथ व्यापारिक व सैन्य संबंधों को सुधारने की पहल की है।
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जेट इंजन डील और तकनीकी देरी पर चर्चा
भारत के तेजस फाइटर जेट के लिए GE F414 इंजन की तकनीक मिलना बेहद जरूरी है। अमेरिका इस डील में देरी कर रहा है। कोल्बी की इस यात्रा में इस इंजन के भारत में निर्माण (HAL के साथ मिलकर) और तकनीक हस्तांतरण पर गंभीर बातचीत होने की उम्मीद है।
प्रमुख हथियार सौदे और निगरानी विमान
भारतीय नौसेना के लिए बोइंग से 6 अतिरिक्त P-8I समुद्री निगरानी विमान खरीदने पर विचार चल रहा है। इसके अलावा, सीमा सुरक्षा के लिए ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम को मिलकर बनाने पर भी दोनों देशों के बीच सहमति बन सकती है।
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INDUS-X और रक्षा उद्योग का विस्तार
कोल्बी INDUS-X जैसे मंचों को फिर से सक्रिय करना चाहते हैं। इसका मकसद भारतीय और अमेरिकी निजी कंपनियों को एक साथ लाना है ताकि अत्याधुनिक हथियारों का उत्पादन भारत में ही किया जा सके और दोनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़े।
क्वाड और चीन पर बदलता नजरिया
चीन के खिलाफ बने 'क्वाड' समूह की बैठक लंबे समय से नहीं हुई है और ट्रंप के चीन के प्रति नरम रुख ने चिंता बढ़ा दी है। कोल्बी की यात्रा से यह साफ होगा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका, भारत को कितनी अहमियत देता है।












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