Iran Vs America: खत्म होने वाला है ईरान-इजराइल युद्ध! ट्रंप के बाद अब मोजतबा खामेनेई भी बातचीत के लिए तैयार
Iran Vs America War: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच अब शांति की उम्मीद जगी है। 24 मार्च 2026 को इस जंग के 25वें दिन कुछ ऐसी खबरें आई हैं जो राहत देने वाली हैं। एक तरफ जहां भारी गोलाबारी और हमले हो रहे थे, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक गलियारों में बातचीत का रास्ता खुलता दिख रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के रुख में नरमी देखी जा रही है। दोनों ही नेता अब विनाशकारी युद्ध को और लंबा खींचने के बजाय समझौते की मेज पर आने के संकेत दे रहे हैं।

खामेनेई और ट्रंप के बीच समझौते की आहट
सऊदी मीडिया के अनुसार, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई अब अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। रिपोर्ट बताती है कि उन्होंने जंग खत्म करने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिन्हें अगर माना गया तो युद्ध रुक सकता है। दूसरी तरफ, डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के साथ सकारात्मक चर्चा का जिक्र किया है। ट्रंप ने सद्भावना के तौर पर ईरान के पावर प्लांटों पर होने वाले हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए रोक दिया है।
ये भी पढे़ं: Iran America War: किसने दिया था ईरान पर हमले का आइडिया? डोनाल्ड ट्रंप ने खुद कर दिया खुलासा
Donald Trump Iran Peace: मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका
इस बड़े संकट को टालने के लिए पाकिस्तान एक अहम पुल का काम कर रहा है। पाकिस्तान की सेना और सरकार दोनों ही अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिफ मुनीर से फोन पर बात की, जिसमें मुख्य मुद्दा ईरान युद्ध ही था। पाकिस्तान अपनी भौगोलिक स्थिति और दोनों देशों से संबंधों का फायदा उठाकर इस दुश्मनी को कम करने की पूरी कोशिश कर रहा है।
ये भी पढ़ें: US Iran War: कौन रुकवाएगा अमेरिका-ईरान की जंग? भारत, पाकिस्तान या तुर्की? किसे मिलेगा क्रेडिट?
Israel Iran War News: इस्लामाबाद में हो सकती है गुप्त बैठक
खबरें आ रही हैं कि इसी हफ्ते पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस बारे में ईरान के राष्ट्रपति को पूरी जानकारी दे दी है। अगर यह बैठक सफल रहती है, तो यह मध्य पूर्व में शांति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा। पूरी दुनिया की नजरें अब इस्लामाबाद पर टिकी हैं कि वहां से क्या नतीजा निकलता है।
ये भी पढे़ं: Iran America War: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से की बात,किन मुद्दों पर हुई बात
शांति की कोशिशों के पीछे के कारण
युद्ध के 25 दिनों में दोनों पक्षों को काफी आर्थिक और बुनियादी नुकसान हुआ है। ईरान के ऊर्जा क्षेत्र पर मंडराते खतरे और इजराइल-अमेरिका की सैन्य सक्रियता ने वैश्विक तेल बाजार को भी प्रभावित किया है। ट्रंप अपनी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के तहत इस खर्च को कम करना चाहते हैं, वहीं ईरान के नए नेतृत्व के लिए अपनी सत्ता को स्थिरता देना प्राथमिकता है। यही कारण है कि अब दोनों पक्ष 'जीत-हार' के बजाय 'समझौते' का रास्ता तलाश रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications