वैक्सीन ले चुके छात्र और शिक्षकों को मास्क से मुक्ति, पर कई सिरदर्द से जूझ रहे US के स्कूल
अमेरिका में वैक्सीन ले चुके छात्रों और शिक्षकों को मास्क लगाने अनिवार्यता खत्म कर दी गई है, लेकिन अमेरिकन स्कूलों के सामने कई बड़े सिरदर्द हैं।
वॉशिंगटन, जुलाई 10: अमेरिका में स्कूलों के लिए सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंन्सन ने शुक्रवार को नई गाइडलाइंस जारी करते हुए वैक्सीन लगवा चुके टीचर्स और छात्रों के लिए मास्क की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अमेरिका में स्कूली बच्चों और छात्रों के लिए ये फैसला तब लिया गया है, जब नेशनल वैक्सीनेशन स्कीम के तत 12 साल के बच्चों को भी वैक्सीन लगाने का प्रोग्राम शुरू कर दिया गया है। वैक्सीनेशन का साफ असर अमेरिका में अब देखा जा रहा है, जब कोरोना वायरस से गंभीर बीमारों की तादाद अब काफी कम हो चुकी है, वहीं वायरस की चपेट में जान गंवाने वालों की संख्या भी अब काफी कम हो चुकी है। जिसके बाद अमेरिका में अब स्कूल-कॉलेज खुल चुके हैं, लेकिन स्कूलों के सामने कई बड़े सिरदर्द आ गये हैं।

वैक्सीन के बाद मास्क से आजादी
सीडीसी टास्क फोर्स के प्रमुख एरिन सौबर-शत्ज़ ने कहा कि 'हम अब कोरोना महामारी के उस मोड़ पर हैं, जो काफी दिलचस्प है और हम सब उत्साहित हैं, लिहाजा अब कोरोना गाइडलाइंस को अपडेट करने का वक्त आ गया है। हमने अमेरिकियों को महामारी से बचाने के लिए गाइडलाइंस में कुछ परिवर्तन किए हैं।' अमेरिका की शीर्ष सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने स्कूलों को सिर्फ वैक्सीन लेने वाले टीचर्स और छात्रों को आने की इजाजत देने को लेकर कोई गाइडलाइंस नहीं दी है, लेकिन ऐसे में दिक्कत इस बात को लेकर है, कि आखिर ऐसे में पता कैसे चल पाएगा कि किस छात्र ने वैक्सीन ली है या फिर किस टीचर ने वैक्सीन की खुराक ली है। लिहाजा, जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के पब्लिक हेल्थ प्रोफेसर एलिजाबेथ स्टुअर्ट ने कहा कि ''अभी कुछ दिनों के लिए स्कूलों के लिए चुनौतीपूर्ण वातावारण रहेगा, लेकिन धीरे धीरे सब सुलझ जाएगा''। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

स्कूलों के सामने सिरदर्द
अमेरिकन स्कूल खुलने लगे हैं, लेकिन अब स्कूलों के सामने नई चुनौतियां हैं। सबसे बड़ी दिक्कत है कि स्कूलों के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग को कैसे पालन करवाया जाए और किसे मास्क पहनना है और किसे मास्क नहीं लगाना है, इसका ध्यान कैसे रखा जाए? लिहाजा स्कूलों द्वारा कोशिश की जा रही है कि छात्रों के बीच स्पेस बनाने के लिए 3 फीट की दूरी पर बेंच और डेस्क लगाया जाए, लेकिन इसमें दिक्कत ये हो रही है कि स्कूलों के अंदर कक्षाओं का आकार कम हो जा रहा है। हालांकि, सीडीसी ने कहा है कि ऐसे बच्चे, जिन्होंने वैक्सीन की दोनों खुराक ले ली है, उन्हें सोशस डिस्टेंसिंग फॉलो करने की कोई जरूरत नहीं है। सीडीसी ने कहा है कि स्कूलों के खुलने को लेकर कई सारी समस्याएं हैं और सारी गाइडलाइंस का पालन करवाना आसान नहीं है, लिहाजा स्कूलों को सलाह दी गई है कि वो मेक्सिमम सुरक्षा बरतें। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मिडिल स्कूलों में सबसे बड़ी दिक्कत
सबसे बड़ा प्रश्न मिडिल स्कूलों के सामने है। जहां कुछ छात्र वैक्सीन लगवाने के योग्य हो चुके हैं तो कई छात्र अभी वैक्सीन लेने योग्य नहीं हुए हैं। ऐसे में वैक्सीन लगवा चुके छात्र और वैक्सीन नहीं लगवाने वाले छात्रों के बीच अंतर करना और उन्हें अलग अलग रखना काफी मुश्किल साबित हो रहा है। ऐसे में कई स्कूल प्रबंधन ने सभी लोगों के लिए मास्क को अनिवार्य रखा है। वहीं, अमेरिका के अलग अलग राज्यों ने अपने लिए अलग अलग गाइडलाइंस बना रखा है, जो केन्द्र की मुश्किलों को और बढ़ा रहे हैं। कैलिफ़ोर्निया और वर्जीनिया सहित कई राज्यों में ऐसी नीतियां हैं जिनमें टीकाकरण होने के बाद भी सभी स्कूलों में मास्क पहनना अनिवार्य है, जबकि एरिज़ोना, आयोवा और टेक्सास सहित कुछ अन्य राज्यों के राज्यपालों और सांसदों ने स्थानीय स्कूल अधिकारियों को मास्क की आवश्यकता पर रोक लगा दी है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अमेरिकी स्कूलों के लिए गाइडलाइंस
स्कूलों में अवकाश के समय मास्क पहनने की कोई जरूरत नहीं है और अगर आप स्कूल में हैं, लेकिन बाहरी हिस्से में हैं, तो आपको मास्क लगाने की जरूरत नहीं है। स्कूलो में वेंटिलेशन को खुला रखना अनिवार्य है, वहीं लगातार हाथ धोते रहने को भी अनिवार्य रखा गया है। वहीं, अगर कोई छात्र या स्कूल का स्टाफ बीमार होता है, तो उसके स्कूल आने पर रोक रहेगी। वहीं, सभी स्कूलों में लगातार एक निश्चित अंतराल पर वायरस की टेस्टिंग होती रहेगी, ताकि किसी भी संभावित वायरस विस्फोट को रोका जा सके। स्कूल के अंदर छात्रों को छोटे-छोटे ग्रुप्स में बांटने के लिए कहा गया है। वहीं, सीडीसी ने वैक्सीन लगा चुके छात्रों और वैक्सीन नहीं लगाने वाले छात्रों को अलग अलग रखने की सलाह दी है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)












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