ड्रोन हमलों पर बोला अमेरिका, हम युद्ध की बात नहीं कर रहे, लेकिन हमे इसका जवाब चाहिए
जॉर्डन में हुए ड्रोन हमलों में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी जबकि 40 से अधिक लोग इस हमले में घायल हुए थे। इस हमले के जवाब में अमेरिका की ओर से कहा गया है कि हम ईरान के खिलाफ युद्ध के विकल्प को सक्रिय रूप से नहीं तलाश रहे हैं, लेकिन अमेरिका ने इस संभावना से इनकार नहीं किया है कि वह ईरान के भीतर हमले कर सकता है।
व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्ता जॉन कर्बी ने कहा कि हम ईरान से युद्ध को नहीं देख रहे हैं, हम सैन्य विकल्प की ओर नहीं देख रहे हैं। हम यहां से उकसावे की कार्रवाई नहीं चाहते हैं। यह हमला उकसावे की कार्रवाई था, जिसकी वजह बिल्कुल समझ नहीं आ रही है। लिहाजा इसका जवाब जरूर मिलना चाहिए, इसमे किसी भी तरह की गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। मैं राष्ट्रपति के फैसले के आगे नहीं जाना चाहता हूं।

रिपोर्ट की मानें तो ड्रोन हमला सीरिया से ईरान समर्थिक लड़ाकों की ओर से किया गया था। हालांकि किस विद्रोही संगठन की ओर से यह हमला किया गया था, इसकी जानकारी सामने नहीं आ सकी है। राष्ट्रपति जो बाईडेन ने इस हमले का जवाब देने की शपथ ली थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका इसका जवाब देगा।
रक्षा विभाग की ओर से सैनिकों के नाम जारी किए गए थे जिनकी इस हमले में मौत हुई थी। इन सैनिकों के नाम सार्जेंट विलियम रिवर्स, स्पेशलिस्ट केनेडी सैंडर्स, स्पेसलिस्ट ब्रेओना मॉफेट हैं, जिनकी ड्रोन हमले में मौत हुई है। जॉर्जिया को फॉोर्ट मूरे स्थित अमेरिका की रिजर्व यूनिट की 718वीं इंजीनियर कंपनी में ये सैनिक तैनात थे।
इस हमले में 40 से अधिक अमेरिकी सर्विस के सदस्य घायल हुए थे। पेंटागन डेप्युटी प्रेस सेक्रेटरी सैबरीना सिंह ने कहा कि अमेरिका जवाब के लिए उपलब्ध विकल्पों की ओर से देख रहा है, लेकिन उन्होंने कहा कि हमे नहीं लगता है कि इस हमले में सीधे तौर पर ईरान की सरकार लिप्त है।
लेकिन जिस तरह से अमेरिका ने जवाब देने की बात को स्पष्ट तौर पर कहा है उसे देखते हुए हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक दिन पहले ईरान के विदेश मंत्री ने इस बात से इनकार किया था कि जॉर्डन में यूएस बेस पर हुए ड्रोन हमले में तेहरान की संलिप्तता है।












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