अमेरिका ने लौटाई भारत की 297 बहुमूल्य कलाकृतियां, PM मोदी ने जताया बाइडेन का आभार
US return 297 Indian antiquities: भाररत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। इस दौरान अमेरिकी सरकार ने भारत की 297 बहुमूल्य कलाकृतियां भारत को सौंपी है। ये तस्करी कर भारत से विदेश ले जाए गए थे।
भारत की 297 बहुमूल्य कलाकृतियां वापस देने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का आभार जताया है। अमेरिका का ये फैसला दोनों देशों के बीच गहरे होते सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करता है और सांस्कृतिक संपत्तियों की अवैध तस्करी के खिलाफ उनके एकजुट रुख को उजागर करता है।

चुरा कर या तस्करी कर ये बहुमूल्य कलाकृतियां ले जाई गई थी विदेश
पिछले कुछ वर्षों में चुराई गई या तस्करी की गई इन प्राचीन वस्तुओं की वापसी जुलाई में भारत और अमेरिका के बीच हुए पहले सांस्कृतिक संपत्ति समझौते के जरिए संभव हुई। जुलाई में भारत और अमेरिका ने सांस्कृतिक संपत्ति की अवैध तस्करी को रोकने और प्राचीन वस्तुओं को उनके मूल स्थान पर वापस करने के उद्देश्य से अपना पहला समझौता किया।
यह समझौता अवैध तस्करी को रोककर और सांस्कृतिक संपत्तियों को उनके सही मूल में वापस लौटाने को सुनिश्चित करके विरासत और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
PM मोदी ने कहा- 297 अमूल्य प्राचीन वस्तुओं के लिए बाइडेन सरकार का अभारी हूं
प्रधानमंत्री मोदी ने इस ऐतिहासिक वापसी में उनकी भूमिका के लिए राष्ट्रपति जो बाइडेन और अमेरिकी सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने पोस्ट कर लिखा, '' "सांस्कृतिक जुड़ाव को गहरा करना और सांस्कृतिक संपत्तियों की अवैध तस्करी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करना। मैं भारत को 297 अमूल्य प्राचीन वस्तुओं की वापसी सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रपति बाइडेन और अमेरिकी सरकार का बहुत आभारी हूं।''
अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान, मोदी ने विल्मिंगटन, डेलावेयर में राष्ट्रपति बाइडेन द्वारा आयोजित क्वाड लीडर्स समिट में भाग लिया। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाना है।
भारत-अमेरिका सांस्कृतिक संपत्ति समझौता
भारत और अमेरिका के बीच हालिया सांस्कृतिक संपत्ति समझौता अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने और प्राचीन वस्तुओं की पुनर्प्राप्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल है। यह समझौता दोनों राष्ट्रों की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और एक दूसरे के इतिहास के लिए पारस्परिक सम्मान को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
इन प्राचीन वस्तुओं की वापसी सांस्कृतिक संरक्षण में भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते सहयोग का प्रमाण है। यह दोनों देशों द्वारा अपनी साझा सांस्कृतिक विरासत की रक्षा और सम्मान करने पर जोर देता है।












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