US Presidential Debate: डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडेन पर लगाया चीन से पैसे लेने का आरोप, बताया मंचूरियन कैंडिडेट
US Presidential Debate 2024: अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव डिबेट में आज डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडेन पर काफी तीखा हमला बोला है और रिपब्लिकन पार्टी के संभावित उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन पर चीन से पैसे लेने का आरोप लगाते हुए उन्हें "मंचूरियन उम्मीदवार" कहा है।
अटलांटा में CNN के हेडक्वार्टर में 2024 के चुनाव चक्र की पहली बहस के दौरान, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया, कि बाइडेन चीन के से डील करने में डरते हैं, क्योंकि उन्हें "चीन से पैसे मिलते हैं।"

उन्होंने कहा, कि "हमारे देश के इतिहास में अब सबसे बड़ा घाटा है। चीन के साथ हमारा सबसे बड़ा व्यापार घाटा है। उन्हें चीन से पैसे मिलते हैं। वह एक मंचूरियन उम्मीदवार हैं। उन्हें चीन से पैसे मिलते हैं।"
बाइडेन-ट्रंप में तीखी बहसबाजी
81 साल के जो बाइडेन और 78 साल के डोनाल्ड ट्रंप ने अटलांटा में CNN मुख्यालय में पोडियम पर खड़े होकर हाथ नहीं मिलाया और इस बहस के दौरान किसी भी हूटिंग से बचने के लिए दर्शकों को शामिल नहीं किया गया था। वहीं, जब एक उम्मीदवार बोलता था, तो दूसरे उम्मीदवार के माइक्रोफोन को बंद रखा जाता था।
बहस के दौरान बाइडेन शुरू से ही काफी आक्रामक नजर आए और उन्होंने बहस की शुरूआत ही डोनाल्ड ट्रंप की तीखी आलोचना के साथ की। हालांकि, उस दौरान वो बार बार लड़खड़ाते नजर आए और उनपर उनकी उम्र का साफ साफ असर देखा जा रहा था।
यूक्रेन पर बहस में क्या बात हुई?
डोनाल्ड ट्रम्प ने यूक्रेन युद्ध का दोष बाइडेन पर मढ़ते हुए जोर दिया, कि "अगर हमारे पास कोई लीडर होता, तो आक्रमण कभी नहीं होता।" उन्होंने कहा, कि "यह एक ऐसा युद्ध है, जो कभी शुरू नहीं होना चाहिए था। अगर हमारे पास इस युद्ध के समय में कोई लीडर होता, तो युद्ध नहीं होने देता।"
ट्रंप ने बहस में कहा, कि "बाइडेन ने यूक्रेन को अब 200 अरब डॉलर या उससे ज्यादा दिए हैं, यह बहुत ज्यादा पैसा है। मुझे नहीं लगता कि ऐसा पहले कभी हुआ है।"
आपको बता दें, कि अमेरिका में 5 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और अभी तक दोनों ही पार्टियों ने आधिकारिक तौर पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन पूरी संभावना है, कि रिपब्लिकन पार्टी से डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी से जो बाइडेन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने वाले हैं।
फिलीस्तीन पर आमने-सामने की टकराव
ट्रम्प ने बाइडेन पर गाजा में हुए क्रूर संघर्ष में फिलिस्तीनियों का साथ देने का भी आरोप लगाया, और आरोप लगाया, कि हमास के खिलाफ युद्ध में इजरायल की मदद करने से उन्होंने इनकार कर दिया।
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, "वह ऐसा नहीं करना चाहते थे (इजराइल की मदद)। वह एक फिलिस्तीनी की तरह बन गए हैं, लेकिन वे उन्हें पसंद नहीं करते, क्योंकि वह एक बहुत बुरे फिलिस्तीनी हैं, वह एक कमज़ोर व्यक्ति हैं।"
इसके अलावाा बाइडेन और ट्रम्प ने अर्थव्यवस्था, गर्भपात और आव्रजन पर जोरदार बहस की। अमेरिका के लिए ये मुद्दे काफी महतवपूर्ण माने जा रहे हैं और माना जा रहा है, कि इन मुद्दों के जरिए दोनों उम्मीदवार, व्हाइट हाउस के लिए अपनी कड़ी रेस में लाभ की तलाश कर रहे हैं। वहीं, लगातार बढ़ रही महंगाई के बारे में पूछे जाने पर बाइडेन ने कहा, कि "हमें यह देखना होगा, कि जब मैं राष्ट्रपति बना तो मेरे पास क्या बचा था, ट्रम्प ने मेरे लिए क्या छोड़ा।"
ट्रंप पर हमला बोलते हुए बाइडेन ने कहा, कि "हमें जो इकोनॉमी दी गई थी, वो बुरी तरह गिर रही थी। कोविड महामारी को बहुत बुरी तरीके से हैंडिल किया गया था। काफी संख्या में लोग मर रहे थे। लेकिन, उनका रवैया गंभीर नहीं था। उन्होंने जो कहा, वो गंभीर नहीं था, जैसे आप अपनी बांह में थोड़ा ब्लीच इंजेक्ट कर लें।"
डोनाल्ड ट्रंप, जिनकी आवाज बहस के दौरान बाइडेन की तुलना में काफी मजबूत थी, उन्होंने कहा, कि "मैंने देश के इतिहास में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था" का नेतृत्व किया। "हमने कभी इतना अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। हर कोई इस बात से हैरान था, और दूसरे देश हमारी नकल कर रहे थे।" जिसपर बाइडेन ने जवाब दिया, कि "अच्छा, देखिए, दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था? वह अकेले हैं जो ऐसा सोचते हैं।"
ट्रंप ने अफगानिस्तान पर बाइडेन को घेरा
बहस के दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति जो बाइडेन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, कि आज अमेरिका एक "तीसरी दुनिया के देश" जैसा है। उन्होंने कहा, कि वाशिंगटन अब "सम्मानित" नहीं है। गुरुवार (स्थानीय समय) को सीएनएन द्वारा आयोजित पहली राष्ट्रपति पद की बहस में, ट्रंप ने अफगानिस्तान से अमेरिका की वापसी को देश के इतिहास का "सबसे शर्मनाक दिन" करार दिया।
ट्रंप ने कहा, कि "पूरी दुनिया में अब हमारा सम्मान नहीं किया जाता, वे हमारे नेतृत्व का सम्मान नहीं करते, वे अब संयुक्त राज्य अमेरिका का सम्मान नहीं करते। हम तीसरी दुनिया के राष्ट्र की तरह हैं, जो उनके चुनाव को हथियार बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के पीछे पड़े हैं। हम तीसरी दुनिया के राष्ट्र की तरह बन गए हैं। यह शर्म की बात है।"
ट्रंप ने कहा, कि उनके पास जो अफगानिस्तान से निकलने की योजना थी, उससे अमेरिका को "सम्मान" के साथ अफगानिस्तान से बाहर निकलने की अनुमति मिलती।
ट्रंप ने कहा, "मैं अफ़गानिस्तान से बाहर निकल रहा था, लेकिन हम गरिमा के साथ, शक्ति के साथ, शक्ति के साथ बाहर निकल रहे थे।"












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