US Election 2020: अंतिम बहस में रूस, चीन और भारत पर बरसे डोनाल्ड ट्रंप, क्लाइमेट चेंज के लिए बताया जिम्मेदार
नैशविले। 22 अक्टूबर को रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेट जो बाइडेन के बीच 3 नवंबर को इलेक्शन डे से पहले फाइनल और अंतिम बहस हुई। टेनेसी के नैशविले में हुई इस बहस में ट्रंप और बाइडेन फिर से कई अहम मुद्दों पर जमकर एक-दूसरे पर बरसे। इस दौरान ट्रंप ने एक बार फिर क्लाइमेट चेंज के लिए भारत, रूस और चीन को जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप इससे पहले एक चुनावी रैली में इन देशों पर आरोप लगा चुके हैं।
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ट्रंप ने कहा, इन देशों की हवा बिगड़ी हुई
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'चीन को देखिए, वहां की हवा कितनी खराब है, रूस और भारत का भी यही हाल है और यहां भी हवा बिगड़ी है।' ट्रंप ने इसके साथ ही पेरिस समझौते से बाहर होने के फैसले का बचाव भी किया। ट्रंप ने जून 2017 में पेरिस जलवायु समझौते से बाहर होने का ऐलान किया था। ट्रंप ने बहस के दौरान कहा, 'मैं पेरिस समझौते से बाहर आ गया क्योंकि हम अरबों डॉलर खर्च कर रहे थे लेकिन हमारे साथ गलत हो रहा था।' उनका कहना था कि इस समझौते की वजह से अमेरिका को अरबों डॉलर का नुकसान हो रहा है और रोजगार छीना जा रहा है। साथ गैस, ऑयल और कोयले की इंडस्ट्रीज भी घाटे में जा रही हैं। ट्रंप के शब्दों में, 'मैं लाखों नौकरियों की बलि नहीं दूंगा, हजारों कंपनियों को सिर्फ पेरिस समझौते की वजह से देश में आने से नहीं रोक सकता हूं।' जून 2017 में ट्रंप ने अमेरिका के समझौते से बाहर होने का ऐलान किया था लेकिन इसकी प्रक्रिया नवंबर 2019 में शुरू हुई।
भारत और चीन पर लगाया आरोप
पिछले वर्ष प्रशासन ने औपचारिक तौर पर यूनाइटेड नेशंस (यूएन) को नोटिफिकेशन भेजकर इस बारे में जानकारी दी थी कि अब अमेरिका पेरिस जलवायु समझौते का हिस्सा नहीं है। साल 2015 में हुए इस समझौते में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बड़ा रोल अदा किया था। अमेरिका के बाहर आने के बाद ग्लोबल वॉर्मिंग के खिलाफ जारी लड़ाई पर खासा असर पड़ा। ट्रंप ने कहा कि उनके कार्यकाल में अमेरिका ने पर्यावरण की रक्षा करते हुए ऊर्जा स्वतंत्रता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि हमारा पर्यावरणीय रिकार्ड, ओजोन रिकार्ड और कई अन्य रिकार्ड सबसे अच्छे हैं। इस दौरान, चीन, रूस, भारत इन सभी देशों ने हवा को प्रदूषित किया है। ट्रंप के मुताबिक ओबामा प्रशासन की तरफ से बहुत ही खराब स्तर पर समझौता हुआ था और इससे सिर्फ एशिया के दो देशों भारत और चीन को ही फायदा हुआ। ट्रंप कई बार यह बात कह चुके हैं कि जो सख्ती, चीन और भारत पर बरतनी चाहिए, वह नहीं बरती गई थी।












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