G20 Summit: शी जिनपिंग के भारत नहीं आने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी प्रतिक्रिया, जानिए बाइडेन ने क्या कहा?
Biden on Xi Jinping: जी20 शिखर सम्मेलन शुरू होने में अब चार दिन बचे हैं, लेकिन अभी तक चीन की तरफ से आधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया है, कि शी जिनपिंग भारत आ रहे हैं या नहीं। हालांकि, तमाम रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग नई दिल्ली आएंगे और शी जिनपिंग खुद इस सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे।
वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीनी राष्ट्रपति के भारत नहीं आने को लेकर प्रतिक्रिया दी है और उन्होंने कहा, कि शी जिनपिंग के सम्मेलन में नहीं आने से वो 'निराश' हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने रविवार को रेहोबोथ बीच, डेलावेयर में संवाददाताओं से कहा, कि "मैं निराश हूं, लेकिन मैं उनसे मिलने जा रहा हूं।" बाइडेन ने ये बयान संवाददाताओं के उस सवाल पर दिया, जब उनसे उन संकेतों के बारे में पूछा गया, कि शी जिनपिंग, शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे।
बाइडेन ने शी जिनपिंग के नहीं आने पर क्या कहा?
हाला्ंकि, जो बाइडेन ने यह नहीं बताया, कि वह चीनी राष्ट्रपति से कहां मिल सकते हैं। यदि शी जिनपिंग, दिल्ली नहीं आते हैं, तो उन्हें और बाइडेन को नवंबर में मिलने का मौका मिल सकता है, जब अमेरिका सैन फ्रांसिस्को में APEC सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
योजना के बारे में बात करने के लिए नाम न छापने का अनुरोध करने वाले बैठक की तैयारियों से परिचित अधिकारियों के मुताबिक, शी जिनपिंग, शिखर सम्मेलन के लिए भारतीय राजधानी की यात्रा करने की योजना नहीं बना रहे हैं। यह फैसला, चीन और भारत के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है और इससे उनके संबंधों में और गिरावट आने की संभावना है।
मामले से परिचित एक व्यक्ति के मुताबिक, चीनी प्रधान मंत्री ली कियांग, शी जिनपिंग के स्थान पर शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
बाइडेन और शी जिनपिंग ने आखिरी बार नवंबर में इंडोनेशिया के बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के मौके पर बात की थी, लेकिन कोई भी प्रगति तब पटरी से उतर गई, जब एक कथित चीनी जासूसी गुब्बारा अमेरिका के ऊपर मंडराया था और अमेरिका ने उसे मार गिराया था।
दोनों देशों के बीच ताइवान और इंडो-पैसिफिक से जुड़े कई मुद्दों पर बुनियादी असहमति है, जिनमें अमेरिकी नेताओं का लगातार ताइवान जाना, चीन के खिलाफ सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को लेकर प्रतिबंध समेत इंडो- पैसिफिक में चीन की विस्तारवादी नीति है, जिसके खिलाफ अमेरिका खड़ा है।
हाल के महीनों में कई उच्च-स्तरीय बिडेन प्रशासन के अधिकारियों ने संबंधों में सुधार की कोशिश करते हुए चीन की यात्राएं की है, जिनमें विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, वित्त मंत्री जेनेट येलेन, बाइडेन के जलवायु दूत जॉन केरी और वाणिज्य सचिव जीना रायमोंडो शामिल हैं।
अमेरिका को उम्मीद थी, कि भारत में जी-20 बैठक चीन के साथ संबंधों में नरमी लाने की दिशा में अगला कदम हो सकती है और बाइडेन ने पिछले सप्ताह कहा था, कि उन्हें "उम्मीद" है कि शी जिनपिंग शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।












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