अमेरिका और भारत की नजदीकियों से घबराएं चीन को ओबामा का जवाब
वाशिंगटन। पिछले सोमवार को जब भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बतौर खास मेहमान शिरकत की थी, तो चीन की घबराहट एक बयान से सामने आ गई। चीन की मीडिया और वहां के थिंक टैंक ने कहा कि ओबामा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दो करीबी है, वह सिर्फ दिखावटी है। अब ओबामा ने खुद चीन को एक कड़ा जवाब दिया है।
चीन की प्रतिक्रिया पर हैरान ओबामा
ओबामा ने कहा, 'मैं चीन की सरकार की ओर से आई प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी काफी हैरान था। मुझे समझ ही नहीं आ रहा कि आखिरी चीन ऐसा क्यों महसूस कर रहा है।' ओबामा ने फरीद जकारिया को सीएनएन के लिए दिए इंटरव्यू में यह बात कही।
ओबामा ने कहा है कि इस बात में कोई संदेह किसी को नहीं होना चाहिए कि भारत के कुछ पहलू ऐसे हैं जो उसे अमेरिका के करीब कर देते हैं लेकिन इन बातों से चीन को डरने और घबराने की जरूरत नहीं है। ओबामा ने कहा है कि अगर वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच अच्छे संबंध स्थापित हो रहे हैं चीन क्यों परेशान है।
क्यों खास है भारत
ओबामा ने कहा कि भारत अमेरिका की तरह एक सफल लोकतंत्र है। यही बात दर्शाती है कि अमेरिका और भारत के बीच एक जैसै नैतिकआदर्श आज भी मौजूद हैं। कुछ बातें ऐसी हैं जिन्हें चीन चाहकर भी अपना नहीं सकता है।ऐसे में मुझे व्यक्तिगत तौर पर लगता है कि भारत की यही बात उसे अमेरिका के नजदीक करती है।
हालांकि ओबामा ने यह बात भी दोहराई कि पिछले वर्ष नवबंर में उनका चीन का दौरा भी सफल दौरा रहा था। इस दौरे पर उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कई मुद्दों पर सफल बातचीत भी की थी। ओबामा ने कहा कि अमेरिका के लिए एक अस्थिर और आर्थिक रूप से अव्यवस्थित चीन चिंता का विषय है।
भारत यात्रा को बताया एतिहासिक पल
ओबामा ने इस इंटरव्यू में अपनी भारत यात्रा को एक एतिहासिक पल बताया है। उन्होंने कहा कि मेरा भारत जाना इतिहास का कभी न भूलने वाला पल है।इस दौरे के बाद एक उम्मीद जगी है कि अमेरिका और भारत के लिए वह फॉर्मूला तलाशा जा सकता है जहां पर लोगों एक समृद्धशाली और खुशहाल जिंदगी बिता सके। ओबामा ने जानकारी दी कि उन्होंने इसी बात को ध्यान में रखकर पीएम मोदी के साथ बातचीत की।













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