दुनिया की सबसे मजबूत सेना में भी महिलाएं असुरक्षित, यौन उत्पीड़न के 13% मामले बढ़े-रिपोर्ट

नई दिल्ली, 03 सितंबर। वित्तीय वर्ष 2021 में अमेरिकी सेना में यौन उत्पीड़न की संख्या में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस बात का दावा पेंटागन की तरफ से गुरुवार को प्रकाशित एक वार्षिक रिपोर्ट में किया गया है। रक्षा विभाग के यौन रोकथाम और रिस्पॉन्स कार्यालय (एसएपीआर) के मुताबिक 30 सितंबर, 2021 तक यौन उत्पीड़न के 8,866 मामले आए हैं। जो कि 2020 की अपेक्षा अधिक है। 2020 में यौन उत्पीड़न मामलों की बात करें तो कुल 7813 मामले दर्ज हुए थे।

US army

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अधिकतर लोग शर्म के मारे उच्च अधिकारियों को भी शिकायत नहीं करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक 2021 के दौरान लगभग 36, 000 सक्रिय ड्यूटी सर्विस करने वाली महिलाएं और पुरुष में 8.4 प्रतिशत महिलाएं और 1.5 प्रतिशत पुरुषों के साथ यौन उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं।

हालांकि, पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में यह भी दावा किया है कि वैज्ञानिक रूप क्या यौन उत्पीड़न के मामलों में वृद्धि हुई थी, लेकिन अन्य आंकड़ों में 2018 के बाद से यौन उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी होने को बताया गया है। यौन उत्पीड़न में वृद्धि के पीछे सेना में असुरक्षित माहौल को भी बताया गया है।

पेंटागन के ऑफ़िस ऑफ़ फ़ोर्स रेजिलिएंसी के कार्यकारी निदेशक एलिजाबेथ फोस्टर ने कहा कि हमारी संख्या दर्शाती है कि यह महिलाओं के लिए सबसे अधिक यौन उत्पीड़न अनुमानित प्रसार दर है। क्योंकि इस मुद्दे का पहली बार बारीकी से अध्ययन किया गया था, जो कि सेवा देने वाले सदस्यों की भलाई पर निर्भर है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यूएस आर्मी में पुरुष भी सुरक्षित नहीं है। यौन उत्पीड़न के मामलों में पुरुषों को दूसरे स्थान पर रखा गया है। पुरुषों के साथ सबसे अधिक यौन उत्पीड़न के मामले 2006 में आए थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 में अमेरिकी सेना की तरफ से यौन उत्पीड़न के सबसे ज्यादा 26 फीसदी मामले दर्ज कराए गए। इनमें सबसे अधिक मामले 19 प्रतिशत की वृद्धि नौसेना में हुई। वहीं वायु सेना और नौसैनिकों में दो-दो प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

आपको बता दें कि अमेरिकी सेना में यौन अपराधों को कम किया जा सके, इसके लिए जनवरी में राष्ट्रपति जो बिडेन ने सैन्य कानून के तहत यौन उत्पीड़न को अपराध बनाने का आदेश जारी किया था। आदेश के मुताबिक यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न की सुनवाई एक सैन्य अदालत के समक्ष की जाएगी। साथ ही मामलों को अदालत में ले जाने के निर्णय सैन्य श्रृंखला के अधिकारियों के बजाय विशेष अभियोजकों वकीलों द्वारा किया जाएगा।

हालांकि, इन परिवर्तनों का सेना ने विरोध किया था। सेना का कहना था कि पुराने नियमों ने रैंकों में अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता को बेहतर ढंग से पूरा किया था। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि सेना के ये दावे सिर्फ हवा-हवाई हैं। वहीं, इसे देखते हुए रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने सेना में यौन हिंसा के अपराधियों से निपटने के लिए एक स्वतंत्र आयोग नियुक्त किया है।

आयोग की सिफारिशों में दावा किया गया है कि यौन अपराधों को रोकने के लिए कमांड पदानुक्रम से मामलों पर मुकदमा चलाने या न चलाने की शक्ति को हटाना ही एक मात्र और कारगर तरीका होगा।

ये भी पढ़ें- अमेरिका की सड़कों पर इस लड़के ने स्कर्ट पहनकर किया गरबा, पारो और चंद्रमुखी भी हुईं फेल

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+