अफगानी बच्चों के लिए मां का दूसरा रूप बन गई थी अमेरिका की महिला नौ-सैनिक, आतंकियों ने छीन ली जिंदगी
अफगानिस्तान के बच्चे को मां की तरफ एयरपोर्ट पर संभालने वाली अमेरिका की नौ-सैनिक निकोल जी भी काबुल एयरपोर्ट पर मारी गईं।
काबुल, अगस्त 29: गुरुवार को अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट पर इस्लामिक आतंकियों के धमाके में जान गंवाने वाले सभी 13 अमेरिकी सैनिकों की शिनाख्त कर ली गई है। मारे जाने वाले सैनिकों में वो महिला नौ-सैनिक भी शामिल हैं, जो अफगानी बच्चों के लिए ममता का दूसरा रूप बन गई थी। पिछले दिनों इस महिला मरीन की अफगानी बच्चों के साथ आई तस्वीरों ने काफी शुर्खियां बटोरी थीं और अफगानिस्तान की दर्दनाक कहानी को पूरी दुनिया के सामने रख दिया था। लेकिन, आतंकियों ने इस महिला मरीन की जिंदगी छीन ली।

निकोल जी था महिला मरीन का नाम
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक अफगानिस्तान में काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाली इस महिला मरीन का नाम ता निकोल जी और पिछले दिनों निकोल जी की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं, जिसमें वो अफगानी बच्चों को दुलार प्यार करती और उन्हें अपनी गोदी में रखी हुईं नजर आ रहीं थीं।

अमेरिका लौटने वाली थी निकोल
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर काबुल एयरपोर्ट पर इस्लामिक आतंकियों ने धमाका नहीं किया होता, तो अभी तक निकोल जी अमेरिका लौट चुकी होंतीं। लेकिन, कुदतर को शायद कुछ और ही मंजूर था। मौत से कुछ दिनों पहले ही अमेरिकी मरीन निकोल जी उस विमान की सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए नजर आ रहीं थीं, जिसके जरिए अफगानिस्तान के सैकड़ों नागरिकों ने काबुल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी।

13 अमेरिकी सैनिकों की मौत
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, इस्लामिक आतंकियों ने काबुल एयरपोर्ट पर दो खतरनाक धमाके किए थे, जिसमें 13 अमेरिकी सैनिकों समेत 91 अफगानी नागरिकों की मौत हो गई। 13 अमेरकी सैनिकों में अमेरिका की नेवी कॉर्प्समैन मैक्स सोविएक, आर्मी स्टाफ सार्जेंट रेयान नॉस, मरीन हंटर लोपेज, रेली मैककोलम, डेविड ली एस्पिनोजा, करीम निकोई, जेरेड शमित्ज, डेगन पेज, टेलर हूवर, हम्बर्टो सांचेज, जोहानी रोसारियो, डायलन मेरोला के साथ साथ निकोल जी भी शामिल थीं।

''मुझे नौकरी से प्यार है''
मरीन सार्जेंट निकोल जी, जो पिछले हफ्ते काबुल में आईएसआईएस-के हमलों में मारे गए 13 अमेरिकी सेवा सदस्यों में शामिल थीं, उन्होंने अफगानिस्तान में एक बच्चे को गोदी में उठाए हुए वर्दी में अपनी एक तस्वीर पोस्ट की थी। उन्होंने उस फोटो के साथ कैप्शन में लिखा था, "मुझे अपनी नौकरी से प्यार है,"। लेकिन, आतंकियों ने उनकी जिंदगी छीन ली। काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले में 170 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए।

सिर्फ 23 साल की थी निकोल
एसोसिएट प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, निकोल जी की उम्र सिर्फ 23 साल थी और वो पहले कैलिफोर्निया में मेंटिनेंस टेक्निशियन का काम करती थी। निकोल जी के साथ पिछले तीन सालों से रह रहे सार्जेंट मेलोरी हैरिसन निकोल की मौत के बाद टूट गये हैं। उन्होंने लिखा है कि 'मैं पूरी तरह से टूटा हुआ महसूस कर रहा है। जब मैं सोचता हूं कि अब मैं उसे कभी देख नहीं पाऊंगा तो मेरी क्या स्थिति हो रही है, उसे मैं लिख नहीं सकता। उसने कैसे आखिरी सांस लिया होगा, वो काम करते हुए, जो उससे सबसे ज्यादा पसंद था। और फिर एक बम धमाका होता है और वो चली जाती है'।

फिर धमाके का खतरा
काबुल एयरपोर्ट पर लोगों की भीड़ अभी भी बरकरार है और लोग किसी भी सूरत में देश छोड़ देना चाहते हैं। इस बीच अमेरिका की ओर से काबुल एयरपोर्ट पर आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया गया है। अमेरिका की ओर से काबुल एयरपोर्ट पर आतंकी हमले का अलर्ट जारी करते हुए कहा गया है कि हमारे पास विश्वसनीय जानकारी है कि काबुल एयरपोर्ट पर आतंकी हमला हो सकता है, लिहाजा सभी अमेरिकी नागरिकों से अपील है कि वह तुरंत एयरपोर्ट छोड़ दें।

काबुल एयरपोर्ट छोड़ने की अपील
काबुल में अमेरिकी दूतावास ने एयरपोर्ट पर आतंकी हमले का यह अलर्ट जारी किया है। जिसमे कहा गया है कि हमारे पास विशेष जगह पर खतरे की जानकारी है, काबुल एयरपोर्ट के आस-पास जो भी अमेरिकी नागरिक हैं वो तुरंत यहां से दूर चले जाए। एयरपोर्ट के पास साउथ एयरपोर्ट सर्कल, पंजशीर पेट्रोल स्टेशन के पास और गृह मंत्रालय के पास के इलाकों से लोग तुरंत दूर चले जाए। बता दें कि इससे पहले शनिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी इस बात को लेकर अलर्ट किया था कि हमारे पास अगले 24-36 घंटे में आतंकी हमले की सूचना है।

बाइडेन ने क्या कहा ?
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि ''मैंने आज सुबह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम और फील्ड पर अपने कमांडर्स से मिला। बीती रात अमेरिकी सेना ने आतंकी गुट आईएसआईएस-के खिलाफ हमले को लेकर चर्चा की। मैंने कहा कि हमारे सैनिकों और निर्दोष लोगों पर हमला करने वाले जो ग्रुप जिम्मेदार हैं हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे, उन्हें कहीं से भी ढूंढ निकालेंगे। आतंकियों के खिलाफ यह कार्रवाई आखिरी नहीं है, इस जघन्य हमले में जो भी व्यक्ति जिम्मेदार है उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। जब भी कोई अमेरिकी लोगों को नुकसान पहुंचाएगा, हमारी सेना को निशाना बनाएगा, हम उसका जवाब देंगे। इस बात पर किसी को भी संदेह नहीं होना चाहिए।''












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