आईएसआईएस के खिलाफ अमेरिका ने रूस के साथ आने से किया इंकार
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा जिनका कार्यकाल अपने अंतिम दौर में है और जाते-जाते आईएसआईएस उनके गले की हड्डी बन गया है। आईएसआईएस के सामने बेबस साबित होने के बावजूद अमेरिका ने साफ कर दिया है कि उसकी सेनाएं रूस के साथ मिलकर सीरिया में कोई कार्रवाई नहीं करेंगी।

अमेरिका ने कहा है कि आईएसआईएस के खिलाफ रूस के साथ मिलकर कोई कार्रवाई नहीं होगी। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि उसकी योजना सीरिया में आईएसआईएस के खिलाफ रूस के साथ मिलकर कार्रवाई करने की नहीं है।
आईएसआईएस के खिलाफ अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशंस 'इन्हेरंट रिजॉल्व' के स्पोक्सपर्सन स्टीव वॉरेन ने कहा कि अभी हमारी ऐसी कोई योजना नहीं है। हम रूस के मिलकर काम नहीं कर रहे हैं और न ही फिलहाल हमारी इस तरह की कोई योजना है।
वॉरेन का यह बयान पेंटागन के इस रुख के अनुरूप है, जिसमें वह पहले ही कह चुका है कि 30 सितंबर को रूस ने सीरिया में जो अभियान शुरू किया है, वह उसने अकेले ही किया है।
उसने रूस पर सीरिया में आईएसआईएस आतंकवादियों की बजाय विद्रोहियों को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया है। रूस ने इससे पहले मंगलवार को घोषणा की थी कि वह फ्रांस की सेना के साथ मिलकर आईएस के ठिकानों पर हवाई हमले की योजना बना रहा है।
वहीं सीरिया में शांति के लिए ओबामा ने फिर से अपना वही पुराना राग अलापा है और कहा है कि राष्ट्रपति बशर अल असद को जाना ही होगा। ओबामा ने गुरुवार को कहा कि सीरिया का सिविल वॉर तब तक खत्म नहीं होगा जबतक बशर अल असद सत्ता नहीं छोड़ देते।
ओबामा ने मनीला में व्यापार सम्मेलन से अलग कहा कि जब तक असद सत्ता पर काबिज रहते हैं तब तक मुझे सीरिया में गृह युद्ध के खत्म होने की संभावना नहीं दिखती है।












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