अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस.. चीन की नाक के नीचे चार देशों का भीषण अभ्यास, QUAD का अंत!
US Japan Australia Philippines military drills: अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और फिलीपींस.. इन चारों देशों ने मिलकर दक्षिण चीन सागर में आज से ताकत दिखाना शुरू कर दिया है ये चारों देश चीन की नाक के नीचे भीषण नौसैनिक युद्धाभ्यास कर रहे हैं, जिसमें पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रशिक्षण भी शामिल है।
अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत.. ये चारों देश मिलाकर QUAD का निर्माण करते हैं, लेकिन इस युद्धाभ्यास में भारत की जगह फिलीपींस है, जिसकी वजह से सवाल उठ रहे हैं, कि क्या भारत की जगह इस नये क्वाड का निर्माण किया गया है और क्या अमेरिका, क्वाड में भारत की जगह फिलीपींस नया देश है।

हालांकि, जियो-पॉलिटिक्स में किसी संस्था या किसी ग्रुप को बंद करने का ऐलान नहीं किया जाता है, बस उसके अस्तित्व को खत्म कर दिया जाता है। जैसे सार्क अभी भी मौजूद है, लेकिन भारत ने सार्क के अस्तित्व को ही खत्म कर दिया है, तो फिर क्या क्वाड का भी सार्क जैसा हाल हो गया है? ऐसा इसलिए, कि पिछले 7-8 महीने से क्वाड की एक भी बैठक नहीं हुई है और आगे कई महीनों तक क्वाड की बैठक होने को लेकर भी कोई जानकारी नहीं है।
तो फिर क्या अमेरिका ने एक नया क्वाड बनाया है, जिसमें भारत की जगह फिलीपींस है?
दक्षिण चीन सागर में सैन्य अभ्यास
अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और फिलीपींस, रविवार को दक्षिण चीन सागर में ताकत दिखाने के लिए अपना पहला संयुक्त नौसैनिक अभ्यास आयोजित कर रहे हैं, जिसमें पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रशिक्षण भी शामिल है। इस क्षेत्र पर चीन अपना दावा करता है और लगातार आक्रामक कार्रवाईयां कर रहा है।
सैन्य अभ्यास से पहले ग्रुप की तरफ से जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है, कि चारों सहयोगी-साझेदार "कानून के शासन, जो एक शांतिपूर्ण और स्थिर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की नींव है" उसकी रक्षा करने और नेविगेशन और ओवरफ्लाइट की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए अभ्यास कर रहे हैं।
संयु्क्त बयान में चीन के नाम का जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन चार देशों ने अपने रुख की पुष्टि की है, साल 2016 के उस फैसले के इंटरनेशनल कोर्ट के उस फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए, जिसके मुताबिक दक्षिण चीन सागर पर सिर्फ चीन का हक नहीं है। कोर्ट ने अपने फैसले में दक्षिण चीन सागर के किनारे बसे सभी देशों के हक में फैसला सुनाया था, जिसे चीन ने खारिज कर दिया था।
चीन ने मध्यस्थता में भाग लेने से इनकार करते हुए फैसले को खारिज कर दिया था और लगातार इसकी अवहेलना कर रहा है। तनावपूर्ण समुद्री गतिरोध के बाद फिलीपींस, 2013 में चीन के साथ अपने विवादों को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में लेता आया है।
फिलहाल, चीन की ओर से इस सैन्य अभ्यास को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की गई, लेकिन माना जा रहा है, की चीन की तरफ से कड़ा प्रतिरोध जताया जाएगा। पिछले साल, चीनी विदेश मंत्रालय ने विवादित जल क्षेत्र में संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों से जुड़े सैन्य अभ्यासों के खिलाफ चेतावनी दी थी, और कहा था, कि सैन्य अभ्यास से उसकी सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों को नुकसान पहुंचेगा।
क्या क्वाड का अस्तित्व हो रहा खत्म?
भारत के जियो-पॉलिटिक्स के जानकार ब्रह्मा चेलानी अकसर अपने ट्वीट में क्वाड को लेकर अमेरिका के बदलते नजरिए की बात कर रहे हैं। ब्रह्मा चेलानी का मानना है, कि अमेरिका ने क्वाड को न्यूट्रल कर दिया है।
क्वाड को भारत लगातार एक सैन्य संगठन मानने से इनकार करता रहा है, जबकि अमेरिका की सोच थी, कि भारत क्वाड को एक सैन्य संगठन स्वीकार करे। लेकिन, भारत ऐसा करते चीन के साथ तनाव को बढ़ाना नहीं चाहता था। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ये है, कि ऐसा करने से चीन के साथ युद्ध का खतरा बढ़ता है और भारत के विकास पर इसका असर पड़ता है।
दूसरी बात ये है, कि भारत को खतरा चीन से हिंद महासागर में है, लेकिन जापान को हिंद महासागर में खास दिलचस्पी नहीं है। जापान, पूर्वी चीन सागर में चीन से उलझा हुआ है, जबकि ऑस्ट्रेलिया अपने हितों को देख रहा है। इन सबके बीच, खालिस्तान विवाद ने भारत और अमेरिका के बीच के विवाद को काफी बढ़ा दिया है। लिहाजा, सवाल उठ रहे हैं, कि क्या अमेरिका अब भारत की जगह क्वाड में फिलीपींस को देख रहा है? और क्या आने वाले वक्त में हम ऐसे अभ्यास और देख सकते हैं?












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