Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

US Iran War: अमेरिकी दूतावास की बंद पड़ी बिल्डिंग पर किसने किया हमला? 1979 की क्रांति से है सीध कनेक्शन

US Iran War: बुधवार सुबह तेहरान में एक हवाई हमले की खबर सामने आई है। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला ईरान में मौजूद पुराने अमेरिकी दूतावास परिसर के अंदर हुआ। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि हमला शहर के बीचों-बीच हुआ, जिससे इलाके में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बिल्डिंग से अमेरिका का क्या रिश्ता?

तालेघानी स्ट्रीट पर स्थित यह दूतावास परिसर लंबे समय से Islamic Revolutionary Guard Corps के कंट्रोल में है। 1979 के बाद से यह जगह ईरान की सुरक्षा एजेंसियों के कब्जे में है और इसे कई तरह की गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस बिल्डिंग कभी एंबेसी होती थे लेकिन अब यहां Basij गुट के द्वारा एंटी-अमेरिका म्यूज़ियम और दूसरे प्रोग्राम्स आयोजित किए जाते हैं। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका ने ही ये हमला करवाया हो।

US Iran War American Embassy Attack

टूटे शीशे, लेकिन मिसाइल हमले के साफ सबूत नहीं

चश्मदीदों ने ईरानी मीडिया को बताया कि हमले के बाद परिसर की खिड़कियों के शीशे टूटे हुए नजर आए। हालांकि, बाहर की तरफ से किसी मिसाइल हमले के साफ निशान नहीं मिले। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि हमला अंदर से हुआ हो सकता है या फिर किसी सीमित विस्फोट का मामला हो सकता है। वहीं, ईरानी अधिकारी इस मामले को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं।

OI Exclusive: कश्मीर में ईरान के लिए जुटाए पैसों का भारत के खिलाफ होगा इस्तेमाल? आतंकी लगा रहे सेंध!
OI Exclusive: कश्मीर में ईरान के लिए जुटाए पैसों का भारत के खिलाफ होगा इस्तेमाल? आतंकी लगा रहे सेंध!

अमेरिकियों को यहीं बनाया था बंधक

यह दूतावास परिसर इतिहास में भी काफी अहम रहा है। 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद Iran Hostage Crisis के दौरान यही वह जगह थी, जहां कई अमेरिकी राजनयिकों को 444 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था।

कुवैत, कतर और बहरीन पर ईरान ने बोला धावा

दूसरी तरफ, ईरान ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला किया। इस हमले में एयरपोर्ट पर फ्यूल स्टोरेज के टैंकों को टारगेट किया जिससे वहां पर आग लग गई। जो लोग वहां मौजूद थे वे जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।

खाड़ी देश अमेरिका के साथ- ट्रंप

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि खाड़ी देश 100% अमेरिका के पक्ष में हैं और वे बहुत अच्छी तरह से पलटवार कर रहे थे। हालांकि ट्रंप के बार-बार बदले बयानों के बाद उनके इस बयान को बहुत ज्यादा भरोसेमंद नहीं माना जा सकता।

बहरीन में भी ईरान ने लगाई आग

बुधवार को बहरीन ने भी ने कहर बरपाया जिसमें एक इंडस्ट्रियल फेसिलिटी में आग लगने की खबर मिली। वहीं सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि बहरीन को बचाने के लिए उन्होंने कई ड्रोन को हवा में ही मार गिराए, जिससे हमला कमजोर हो गया। इसके अलावा, कतर की राजधानी दोहा में एक ऑय टैंकर ईरानी हमलों जद में आ गया। इससे पहले दुबई एयरपोर्ट पर ईरान एक कुवैती टैंकर को टारगेट कर चुका है।

ईरान क्यों कर रहा पड़ोसियों के एयरपोर्ट पर हमला?

एक्सपर्ट बताते हैं कि यूएई और सऊदी जैसे देशों की कमाई का एक मोटा हिस्सा एयरपोर्ट से आता है। अगर ईरान बार-बार इनके एयरपोर्ट पर हमले कर उन्हें असुरक्षित बना देगा तो युद्ध के जारी रहने तक इन देशों की कमाई को बड़ा झटका लगेगा। इसके अलावा बहरीन, कुवैत और कतर में हमले का मकसद एकदम साफ है, 'अमेरिका से दोस्ती की तो तेल क्या व्यापार नहीं चला पाओगे'। युद्ध का एक महीना पूरा होने पर भी ईरान इस लड़ाई को ऐसे लड़ रहा है जैसे उसे कोई फर्क नहीं पड़ा। टॉप लीडरशिप के मारे जाने के बावजूद इजरायल पहले से ज्यादा बम गिराए जा रहे हैं। ये ईरान की जवाबी कार्यवाही की क्षमता को बताता है।

Election 2026

वहीं, अब इस युद्ध में हूथियों के आने से एक फ्रंट इजरायल और अमेरिका के खिलाफ खुल गया है। लिहाजा इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि जैसे ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को चोक कर दिया है वैसे ही हूथी बाब अल-मंडप को चोक नहीं करेंगे। अगर हूथी ऐसा करने में कामयाब रहते हैं तो यूरोप में तेल- गैस की किल्लत हो सकती है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+