US Iran War के बीच ईरान ने हैक करवाया FBI डायरेक्टर का ई-मेल, निजी पलों की तस्वीरें और 300 मैसेज आए बाहर
अमेरिका ईरान (US Iran War ) में चल रही जंग के बीच अमेरिका के लिए एक बुरी खबर आई है। डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और FBI डायरेक्टर Cash Patel (काश पटेल) का निजी ईमेल अकाउंट हैक हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक,'हैंडला हैक टीम' नाम के एक हैक्टिविस्ट (हैकिंग करने वाले) ग्रुप ने इस साइबर हमले की जिम्मेदारी ली है। इस ग्रुप ने पटेल की तस्वीरें और ईमेल ऑनलाइन डाल दिए।
FBI ने माना डेटा लीक, लेकिन...
Federal Bureau of Investigation (FBI) ने इस डेटा ब्रीच की पुष्टि की है, लेकिन अपनी साख बचाने के लिए इसे ज्यादा गंभीर नहीं बताया। एजेंसी के प्रवक्ता विलियमसन ने कहा कि नुकसान को कम करने के लिए "सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि जो डेटा लीक हुआ है, वह पुराना है और उसमें कोई सरकारी या संवेदनशील जानकारी शामिल नहीं है। मतलब समझें तो दुनिया के सबसे ताकतवर देश की सबसे मजबूत एजेंसी के सबसे बड़े ऑफीसर का डेटा लीक हो गया और एजेंसी उसे कम गंभीर बता रही है।

300+ ईमेल और निजी तस्वीरें हुईं लीक
हैकर्स ने 2010 से 2019 के बीच के 300 से ज्यादा ईमेल और कैश पटेल की निजी तस्वीरें लीक की हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन ईमेल्स में निजी और काम से जुड़े दोनों तरह के मैसेज शामिल हैं। लीक हुई तस्वीरों में पटेल सिगार पीते और विंटेज कार चलाते नजर आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि इस लीक का मकसद ज्यादा नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें जलील करना है।
फिलस्तीनियों ने किया हैक, ईरान से जुड़े तार
डार्क वेब इंटेलिजेंस फर्म District 4 Labs के मुताबिक, यह जीमेल अकाउंट पहले भी डेटा ब्रीच मामलों में सामने आ चुका है। 'हैंडला हैक टीम' खुद को फिलिस्तीन समर्थक हैक्टिविस्ट ग्रुप बताती है, लेकिन कई पश्चिमी साइबर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह ग्रुप असल में ईरान से जुड़े साइबर नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। ऐसे में यह और ज्यादा सेंसटिव हो जाता है।

अन्य बड़े साइबर हमलों से भी जुड़ा है यह ग्रुप
इस हैकर ग्रुप ने हाल ही में Stryker (अमेरिकी मेडिकल कंपनी) के डेटा ब्रीच और Lockheed Martin के कर्मचारियों से जुड़े डेटा लीक की जिम्मेदारी भी ली है। हालांकि इनके कुछ दावे अभी तक पूरी तरह से साबित नहीं हुए हैं, लेकिन यह साफ है कि ईरान से जुड़े साइबर हमलों में हाल के समय में तेजी आई है।
साइबर एक्सपर्ट्स बोले-यह बड़ी रणनीति का हिस्सा
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। इजरायली साइबर फर्म Check Point Software Technologies के चीफ ऑफ स्टाफ Gil Messing ने कहा कि ऐसे हमलों का मकसद अमेरिकी अधिकारियों को शर्मिंदा करना और उन्हें उस डर का एहसास कराना होता है जिसके लिए वे तैयार नहीं है। एक अमेरिकी खुफिया आकलन में भी कहा गया था कि ईरान ऐसे छोटे लेकिन प्रभावी साइबर हमलों का सहारा ले सकता है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हाई-प्रोफाइल हैक
ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी बड़े अधिकारी का निजी ईमेल हैक हुआ हो। 2016 में John Podesta का जीमेल अकाउंट हैक हुआ था। वहीं 2015 में John Brennan (तत्कालीन CIA डायरेक्टर) के निजी ईमेल में भी सेंध लगी थी। भले ही अमेरिका इसे कम खतरनाक या कम गंभीर बताए लेकिन ये शर्मनाक तो है ही। क्या पता किसी अधिकारी की ऐसी कोई चैट या फोटो आ जाए जिसकी वजह से उसे अपना पद गवाना पड़े।
आगे क्या होगा? अभी साफ नहीं
फिलहाल यह साफ नहीं है कि कैश पटेल के अकाउंट से और भी डेटा लीक होगा या नहीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले भी ऐसे हैकर ग्रुप्स ने बड़े-बड़े दावे किए हैं, लेकिन वे हमेशा सच साबित नहीं हुए। अभी तक अधिकारियों का कहना है कि इस लीक में कोई गोपनीय जानकारी सामने नहीं आई है।
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