Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

US-Iran War: डेडलाइन से पहले दहला ईरान, अमेरिकी अटैक में खार्ग आइलैंड, रेलवे पुल सहित कई इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह

US Iran War: मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दी गई डेडलाइन खत्म होने से पहले ही अमेरिका ने ईरान पर बड़े हमले शुरू कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, तेहरान और शिराज जैसे प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया है।

उत्तरी अरब सागर में तैनात अमेरिकी नौसेना के जहाजों से दागी गई टॉमहॉक मिसाइलों ने ईरान के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान शर्तों को नहीं मानता, तो पूरे देश का पावर ग्रिड और ब्रिज नेटवर्क पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।

US Iran War

Tehran missile strike: तेहरान और शिराज पर मिसाइल प्रहार

अमेरिकी नौसेना के 'अर्ले बर्क-क्लास' डिस्ट्रॉयर्स ने तेहरान के सैन्य ठिकानों पर भीषण गोलाबारी की है। शिराज में ईरानी 'इंटेलिजेंस मिनिस्ट्री' के ठिकानों पर भी सटीक बमबारी की खबरें हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुवैत की ओर से लगभग 30 मिसाइलों ने ईरानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर महत्वपूर्ण ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। इन हमलों से ईरान की राजधानी में अफरा-तफरी का माहौल है और कई सरकारी इमारतों के जलने की सूचना मिली है।

ये भी पढे़ं: America Iran War: ईरान के किन पावर प्लांट को निशाना बना सकते हैं ट्रंप? 'बदले में ईरान देगा डबल झटका- एक्सपर्ट

Iran railway bridge strike: इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाया गया निशाना

इस बार अमेरिकी रणनीति ईरान की कमर तोड़ने की है। हमलों में केवल सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि रेलवे ब्रिज और परिवहन के मुख्य मार्गों को भी निशाना बनाया गया है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि वे ईरान के सभी पावर प्लांट्स और पुलों को मलबे में बदल सकते हैं। उनका मकसद ईरान की रसद आपूर्ति और बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ठप करना है ताकि वे बातचीत की मेज पर झुकने को मजबूर हो जाएं।

ये भी पढे़ं: Iran Vs America: जंग खत्म करने के लिए ईरान ने पेश किए 10 नई शर्तें, अगर नहीं बनी बात, मचेगी और तबाही?

खार्ग आइलैंड पर भी अटैक

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खार्ग आइलैंड (Kharg Island) पर भारी हवाई हमले किए हैं। यह द्वीप ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात हब है, जहां से देश का लगभग 90% कच्चा तेल निर्यात होता है।

हमलों में आइलैंड के सैन्य बुनियादी ढांचे, मिसाइल स्टोरेज और नौसैनिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी दावों के मुताबिक वहां के सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। खार्ग के साथ-साथ काशान रेलवे, याह्या अबाद ब्रिज और क़ोम के महत्वपूर्ण पुलों को भी नष्ट करने की खबरें हैं, जिससे ईरान की रसद आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर गहरा संकट मंडरा रहा है।

ट्रम्प की 24 घंटे की अंतिम चेतावनी

व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान के पास अब समय खत्म हो चुका है। उन्होंने मंगलवार रात 8 बजे (अमेरिकी समय) की समयसीमा तय की थी। ट्रम्प ने कहा कि "पूरे देश को एक ही रात में खत्म किया जा सकता है।" उनके अनुसार, अमेरिका ने पर्याप्त समय और विस्तार दिया था, लेकिन ईरान द्वारा 45 दिनों के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकराने के बाद यह कदम उठाना पड़ा।

ये भी पढ़ें: Israel Iran War: इजराइल के एक्शन से थर्राया ईरान, नेवी बेस सहित तीन एयरपोर्ट तबाह, दिल दहलाने वाला वीडियो

ईरान का रुख और वैश्विक प्रभाव

ईरान ने फिलहाल किसी भी समझौते से इनकार करते हुए युद्ध को स्थाई रूप से खत्म करने की मांग की है। तेहरान का कहना है कि वे किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। इस सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया को डरा दिया है क्योंकि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है और युद्ध का दायरा बढ़ सकता है। यदि यह हमला जारी रहता है, तो आने वाले कुछ घंटों में ईरान का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर 'कंप्लीट डिमोलिशन' (पूर्ण विनाश) की कगार पर पहुँच सकता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+