Trump PM Modi Talks: 'होर्मुज' तेल के रास्ते पर ट्रंप ने PM मोदी से क्या-क्या कहा? US-Iran तनाव के बीच मंथन
Donald Trump PM Modi Talks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। दोनों नेताओं के बीच मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में चल रहे US-इजरायल-ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के महत्व पर चर्चा हुई। यह बातचीत ऐसे समय में हुई, जब ट्रंप ने ईरान पर हमलों को पांच दिन के लिए टाल दिया है, लेकिन तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत के दावों पर विरोधाभासी बयान आ रहे हैं।

अमेरिकी राजदूत ने क्या बताया?
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी प्रधानमंत्री मोदी से बात की। दोनों ने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का महत्व भी शामिल है।'
यह फोन कॉल प्रधानमंत्री मोदी के संसद में दिए गए बयान के ठीक बाद आया, जिसमें उन्होंने होर्मुज में किसी भी प्रकार की बाधा को 'अस्वीकार्य' बताया था।
PM मोदी ने संसद में क्या कहा?
लोकसभा और राज्यसभा में बोलते हुए PM मोदी ने कहा-
- 'वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में व्यवधान अस्वीकार्य हैं।'
- 'युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला दिया है और ईंधन, पेट्रोल-डीजल, गैस तथा उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित हुई है।'
- 'भारत कूटनीति के जरिए भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।'
- 'सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और देश पर इसके प्रभाव को कम करने के कदम उठा रही है।'
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल परिवहन का करीब 20% हिस्सा संभालता है। इसका बंद होना या बाधित होना भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए बड़ी चिंता का विषय है।
US-ईरान तनाव और ट्रंप का अल्टीमेटम
28 फरवरी 2026 को शुरू हुए US-इजरायल-ईरान युद्ध में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। ईरान में 1,500 से अधिक, लेबनान में 1,000 से अधिक मौतें हुई हैं। ट्रंप ने शनिवार (21 मार्च) को ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था - होर्मुज को पूरी तरह खोलो, वरना ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला होगा।
24 मार्च को ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ 'बहुत अच्छी' बातचीत हुई है, इसलिए पावर प्लांट्स पर हमले को पांच दिन के लिए टाल दिया गया है। ईरान ने इन दावों से इनकार किया है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने ट्रंप के बयान को 'फर्जी खबर' बताया और कहा कि इसका मकसद तेल और वित्तीय बाजारों में हेरफेर करना है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची कई देशों (पाकिस्तान, तुर्की, ओमान, रूस आदि) से संपर्क कर रहे हैं। पाकिस्तान सहित कुछ देश मध्यस्थता की भूमिका में बताए जा रहे हैं।
भारत की स्थिति क्या?
भारत ने युद्ध में नागरिकों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की है। PM मोदी ने पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से भी बात की थी। भारत की चिंता मुख्य रूप से ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर है। यह फोन कॉल दिखाता है कि भारत इस संकट में कूटनीतिक रूप से सक्रिय है और होर्मुज जैसी महत्वपूर्ण समुद्री गलियारों की खुली रखरखाव को वैश्विक प्राथमिकता मानता है।












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