हमास के आतंकियों ने किया नरसंहार... इजराइल के समर्थन में पांच शक्तिशाली देशों का ज्वाइंट स्टेटमेंट
US Joint Statement on Israel: शनिवार को इजराइल पर किए गये हमास के आतंकवादी हमले के बाद दुनिया के पांच शक्तिशाली देशों की तरफ से एक ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी किया गया है, जिसमें इजराइल का समर्थन किया गया है और हमास के आतंकी हमले की निंदा की की गई है।
पांच देश, जिनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और जर्मनी हैं, उनकी तरफ से इजराइल के समर्थन में एक ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी किया गया है और कहा गया है, कि ये सभी देश, हमास के आतंकवादी हमले के खिलाफ इजराइल के साथ एकजुटता का समर्थन करते हैं।

इजराइल के समर्थन में खड़ा हुआ पश्चिम
हमास ने इस युद्ध की शुरूआत की थी और इजराइल ने इस युद्ध को अंजाम तक पहुंचाने की कसम खाई है। वहीं, इस युद्ध में अभी तक 1600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। किसी और युद्ध के विपरीत, इजराइल-हमास युद्ध में आम लोग मारे जा रहे हैं।
हमास ने इजराइल के आम लोगों को मारना शुरू किया था और इजराइल का जवाबी हमला दुनिया की सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्र गाजा पट्टी में हो रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटेन के प्रधान मंत्री ऋषि सुनक, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और इतालवी प्रधान मंत्री जियोर्जिया मेलोनी की तरफ से एक ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी किया गया है, जिसमें हमास के हमले को आतंकवादी कृत्य बताकर उसकी साफ शब्दों में निंदा की गई है।
ज्वाइंट स्टेटमेंट में कहा गया है, कि "आज, हम- फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन, जर्मनी के चांसलर स्कोल्ज़, इटली के प्रधान मंत्री मेलोनी, यूनाइटेड किंगडम के प्रधान मंत्री सुनक, और संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन - इज़राइल राज्य के प्रति अपना दृढ़ और एकजुट समर्थन व्यक्त करते हैं, और हमास और उसके आतंकवादी कृत्यों की हम स्पष्ट निंदा करते हैं।"
नेताओं ने बयान में कहा है, कि हमास की आतंकवादी कार्रवाइयों का कोई औचित्य नहीं है, कोई वैधता नहीं है और इसकी सार्वभौमिक रूप से निंदा की जानी चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस ज्वाइंट स्टेटमेंट को जारी किया है, जिसमें कहा गया है, कि "आतंकवाद का कभी कोई औचित्य नहीं है।"












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