'ड्रैगन' की चालबाजी! US की कंपनियों से बड़ी 'चालाकी' से 'हाइपरसोनिक मिसाइल' की तकनीक खरीद रहा चीन

पेंटागन द्वारा वित्त पोषित अमेरिकी कंपनियां हाइपरसोनिक मिसाइलों में शामिल चीनी कंपनियों को अपनी तकनीक बेच रही हैं।

चीन (China) की विस्तारवादी नीतियों, वैश्विक बाजार पर बढ़ती पकड़ की वजह से अमेरिका की उससे बनती नहीं है। ताइवान समेत अन्य कई मसलों पर दोनों देशों के बीच आए दिन तकरार होती रहती है। लेकिन इन सबके बीच एक ऐसी खबर हम आपको बताने जा रहे हैं जिसे सुनते ही आपके होश उड़ जाएंगे। खबर के मुताबिक, पेंटागन (Pentagon) द्वारा वित्त पोषित अमेरिकी कंपनियां हाइपरसोनिक मिसाइलों (Hypersonic Missiles) को बनाने वाली चीनी कंपनियों को अपनी तकनीक बेच रही है।

ड्रैगन की चालबाजी

ड्रैगन की चालबाजी

अमेरिकी कानून के तहत चीन को अमेरिकी उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, इसके बावजूद धड़ल्ले से अमेरिकी कंपनियां खतरनाक मिसाइलों की तकनीक चीन को बेच रही है। वाशिंगटन पोस्ट की एक जांच में पता चला है कि, अमेरिका की कई फर्म ऐसी हैं जो चीनी कंपनियों को अमेरिकी सॉफ्टवेयर, उपकरण की आपूर्ति चोरी छिपे करते हैं। ऐसे कामों में अक्सर बिचौलियों का सहारा लिया जाता है। वाशिंगटन पोस्ट के इस खुलासे से अमेरिका में हड़कंप मच गया है। क्योंकि उसकी कई कंपनियां दुश्मन देश को हथियारों के तकनीक मुहैया कर रही हैं। वाशिंगटन पोस्ट ने बताया कि कैसे 2019 के बाद से 300 से अधिक अमेरिकी तकनीकों को कई अमेरिकी कंपनियों ने चीन को बेचे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि, जिन अमेरिकी फर्मों को अक्सर पेंटागन द्वारा वित्त पोषित किया जाता था, ऐसी कंपनियां चीनी कंपनियों के साथ मिलकर अमेरिकी कार्यक्रमों को बेच देते थे।

अमेरिकी कंपनियां चीन को बेच रही सैन्य तकनीक

अमेरिकी कंपनियां चीन को बेच रही सैन्य तकनीक

सेंटर फॉर नेशनल सिक्योरिटी इनिशिएटिव्स के निदेशक इयान बॉयड ने बताया कि, यह खुलासा बेहद ही परेशान करने वाला है। उन्होंने कहा क, सैन्य हाइपरसोनिक्स के लिए इस्तेमाल में लाए जाने वाली यूएस तकनीक करदाताओं द्वारा वित्त पोषित किया गया था, जिसे चीन खरीद रहा है। उधर पेंटागन के अधिकारियों का कहना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन वर्तमान में सबसे अत्याधुनिक हथियार बनाने की होड़ में लगे हुए हैं। 2021 में जुलाई और अगस्त के महीने में चीनी सेना ने एक रॉकेट लॉन्च किया था जिसने पहली बार पृथ्वी के चारों और परमाणु सक्षम हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन को चलाने के लिए 'आंशिक कक्षीय बमबारी' प्रणाली का उपयोग किया। चीन के इस परीक्षण ने अमेरिका को हैरान कर दिया था। क्योंकि मिसाइल के क्षेत्र में यह चीन की पहले वाली क्षमता से कई गुना अधिक थी।

मच गया तहलका

मच गया तहलका

वाशिंगटन पोस्ट की टीम ने इसको लेकर कई सबूत जुटाए, और खुलासे ने तहलका मचा दिया। पोस्ट ने जो खुलासे किए उसमें, अमेरिकी फर्मों ने एक चीनी कंपनी को बिचौलियों के माध्यम से उपकरण बेचे थे। जानकारी के मुताबिक कंपनियों में से एक एरिजोना स्थित ज़ोना टेक्नोलॉजी थी, जिसने पुनर्विक्रेताओं के माध्यम से चीनी एकेडमी ऑफ एयरोस्पेस एरोडायनामिक्स (सीएएए) को प्रौद्योगिकी बेची थी। खबरों के मुताबिक इसलिए 2021 के परीक्षण में ज्यादातर अकादमी, सीएएए शामिल थी।

बिचौलियों के माध्यम से बेची जा रही तकनीक

बिचौलियों के माध्यम से बेची जा रही तकनीक

सीएए को बिचौलियों के माध्यम से बेचने वाली कंपनियों में से एक कैलिफोर्निया स्थित मेटाकॉम्प टेक्नोलॉजीज थी, जो ज़ोना की तरह, अमेरिकी सेना के साथ काम करती है और मेटाकॉम्प के मामले में $ 13.9 मिलियन का एसआईबीआर अनुदान प्राप्त करती है। मेटाकॉम्प के कानूनी वकील डेविड हबीब ने द वाशिंगटन पोस्ट को बताया कि फर्म को 'इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन कंपनियों ने मेटाकॉम्प सॉफ्टवेयर हासिल किया है या नहीं या इसे दूसरों को हस्तांतरित किया है।' उन्होंने कहा कि फर्म 'अमेरिकी निर्यात नियंत्रण कानूनों का पालन करने की दिशा में ईमानदारी बरत रही है, और मांग करती है कि उनके ग्राहक भी इन बातों का अनुपालन करें। वहीं, एरिजोना स्थित एक अन्य फर्म, 4D टेक्नोलॉजी कॉर्प, हाइपरसोनिक परीक्षणों में डेटा एकत्र करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक उपकरण बनाती है, जिसे इंटरफेरोमीटर कहा जाता है। जानकारी के मुताबिक कंपनी ने 2010 से 2017 तक पेंटागन एसबीआईआर अनुदान में 2.5 मिलियन डॉलर से अधिक प्राप्त किए। जनवरी में इसे देश के इंटरफेरोमीटर तकनीक में अपने वितरक के माध्यम से बेचा, जो चाइना एयर टू एयर मिसाइल रिसर्च इंस्टीट्यूट में चला गया। हालांकि, उन्होंने बिक्री पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

क्या अमेरिकी तकनीक चीन को बेची जा रही है?

क्या अमेरिकी तकनीक चीन को बेची जा रही है?

जोना टेक्नोलॉजी के पास अमेरिकी वायु सेना के साथ अनुसंधान और विकास सेवाओं के अनुबंध हैं और पेंटागन के लघु व्यवसाय नवाचार अनुसंधान कार्यक्रम (एसबीआईआर) से अनुदान में 31.6 मिलियन डॉलर प्राप्त हुए हैं। जोना टेक्नोलॉजी के मुख्य कार्यकारी पिंग-चिह चेन ने कहा कि उन्हें सीधे सीएएए को इसके एरोएलास्टिकिटी सिमुलेशन सॉफ्टवेयर जो कि एक प्रकार का एरोडायनामिक्स सॉफ्टवेयर है, की बिक्री का कोई ज्ञान नहीं था। हालांकि, उन्होंने कहा कि, जोना ने इसे दूसरी कंपनी को बेच दिया था। बिक्री अनुबंधों के अनुसार इसे सीएएए को दे दिया गया। ज़ोना के चीन वितरक, जॉन डिंग ने कहा कि उन्होंने 2019 में बीजिंग स्थित एक फर्म, हिफर को ज़ोना सॉफ़्टवेयर का लाइसेंस दिया। डिंग ने द वाशिंगटन पोस्ट को बताया कि उन्हें भरोसा है कि उनके ग्राहक नियमों का उल्लंघन नहीं करेंगे, और इसलिए उन्होंने जांच नहीं की कि क्या तकनीक बेची जा रही है।

चीन को अमेरिकी सैन्य तकनीक की जरूरत

चीन को अमेरिकी सैन्य तकनीक की जरूरत

अखबार ने बताया कि टेक दिग्गज, सीमेंस डिजिटल इंडस्ट्रीज सॉफ्टवेयर का एक अमेरिकी डिवीजन, दिसंबर 2020 में बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को एक रिसेलर (reseller) तकनीक के माध्यम से बेचा गया। सीमेंस डिजिटल इंडस्ट्रीज सॉफ्टवेयर ने जुलाई में ज़ोना टेक्नोलॉजी के अधिग्रहण के लिए एक समझौते की घोषणा की थी। यह सौदा लंबित है। वहीं, चीन के लिए अमेरिकी प्रौद्योगिकी का मूल्य अब साफ हो चुका है। एक चीनी वैज्ञानिक ने कहा कि, वे विदेशी तकनीक के बगैर कुछ चीजें नहीं कर सकते हैं। वहीं, एक यूएस शोधकर्ता ने कहा कि सॉफ्टवेयर और प्रौद्योगिकी की खरीद से चीन के वैज्ञानिकों को भारी मात्रा में समय और खर्च की बचत होगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+