US Elections 2024: कमला हैरिस और ट्रंप में से भारत के प्रति कौन होगा ज्यादा फ्रेंडली? एक्सपर्ट्स से जानें
US Elections 2024 Voting: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के बीच भारत-अमेरिका संबंधों के भविष्य को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच वर्तमान सकारात्मक संबंधों के बने रहने की संभावना है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के बीच नीतिगत दृष्टिकोण में कुछ महत्वपूर्ण भिन्नताएं हो सकती हैं।
चुनाव के चलते यह देखना दिलचस्प होगा कि इन दोनों में से जो भी व्हाइट हाउस पहुंचे, वह भारत के साथ कैसे संबंध बनाए रखता है। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के ध्रुव जयशंकर के अनुसार, व्यापार, ऊर्जा और आव्रजन (Immigration) नीतियों में दोनों उम्मीदवारों के दृष्टिकोण में अंतर हो सकता है।

उन्होंने बताया कि ट्रंप का भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति सकारात्मक रुख रहा है, लेकिन वे व्यापार और आव्रजन पर सख्त बातचीत कर सकते हैं। दूसरी ओर, कमला हैरिस का रुख बाइडेन प्रशासन की नीतियों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित हो सकता है, जिसमें एक अधिक प्रगतिशील एजेंडा देखा जा सकता है।
डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स की प्राथमिकताएं
भारत-अमेरिका ऊर्जा संबंधों में भी बदलाव की संभावना है। जयशंकर का मानना है कि एक डेमोक्रेटिक प्रशासन जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिससे दोनों देशों के बीच पर्यावरणीय सहयोग बढ़ सकता है। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल को प्राथमिकता दे सकती है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में अलग दिशा देखने को मिल सकती है।
भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों की आवश्यकता
अटलांटिक काउंसिल के कपिल शर्मा के अनुसार, भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना अमेरिका के लिए जरूरी है। भारत का तेजी से बढ़ता आर्थिक विकास किसी भी अमेरिकी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। शर्मा ने विश्वास जताया कि भले ही कोई भी राष्ट्रपति बने, भारत-अमेरिका संबंध मजबूत बने रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के सालों में कई भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, दोनों देशों के संबंध पहले जैसी कठिनाइयों का सामना नहीं कर रहे हैं।
क्या ट्रंप भारत के प्रति ज्यादा फ्रेंडली होंगे?
कैपिटल हिल के वरिष्ठ अनंग मित्तल के अनुसार, ट्रंप के नेतृत्व में भारत-अमेरिका संबंधों में और भी सकारात्मकता देखी जा सकती है। मित्तल का मानना है कि दोनों देशों के बीच की साझेदारी इतनी गहरी है कि सत्ता में किसी भी पार्टी के होने पर भी यह प्रभावित नहीं होगी। उनके अनुसार, इस बार का अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव दशकों में सबसे करीबी मुकाबलों में से एक है, और इस चुनाव के नतीजे भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा तय करने में अहम होंगे।
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भारतीय-अमेरिकी समुदाय का महत्व
भारतीय-अमेरिकी समुदाय इस चुनाव में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, खासकर स्विंग स्टेट्स में। यह समुदाय परंपरागत रूप से डेमोक्रेट्स का समर्थन करता है, लेकिन हाल के समय में कुछ युवा भारतीय-अमेरिकी मतदाता रिपब्लिकन्स और ट्रंप के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। ध्रुव जयशंकर के अनुसार, इस जनसांख्यिकीय परिवर्तन का चुनावी नतीजों पर असर हो सकता है और यह भारत-अमेरिका संबंधों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
भविष्य में व्यापार और आव्रजन पर प्रभाव
एक्सपर्ट्सों का मानना है कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय के मतदान पैटर्न में बदलाव से दोनों देशों के बीच व्यापार और आव्रजन नीतियों पर भी असर पड़ सकता है। इन विकसित मतदाता वरीयताओं से अमेरिका में भारत के लिए नीतिगत निर्णयों का आकार बदल सकता है। अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते संबंधों को देखते हुए, यह चुनाव दोनों देशों के भविष्य के कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई दिशा दे सकता है।
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