US Election 2024: अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव में स्विंग स्टेट जॉर्जिया में रिकॉर्ड वोटिंग, क्या कह रहे वोटर्स?
US Presidential Election 2024: अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव 2024 के लिए स्विंग स्टेट्स में मतदान शुरू हो गये हैं और इसके साथ ही इलेक्टोरेल कॉलेज प्रक्रिया के तहत 270 इलेक्ट्रोरेल वोट हासिल करने की रेस शुरू हो चुकी है।
जॉर्जिया में मंगलवार को रिकॉर्ड संख्या में शुरुआती वोट डाले गए हैं, जो एक स्विंग स्टेट है। जॉर्जिया को स्विंग स्टेट इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसके पास ज्यादा संख्या मे इलेक्टर्स होते हैं और जो ये राज्य जीतेगा, उसके व्हाइट हाउस पहुंचने की संभावना उतनी ही ज्यादा हो जाएगी।

आसान शब्दों में समझें, तो अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव में 5 या 6 राज्य ऐसे होते हैं, जिन्हें स्विंग स्टेट कहा जाता है और यही राज्य तय करते हैं, कि देश का राष्ट्रपति कौन होगा, क्योंकि इन्हीं राज्यों के पास सबसे ज्यादा इलेक्टर्स होते हैं। अभी जॉर्जिया में जो मतदान हुआ है, वो इलेक्टर्स चुनने के लिए किया गया है और जब भी राज्यों में इलेक्टर्स चुन लिए जाएंगे, तब उनकी कुल संख्या 540 होगी और फिर इलेक्टर्स वोट डालकर तय करेंगे, कि कमला हैरिस या डोनाल्ड ट्रंप में से कौन राष्ट्रपति होगा। यानि, जिस उम्मीदवार को 270 इलेक्टर्स का वोट मिलेगा, वो व्हाइट हाउस पहुंचेगा।
इसीलिए अमेरिकी चुनाव में इलेक्टोरेल कॉलेज राष्ट्रपति को चुनने में सबसे अहम भूमिका निभाता है।
जबकि, 5 नवंबर को जो मतदान होगा, उसमें अमेरिका के मतदाना डोनाल्ड ट्रंप या कमला हैरिस के लिए मतदान करेंगे, लेकिन ये जरूरी नहीं है, कि उस दिन की वोटिंग में जिसे ज्यादा वोट मिलेंगे, वो राष्ट्रपति बन ही जाएगा। राष्ट्रपति का चुनाव इलेक्टोरेल कॉलेज से ही होता है।
जॉर्जिया में रिकॉर्ड मतदान
जॉर्जिया एक महत्वपूर्ण स्विंग स्टेट है, जो पिछले दिनों तूफान हेलेन और विवादास्पद चुनाव प्रशासन परिवर्तनों के नतीजों से जूझ रहा है, जिसने मुकदमों की झड़ी लगा दी है। जॉर्जिया के राज्य सचिव के कार्यालय के गेब स्टर्लिंग ने एक्स पर कहा, कि मंगलवार को 328,000 से ज्यादा मत डाले गए हैं। उन्होंने कहा, "पहले दिन के शुरुआती मतदान और अनुपस्थित लोगों को स्वीकार करने के रिकॉर्ड के साथ अब तक कुल 328,000 से ज्यादा वोट डाले गए हैं।"
स्टर्लिंग ने कहा कि 2020 में पहले दिन का पिछला रिकॉर्ड 136,000 था।
इस बार के राष्ट्रपति चुनाव में सबसे ज्यादा नजर स्विंग स्टेट्स पर ही है और पिछले राष्ट्रपति चुनाव में जॉर्जिया में डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति जो बाइडेन से मामूली अंतर से चुनाव हार गये थे और इस बार ट्रंप ने जॉर्जिया जीतने के लिए पूरी ताकत लगा रखी है।
डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने चुनाव आयोजित करवाने के नये तरीकों को शामिल करते हुए राज्य चुनाव बोर्ड में कई परिवर्तन किए हैं, जिसे डेमोक्रेटिक पार्टी ने अदालत में चुनौती दी है, जिसकी वजह से चुनाव विवादित हो गया है, हालांकि पहले चरण का चुनाव हो जाने के बाद भी कोर्ट की तरफ से अभी तक फैसला नहीं आया है।
हालांकि, CNN से बात करने वाले अटलांटा-क्षेत्र के कुछ मतदाताओं ने कहा, कि इस बार चुनाव प्रक्रिया काफी आसान हो गई है और उन्हें वोट करने में इस बार कोई परेशानी नहीं हुई है।
एक मतदाता कोरीन कनाडा ने कहा, कि "पिछली बार जब मैंने मतदान किया था, तो मैंने शहर में मतदान किया था, जहां लंबी लंबी कतारें थीं और सिर्फ 3 लोग ही मतदान करवा रहे थे। जिसकी वजह से ज्यादातर लोग कुछ देर बैठने के बाद बिना वोट डाले ही चले गये, लोगों के पास काम होते हैं, मुझे भी काम से जाना था, तो मैं भी ज्यादा देर नहीं बैठ सकता था।"
इस बार वोटिंग प्रक्रिया को काफी आसान कर दिया गया है, ज्यादा अधिकारी लगाए गये हैं और मतदाताओं की परेशानी कम करने के लिए भी कई तरह के कदम उठाए गये हैं।
राज्य के कुछ हिस्से पिछले महीने अमेरिका में आए तूफान हेलेन से अभी भी उबर रहे हैं, जिसने अमेरिका के दक्षिण-पूर्व के कई अन्य राज्यों में तबाही मचाई थी। जॉर्जिया के चुनाव अधिकारियों का कहना है, कि अमेरिकी डाक सेवा द्वारा अनुपस्थित मतपत्र निर्धारित समय पर भेजे गए और वो तूफान से प्रभावित नहीं हुए।
रिपब्लिकन राज्य सचिव ब्रैड रैफ़ेंसपरगर ने मंगलवार को कहा, कि "अभी तक, हमने 250,000 से ज्यादा मतदाताओं को अनुपस्थित मतपत्रों का अनुरोध करते देखा है। शायद अगले हफ्ते या उससे भी कुछ ज्यादा समय में हम देखेंगे, कि मतदान की संख्या बढ़कर 300,000 हो जाएगी- और हमें लगता है कि इस चक्र में लगभग 5-6% मतदाता अनुपस्थित मतदान करेंगे।"
जॉर्जिया के वोटर्स क्या कह रहे हैं?
अटलांटा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर कतार में खड़े दो मतदाताओं ने, जो डेमोक्रेट के रूप में पहचाने जाते हैं, कहा कि वे डोनाल्ड ट्रंप के इर्द-गिर्द होने वाली "अराजकता" से बचने के प्रयास में कमला हैरिस के लिए मतदान कर रहे हैं।
फे एन्सवर्थ नाम के एक मतदाता ने कहा, "यह आवश्यक है, कि हम आज मतदान करें क्योंकि हम हरसंभव अराजकता को रोकना चाहते हैं, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप सबसे क्रूर, अशिक्षित, नस्लवादी व्यक्ति साबित हुए हैं, जिसका हमने सामना किया है।"
वहीं, 77 वर्षीय जोसेफ हेनरी किंग जूनियर ने कहा, "हमारे पास राष्ट्रपति बनने के लिए कतार में एक पागल व्यक्ति है और उसका विरोध करने वाली एक बहुत ही सक्षम युवा महिला है।"
जबकि, 32 वर्षीय करीम रॉसहैंडलर, जो एक न्यूट्रल वोटर हैं, उन्होंने कहा, कि वे ग्रीन पार्टी के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार जिल स्टीन के लिए मतदान कर रहे हैं, ताकि हमास के साथ युद्ध में इजराइल के लिए उनके समर्थन पर डेमोक्रेट को संदेश दिया जा सके। उन्होंने कहा, कि "हम पिछले एक साल से हथियारों पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं और उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, और अगर हम उस संदेश को वहां नहीं पहुंचाते हैं, जहां इसकी वास्तव में जरूरत है, यानी मतपत्रों पर, तो सभी विरोध और पोस्टरों का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।"
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