मंगल पर मिले ‘पत्थर टॉवर’ पर झूठ बोल रहा है NASA? एक्सपर्ट ने कहा, दुर्घटनाग्रस्त हुए UFO का है मलबा
77 वर्षीय उरी गेलर ने कहा कि, ‘दशकों से, मैंने माना है कि लाल ग्रह पर एलियंस के वाहन यूएफओ दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं और उनकी संख्या शायद एक से कहीं ज्यादा है’।
वॉशिंगटन, जून 19: पिछले दिनों मंगल ग्रह पर मिले पत्थरों के टॉवर को लेकर प्रसिद्ध एलियन विशेषज्ञ उरी गेलर ने दावा किया है, कि मंगल ग्रह पर पाए गए रॉक टावरों के बारे में नासा झूठ बोल रहा है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि, वो असल में पत्थरों के टावर नहीं, बल्कि वे एक दुर्घटनाग्रस्त यूएफओ के अवशेष हैं।

मंगल पर झूठ बोल रहा नासा?
स्पून बेंडर उरी गेलर ने कहा है कि वह अंतरिक्ष एजेंसी के दावों से नाराज़ हैं, क्योंकि "कोई भी तार्किक व्यक्ति" बता सकता है कि टावर चट्टानें नहीं हैं। अपनी आंखो से चम्मच को मोड़ देने वाले प्रसिद्ध मानसिक विशेषज्ञ और करामाती उरी गेलर ने कहा कि, नासा के पास मंगल ग्रह पर दुर्घटनाग्रस्त यूएफओ दिखाने वाले बहुत सारे फुटेज हैं। आधिकारिक स्पष्टीकरण के बजाय, गेलर का कहना है कि, उनका मानना है कि लाल मोड़ वाली संरचनाएं कभी सावधानीपूर्वक डिजाइन किए गए यूएफओ का आंतरिक हिस्सा थीं।

मंगल पर दुर्घटनाग्रस्त हुए यूएफओ
77 वर्षीय उरी गेलर ने कहा कि, 'दशकों से, मैंने माना है कि लाल ग्रह पर एलियंस के वाहन यूएफओ दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं और उनकी संख्या शायद एक से कहीं ज्यादा है'। उन्होंने कहा कि, 'मेरे लिए, चट्टान का यह टुकड़ा यूएफओ से अलग होने जैसा दिखता है, यह निश्चित रूप से प्राकृतिक या मंगल पर निर्मित नहीं है। मुझे लगता है कि यह कुछ आंतरिक बातें हैं, क्योंकि एक अंतरिक्ष यान एक बड़ी वस्तु है और जब यह दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है, तो यह चारों ओर स्प्रे कर देता है'। उन्होंने नासा पर सवाल उठाते हुए कहा कि, "आपको तस्वीरों को देखना है और बस खुद से पूछना है, क्या ये चट्टानों की तरह दिखते हैं?'

दुर्घटनाग्रस्त मलवा होने का दावा
उरी गेलर ने नासा को झुठलाते और दावा करते हुए कहा कि, "कोई भी तर्कसंगत व्यक्ति, कोई भी तार्किक व्यक्ति आपको बताएगा कि यह चट्टान नहीं हो सकता है और यह किसी चीज का मुड़ा हुआ मलबा है। मैं वास्तव में विश्वास नहीं करता कि नासा ने क्या कहा है।" आपको बता दें कि, ये आश्चर्यजनक खोज इस साल मई में नासा के क्यूरियोसिटी रोवर द्वारा की गई थी, हालांकि वर्तमान में यह अज्ञात है कि, मंगल ग्रह मिले ये टावर कितने लंबे, पुराने या मजबूत हैं। खगोलविदों ने दावा किया है कि वे एक बड़ी चट्टान संरचना का हिस्सा हैं जो वर्षों पहले नष्ट हो गई है। उरी ने उस समय भविष्यवाणी की थी कि द्वार को एलियंस द्वारा लेजर बीम से उकेरा गया था।

पर्सीवरेंस रोवर ने की मंगल पर खोज
आपको बता दें कि, 15 जून को पर्सीवरेंस रोवर टीम ने इसके बारे में ट्वीट करके जानकारी दी है। इसमें कहा गया है, 'मेरी टीम को कुछ अप्रत्याशित मिला है: यह थर्मल कंबल का एक टुकड़ा है जो उन्हें लगता है कि मेरे उतरने के चरण में आया हो सकता है, रॉकेट-पावर्ड जेट पैक जिसने मुझे 2021 में लैंडिंग के दिन यहां पर उतारा था।' 13 जून को रोवर के बाएं मास्टकैम-जेड कैमरे से खींची गई फोटो में, पन्नी का एक टुकड़ा जिसके चारों ओर डॉट्स मौजूद हैं, स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

नासा को मंगल पर बड़ी कामयाबी
नासा की तरफ से पिछले साल अक्टूबर में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि मंगलग्रह पर मौजूद उसके रोवर ने कुछ ऐसी तस्वीरें भेजी हैं, जिससे पता चलता है कि 3.7 अरब साल पहले मंगलग्रह के निर्माण में पानी ने भूमिका निभाई थी। नासा के रोवर ने जिन तस्वीरों को भेजा था, उसमें एक डेल्टा के होने का पता चला है। जिसका मतलब ये हुआ कि, रोवर द्वारा भेजी तस्वीर में एक सूखा पानी के झील के होने का पता चला है। तस्वीरों के आधार पर वैज्ञानिकों ने कहा कि, इन तस्वीरों के आधार पर मंगल ग्रह पर प्राचीन जीवन होने के सबूत खोजने काफी मदद मिलेगी।

धरती की नदियों से समानता?
वैज्ञानिकों के मुताबिक, झील के अंदर जो शिलाखंड आ गये थे, उनके नीचे नये परतों को निर्माण हुआ है, जिससे कई जानकारियां हासिल होती हैं। फ्लोरिडा में नासा के खगोलविज्ञानी एमी विलियम्स और उनकी टीम ने क्रेटर फ्लोर से देखी गई चट्टानों की विशेषताओं और पृथ्वी के नदी डेल्टा में पैटर्न के बीच समानताएं पाईं हैं। स्टडी में कहा गया है कि, नीचे की तीन परतों के आकार ने पानी की उपस्थिति और स्थिर प्रवाह को दिखाया है, जो दर्शाता है कि मंगल लगभग 3.7 अरब साल पहले पानी तो मौजूद था ही, इसके साथ साथ पर्याप्त गर्मी और आर्दता भी मौजूद था। वैज्ञानिकों ने कहा है कि, रोवर ने जो लेटेस्ट तस्वीरें भेजी हैं, उससे पता चलता है कि, झील में एक मीटर से ज्यादा व्यास वाले बोल्डर बिखरे पड़े हैं, जो उस प्रचंड बाढ़ में वहां लाए गये होंगे।

कौन हैं मशहूर जादूगर उरी गेलर?
उरी गेलर का जन्म 20 दिसंबर 1946 को एक इजरायली-ब्रिटिश परिवार में हुआ था और वो विश्व के सबसे बेहतरीन जादूगर माने जाते हैं और प्रख्यात टेलीविजन व्यक्तित्व हैं। वो हिप्नोटाइज कला में माहिर हैं और चम्मम को मोड़ने के लिए जाने जाते हैं। इसके साथ ही 'भ्रम' कार्यक्रम के लिए जाने जाते हैं। साइकोकिनेसिस और टेलीपैथी के प्रभावों का अनुकरण करने के लिए गेलर कंज्यूरिंग ट्रिक्स का उपयोग करते हैं। एक मनोरंजनकर्ता के रूप में गेलर का करियर चार दशकों से अधिक समय तक चला है, जिसमें कई देशों में टेलीविज़न शो और प्रदर्शन शामिल हैं। हालांकि, जादूगरों ने गेलर को वास्तव में मानसिक शक्तियों के होने के दावों के कारण एक धोखाधड़ी कहा है।












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