ChatGPT पर बैन नहीं लगाएगी कैंब्रिज यूनिवर्सिटी, जानें क्यों इसे लेकर दो फाड़ हुआ शिक्षा विभाग
कैंब्रिज विश्वविद्याल ने कहा है कि वह इस टेक्नोलॉजी पर फिलहाल कोई प्रतिबंध नहीं लगाने जा रही है। संस्थान ने कहा कि छात्रों को खुद ही अपने आलेख लिखना चाहिए न कि उन्हें इस तकनीक की मदद लेनी चाहिए।

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कैंब्रिज विश्वविद्यालय ने छात्रों को चैटजीपीटी का उपयोग करने की अनुमति दे दी है। हालांकि इसका उपयोग पाठ्यक्रम या परीक्षा के दौरान करने पर मनाही है। आपको बता दें कि ChatGPT को अमेरिका की स्टार्टअप कंपनी OpenAI ने नवंबर में लॉन्च किया था। इस कंपनी में माइक्रोसॉफ्ट ने अरबों का निवेश किया है। अपने सटीक जवाब देने की योग्यता ने ChatGPT को दुनिया भर में मशहूर बना दिया है।
ऑक्सफोर्ड ने लगा रखा है प्रतिबंध
कैंब्रिज विश्वविद्याल ने कहा है कि वह इस टेक्नोलॉजी पर फिलहाल कोई प्रतिबंध नहीं लगाने जा रही है। संस्थान ने कहा कि छात्रों को खुद ही अपने आलेख लिखना चाहिए न कि उन्हें इस तकनीक की मदद लेनी चाहिए। हालांकि इसके साथ ही कैंब्रिज ने कहा कि संस्थान तकनीक की मदद से होने वाले अकादमिक कदाचार की जांच कर रहा है। आपको बता दें कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने मूल्यांकन कार्य में छात्रों को चैटजीपीटी या किसी अन्य "एआई टूल्स" का उपयोग करने पर प्रतिबंध लगा रखा है।
एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी ने भी चेताया
एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी ने कहा है कि जो छात्र किसी भी सामग्री को लिखने के लिए इस एआई टूल का उपयोग करते हैं, उसे कदाचार माना जाएगा। इसी तरह, यॉर्क यूनिवर्सिटी ने कहा कि टेक्नोलॉजी, भविष्य का निर्माण करने में सहायक है। यह छात्रों के सीखने के उनके अनुभवों को अधिक फायदेमंद और प्रासंगिक बनाने में मददगार है। हालांकि यॉर्क ने भी मूल्यांकन कार्य में ChatGPT की मदद लेने पर प्रतिबंध लगा रखा है।
ChatGPT पर अलग-अलग राय
वारविक विश्वविद्यालय ने कहा है कि नह इस एआई तकनीक के उपयोग पर प्रतिबंध नहीं लगा रही है। विश्वविद्यालय ने तर्क दिया गया है कि सकारात्मक रूप में यह तकनीक फायदेमंद है। आपको बता दें कि इस महीने की शुरुआत में कैंब्रिज के प्रो-वाइस-चांसलर प्रोफेसर भास्कर वीरा ने कहा था कि चैटजीपीटी जैसे एआई सॉफ़्टवेयर पर प्रतिबंध लगाना समझदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें यह पहचानना होगा कि यह नया उपकरण है जो सबके लिए उपलब्ध है। इसका हर कोई उपयोग करेगा। प्रोफेसर ने कहा कि इसके लिए हमें सीखने, सिखाने और परीक्षा प्रक्रियाओं को इसके अनुकूल बनाना होगा।
पारंपरिक नियम बदल सकता है ChatGPT
आपको बता दें कि चैट जीपीटी लॉन्च हुए अभी 3 महीने हुए हैं। लेकिन इसकी लोकप्रियता ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं। न्यूयार्क, लॉस एंजेल्स, बाल्टीमोर सिएटेल आदि शहरों में शिक्षा विभाग ने प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि बच्चे अपने गृहकार्य के लिए इस तकनीक का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग इस बात की समीक्षा कर रहे हैं कि क्या उन्हें बच्चों को नकल करने से रोकने के लिए होमवर्क गतिविधियों में बदलाव करने की जरूरत है। दक्षिण लंदन में एक स्वतंत्र स्कूल एलेयन्स के प्रमुख ने कहा कि चैटजीपीटी से स्कूल के पारंपरिक नियम जल्द ही अप्रचलित हो सकते हैं।
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