CBSE Row: ‘मेरी कॉपी कहां गई?' कौन हैं वेदांत श्रीवास्तव जिसके एक पोस्ट से मचा बवाल, बोर्ड को देनी पड़ी सफाई
CBSE Answer Sheet Row: CBSE की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच दिल्ली का 12वीं का छात्र वेदांत श्रीवास्तव अचानक राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गया। एक साधारण री-इवैल्यूएशन अनुरोध से शुरू हुआ मामला सोशल मीडिया पर इतना बड़ा बन गया कि CBSE को सार्वजनिक रूप से जवाब देना पड़ा और आखिरकार बोर्ड ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए छात्र से माफी भी मांगी।
हालांकि इस पूरे विवाद ने सिर्फ CBSE की मूल्यांकन प्रणाली पर सवाल नहीं खड़े किए, बल्कि सोशल मीडिया ट्रोलिंग और ऑनलाइन दुर्व्यवहार के गंभीर पहलू को भी उजागर कर दिया।

Who Is Vedant Srivastava जिनके एक पोस्ट से मचा बवाल?
वेदांत श्रीवास्तव दिल्ली के एक 17 वर्षीय छात्र हैं जिन्होंने इस साल CBSE कक्षा 12वीं की परीक्षा दी थी। रिजल्ट आने के बाद उन्हें फिजिक्स विषय में उम्मीद से काफी कम अंक मिले। इसके बाद उन्होंने 19 मई को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी देखने के लिए आवेदन किया।
23 मई को जब CBSE की ओर से स्कैन कॉपी उपलब्ध कराई गई, तब वेदांत ने देखा कि उनके रोल नंबर पर अपलोड की गई फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका उनकी नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि कॉपी में लिखी हैंडराइटिंग उनकी बाकी उत्तर पुस्तिकाओं से पूरी तरह अलग थी। इसके बाद वेदांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी फिजिक्स, इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस की कॉपियों के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए सवाल उठाया कि आखिर उनकी असली उत्तर पुस्तिका कहां गई।
उन्होंने पोस्ट में लिखा-मैंने पूरे साल मेहनत की, नींद छोड़ी, मानसिक शांति छोड़ी और अब मुझे यह भी नहीं पता कि मेरी असली फिजिक्स कॉपी चेक हुई भी या नहीं।
हक की आवाज उठाने पर मिला 'पाकिस्तानी' और 'देशद्रोही' का टैग
वेदांत की पोस्ट कुछ ही घंटों में वायरल हो गई और लाखों लोगों तक पहुंच गई। लेकिन जहां एक तरफ कई लोग उनके समर्थन में आए, वहीं दूसरी ओर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और अभद्र टिप्पणियों का सामना भी करना पड़ा। कुछ यूजर्स ने उन पर CBSE की छवि खराब करने का आरोप लगाया। वहीं, उनके X प्रोफाइल में लोकेशन South Asia दिखने के कारण कई लोगों ने उन्हें पाकिस्तानी तक कह दिया। इस विवाद में दूरदर्शन न्यूज के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव का नाम भी सामने आया, जिन्होंने शुरुआत में वेदांत को पाकिस्तानी कहा था। बाद में उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्होंने माफी भी मांगी।
राहुल गांधी और CJP ने किया समर्थन
विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी वेदांत के समर्थन में उतर आए। राहुल गांधी ने कहा कि एक 17 वर्षीय छात्र जिसने सिर्फ अपनी कॉपी में गड़बड़ी की शिकायत की, उसे एंटी-नेशनल और सोरॉस एजेंट कहा जाने लगा। वहीं सोशल मीडिया पर चर्चित Cockroach Janta Party (CJP) ने भी वेदांत का समर्थन करते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर दी। पार्टी ने कहा कि छात्र ने सिर्फ CBSE की अव्यवस्था को उजागर किया है।
पिता और भाई का छलका दर्द
वेदांत के पिता संजय श्रीवास्तव ने बताया, "इस पूरी घटना ने मेरे बेटे के मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डाला है। कॉपियां बदलने के बाद से वह वैसे ही सो नहीं पा रहा था, ऊपर से सोशल मीडिया पर उसे पाकिस्तानी कहा जाने लगा। वह अब फोन से पूरी तरह दूर है।"
वहीं वेदांत के भाई सिद्धांत ने स्पष्ट किया कि वेदांत का पहले से कोई ट्विटर अकाउंट नहीं था, वह केवल पढ़ाई करता था। यह अकाउंट केवल इस गंभीर समस्या को उठाने के लिए तुरंत बनाया गया था, और तकनीकी सेटिंग की वजह से वहां साउथ एशिया रिफलेक्ट हो रहा था।
बैकफुट पर CBSE: गलती मानी, ईमेल से भेजी सही कॉपी
सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद CBSE ने मामले की जांच की और माना कि वेदांत के रोल नंबर पर गलत उत्तर पुस्तिका अपलोड हो गई थी। बोर्ड ने छात्र को ईमेल के जरिए सही उत्तर पुस्तिका भेजी और कहा कि उसके अंकों को अपडेट किया जाएगा। CBSE के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी स्वीकार किया कि गलती हुई है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर दूसरी कॉपी वेदांत के रोल नंबर से कैसे लिंक हो गई। बाद में वेदांत ने खुद X पर पोस्ट कर बताया कि उन्हें उनकी सही कॉपी मिल गई है और उनकी शिकायत सही साबित हुई।
क्या है OSM सिस्टम और क्यों उठ रहे सवाल?
CBSE ने इस साल पहली बार कक्षा 12वीं की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए On-Screen Marking (OSM) सिस्टम लागू किया था। इस प्रणाली में उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर ऑनलाइन अपलोड किया जाता है और शिक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर ही मूल्यांकन करते हैं।
बोर्ड का दावा था कि इससे पारदर्शिता और तेजी आएगी, लेकिन रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने गलत स्कैन, धुंधली कॉपी, गायब पेज और गलत उत्तर पुस्तिका अपलोड होने जैसी शिकायतें कीं। वेदांत श्रीवास्तव का मामला सामने आने के बाद इस पूरी प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। अब छात्र और अभिभावक CBSE से अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद मूल्यांकन प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।














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