Twisha Sharma Case: रिटायर्ड जज सास Giribala Singh ने CBI की पूछताछ में क्या-क्या उगला? क्राइम सीन का जायजा
Twisha Sharma Death Case CBI Interrogation: भोपाल में मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब CBI जांच के केंद्र में है। दिसंबर 2025 में हुई शादी के महज पांच महीने बाद 12 मई 2026 को कटारा हिल्स स्थित ससुराल में 33 वर्षीय ट्विशा को फंदे से लटका पाया गया। परिवार का आरोप है कि दहेज की मांग, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के चलते उनकी हत्या की गई। पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड एडीशनल डिस्ट्रिक्ट जज गिरीबाला सिंह मुख्य आरोपी हैं।
सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच अपने हाथ में ली है। एजेंसी ने सोमवार (25 मई) को नई FIR दर्ज की, जिसमें समर्थ और गिरीबाला दोनों को नामजद किया गया। अब CBI टीम सक्रिय हो गई है और 26 मई को गिरीबाला सिंह के घर (क्राइम सीन) पर पहुंचकर बारीकी से जायजा लिया। आइए विस्तार से जानें CBI ने क्या क्या सवाल किए?

CBI Team Twisha Sharma Crime Scene Visit: क्या-क्या हुआ?
CBI की टीम गिरीबाला सिंह के भोपाल स्थित आवास पर पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, टीम करीब 30 मिनट तक घर के अंदर रही। तीन गाड़ियों में आए छह सदस्यों की टीम में दो महिला अधिकारी भी शामिल थीं। लोकल पुलिस भी साथ थी।

टीम ने घर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया:
- ट्विशा का कमरा कहां था?
- घटना वाली रात समर्थ सिंह कहां सो रहे थे?
- गिरीबाला सिंह उस समय कहां थीं?
- ट्विशा को नीचे कैसे लाया गया?
- फंदा कहां से लगा था?

टीम ने क्राइम सीन से जुड़े सबूत जुटाए, मौके पर मौजूद लोगों से प्रारंभिक जानकारी ली। घर से निकलते समय CBI अधिकारियों ने मीडिया से कोई बात नहीं की। यह CBI की जांच का पहला दिन था, इसलिए पूछताछ अभी प्रारंभिक स्तर की रही। आगे कड़ी पूछताछ होने की संभावना है।
सूत्रों का कहना है कि CBI फोन कॉल्स, घटना के ठीक पहले और बाद की गतिविधियों, और सबूतों की स्थिति पर फोकस कर रही है।
Allegations against Giribala Singh: गिरीबाला सिंह पर क्या आरोप?
- रसूख का दुरुपयोग: परिवार का आरोप है कि गिरीबाला सिंह (रिटायर्ड जज) ने जांच प्रभावित करने के लिए जजों, अधिकारियों और CCTV टेक्निशियन को फोन किए। मौत के तुरंत बाद उन्होंने कई कॉल्स किए, लेकिन पुलिस को सूचित करने में देरी हुई।
- सबूतों से छेड़छाड़: CCTV फुटेज, वीडियो क्लिप्स रखने और मीडिया में बयान देने के आरोप।
- सहयोग न करने: राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि गिरीबाला जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं।
- दहेज मांग: FIR में आरोप कि विदाई के समय ₹2 लाख की मांग की गई। शादी के बाद लगातार दहेज और पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद चलता रहा।

गिरीबाला सिंह ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने ट्विशा की मानसिक स्थिति और कथित ड्रग इश्यूज का जिक्र किया, जिसे पीड़ित पक्ष जांच भटकाने की कोशिश बता रहा है।
Twisha Sharma Case Timeline: घटना की टाइमलाइन समझें...
- 9:41 PM: ट्विशा ने अपनी मां से फोन पर बात की। बैकग्राउंड में समर्थ सिंह (Samarth Singh) की चीखें सुनी गईं। फोन अचानक कट गया।
- इसके बाद गिरीबाला सिंह ने फोन उठाया और कहा कि वो अब दुनिया में नहीं रही और कॉल काट दी।
- 10:20 PM: समर्थ सिंह ट्विशा को AIIMS भोपाल ले गए। रात 12:05 AM को मृत घोषित किया गया।
- पुलिस ने FIR दर्ज करने में दो दिन की देरी की।
Twisha Sharma Postmortem Report: पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या मिला?
- मौत का कारण: एंटीमॉर्टम हैंगिंग (फंदे से लटकने से)।
- शरीर पर कई एंटीमॉर्टम इंजरी (मौत से पहले लगी चोटें), ब्लंट फोर्स ट्रॉमा से।
- गर्दन पर दो लिगेचर मार्क्स (दो फंदे के निशान)।
- मौत से एक हफ्ते पहले MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) कराया गया था।
ये चोटें आत्महत्या की बजाय हत्या की ओर इशारा करती हैं। परिवार ने सेकंड पोस्टमॉर्टम की मांग की, जिसके बाद AIIMS दिल्ली की टीम ने जांच की। अंतिम संस्कार हो चुका है।
CBI सुलझाएगी ये बड़े सवाल
- ट्विशा के शरीर पर चोटें किसने और कैसे लगाईं?
- मौत से ठीक पहले घर में क्या झगड़ा हुआ?
- फोन कॉल रिकॉर्ड्स में क्या खुलासा होगा?
- क्या सबूतों से छेड़छाड़ हुई?
- दहेज और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों में कितनी सच्चाई?
- गिरीबाला सिंह की भूमिका क्या थी? मददगार या प्रभावित करने वाली?

CBI अब समर्थ सिंह की कस्टडी ले सकती है, क्राइम सीन रीक्रिएशन कर सकती है, डॉक्टरों और गवाहों से पूछताछ करेगी।
सुप्रीम कोर्ट का स्टैंड समझें...
सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और CBI जांच के निर्देश दिए। कोर्ट ने पीड़ित और आरोपी दोनों पक्षों से अपील की कि मीडिया में बयान न दें, जांच को प्रभावित न करें। CJI की बेंच ने निष्पक्ष जांच पर जोर दिया।
CBI की एंट्री से जांच को नई गति मिली है। गिरीबाला सिंह से पूछताछ और क्राइम सीन विजिट शुरुआती कदम हैं। पूरा सच सामने आने में समय लगेगा, लेकिन उम्मीद है कि CBI निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करेगी। ट्विशा की मौत सिर्फ एक परिवार की ट्रेजेडी नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त दहेज और महिला सुरक्षा की समस्या का प्रतीक बन गई है। जल्द न्याय मिले, यही कामना है।













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