यूएन ने भी माना है कि बीफ की वजह से पर्यावरण को हो रहा है नुकसान
न्यूयॉर्क। एक ओर बीफ पर बैन और कई तरह के विवादों ने भारत में बवाल मचा रखा है तो वहीं यूनाइटेड नेशंस यानी यूएन ने बीफ को पर्यावरण के लिए नुकसानदायक करार दिया हुआ है। यूएन के यूएनईपी प्रोग्राम यानी यूनाइटेड नेशंस इनवॉयरमेंट प्रोग्राम में बीफ को जलवायु के लिए बेहद खतरनाक करार दिया गया था।

इस प्रोग्राम में बताया गया था कि बीफ को पकाने में काफी ऊर्जा बर्बाद हो जाती है। यूएन के मुताबिक एक हैमबर्गर को पकाने में करीब तीन किलो ऊर्जा का क्षरण होता है।
यूएन ने करीब पांच वर्ष पहले क्लाइमेट चेंज पर आयोजित एक प्रोग्राम में कहा था कि दुनिया के लोगों को अब वेगन डाइट की ओर बढ़ना होगा। यूएन के मुताबिक अगर दुनिया को गरीबी और भूख से बचाना है तो फिर वेगन डाइट ही इसका सबसे बढ़िया तरीका है।
वहीं विशेषज्ञ भी मानते हैं कि बीफ पर अगर बैन लग जाए तो फिर दुनिया में होने वाला कार्बन उत्सर्जन कारों के प्रयोग के मुकाबले कई गुना कम हो जाएगा।
यूएन ने कहा था कि आज धरती को बचाने के लिए ऐसे खाने की जरूरत है जिसे पकाने में ज्यादा ऊर्जा न खर्च हो और जो लंबे समय तक नुकसान न दे। यूएन ने इसके साथ ही बीफ के प्रॉडक्शन को बहुत ऊर्जा क्षरण वाली प्रक्रिया करार दिया था।












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