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Union Budget 2026-27: चीन को टक्कर देने के लिए भारत का सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ में बढ़ा कदम, शेयर उछले

Union Budget 2026-27: केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ मिनरल्स सेक्टर के लिए कई अहम पहलों की घोषणा होते ही शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। निवेशकों ने इन घोषणाओं को भारत के भविष्य के लिए बड़ा कदम माना, जिसका सीधा असर बाजार पर दिखा।

बजट के तुरंत बाद चिप मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज़ उछाल आया। डिक्सन टेक्नोलॉजीज और सीजी पावर जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयर 6% तक चढ़कर बंद हुए, जिससे यह साफ हो गया कि निवेशक सरकार की इस रणनीति को लेकर काफी सकारात्मक हैं।

Union Budget 2026-27

EMS PLI योजना को मिला बड़ा बूस्ट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) से जुड़ी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को और मजबूत करने का ऐलान किया। इस योजना का कुल आकार बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा गया है।

सरकार का मानना है कि इस कदम से भारत में इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स का निर्माण तेज़ होगा, विदेशी कंपनियों का निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह फैसला भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए ₹40,000 करोड़ का सपोर्ट

बजट में देश के सेमीकंडक्टर उद्योग को मजबूत करने के लिए अलग से ₹40,000 करोड़ के वित्तीय समर्थन का भी ऐलान किया गया। यह रकम चिप डिजाइन, निर्माण और रिसर्च से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में इस्तेमाल की जाएगी।

सेमीकंडक्टर आज मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक वाहन, AI, डिफेंस और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसी हर आधुनिक तकनीक की रीढ़ बन चुके हैं। ऐसे में सरकार का यह निवेश भारत को टेक्नोलॉजी के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।

एक्सपर्ट क्या बोले?

ब्लू क्लाउड सॉफ्टेक सॉल्यूशन लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद बाबू बोल्लीकोंडा ने कहा है कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 की शुरुआत और ECMS योजना के तहत ₹40,000 करोड़ का आवंटन भारत के टेक सफर में एक निर्णायक मोड़ है। उनके मुताबिक, यह पहल भारत को सिर्फ सेमीकंडक्टर का उपभोक्ता नहीं, बल्कि एक वैश्विक स्तर का प्रौद्योगिकी उत्पादक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में गहराई

विनोद बाबू ने बताया कि ये सरकारी पहलें इस बात का संकेत हैं कि सरकार अब सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में गहरी और मजबूत रणनीतिक क्षमताएं विकसित करना चाहती है। इसमें डिजाइन से लेकर निर्माण, उपकरण, उन्नत सामग्री और स्वदेशी बौद्धिक संपदा (Indigenous IP) का निर्माण शामिल है। यह दिखाता है कि भारत अब सिर्फ असेंबली नहीं, बल्कि कोर टेक्नोलॉजी पर भी फोकस कर रहा है।

'भारत से दुनिया के लिए' टेक प्लेटफॉर्म पर ब्लू क्लाउड का फोकस

ब्लू क्लाउड सॉफ्टेक के लिए यह विजन उनकी दीर्घकालिक सोच को और मजबूत करता है। कंपनी 'भारत से दुनिया के लिए' संप्रभु (Sovereign) और हाई-परफॉर्मेंस टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। विनोद बाबू के अनुसार, ISM 2.0 के तहत सेमीकंडक्टर उपकरण, एडवांस्ड मटीरियल और स्वदेशी IP पर दिया गया जोर उनकी कंपनी की कोर रणनीति से पूरी तरह मेल खाता है।

फैब्रिकेशन से पैकेजिंग तक, पूरे इकोसिस्टम को मिलेगा बूस्ट

उन्होंने यह भी कहा कि यह बजट भारत में घरेलू सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और उन्नत पैकेजिंग के रोडमैप को तेज़ी देगा। साथ ही, यह नीति और वित्तीय प्रोत्साहनों के जरिए भारत में एक ऐसा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करेगा जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हो सके। कुल मिलाकर, यह बजट भारत को टेक्नोलॉजी के मामले में आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।

रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए स्पेशल कॉरिडोर

इन रणनीतिक पहलों के तहत सरकार ने तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए विशेष कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। इन राज्यों में इन दुर्लभ खनिजों के भंडार मौजूद हैं, जिनका सही तरीके से उपयोग अब सरकार की प्राथमिकता है।

रेयर अर्थ मिनरल्स का इस्तेमाल सेमीकंडक्टर, बैटरी, सोलर पैनल और रक्षा उपकरणों में होता है। इन कॉरिडोर के बनने से इन खनिजों की सप्लाई चेन मजबूत होगी और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

चीन पर निर्भरता घटाने की रणनीति

सरकार का साफ उद्देश्य है कि इन सभी कदमों के जरिए भारत सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ मिनरल्स जैसे अहम क्षेत्रों में चीन पर अपनी निर्भरता को काफी हद तक कम कर सके। फिलहाल इन सेक्टर्स में चीन की पकड़ मजबूत मानी जाती है।

इन बजटीय फैसलों से भारत न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत होगा, बल्कि रणनीतिक और तकनीकी तौर पर भी ज्यादा आत्मनिर्भर बन सकेगा। यही वजह है कि बाजार, निवेशक और युवा वर्ग इन घोषणाओं को भारत के टेक-फ्यूचर के लिए गेम-चेंजर मान रहे हैं।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

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