दुनिया में 25% लोग पत्नी की पिटाई को सही मानते हैं, 90% लोगों में महिलाओं के प्रति पूर्वाग्रह है- UN survey
पिछले कुछ दशकों में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर दुनिया भर में कई सारे पहल हुए हैं। लेकिन, जमीनी हकीकत बिल्कुल ही उलट है। लैंगिक पक्षपात को लेकर संयुक्त राष्ट्र के एक बड़े सर्वे का नतीजा सामने आया है, उससे पता चलता है कि महिलाओं के खिलाफ अभी भी सोच ज्यादा नहीं बदली है।
जेंडर सोशल नॉर्म्स इंडेक्स (GSNI) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में 90% लोगों में या हर 10 में से एक के मन में अभी भी लैंगिक पूर्वाग्रह मौजूद है। कमाल है कि इन 90 फीसदी में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी शामिल हैं। यानि महिलाओं के मन में भी महिलाओं के प्रति कोई न कोई पूर्वाग्रह आज भी बनी हुई है।

महिलाओं की शिक्षा को लेकर बदली है सोच
अलबत्ता पूर्वाग्रह के विषयों को लेकर मतों में अंतर जरूर है। जैसे महिलाओं की शिक्षा को लेकर यह लैंगिक पक्षपात अब सिर्फ 28% रह गई है। लेकिन, आधे लोगों को अभी भी लगता है कि पुरुष ज्यादा अच्छे राजनेता होते हैं। जबकि, 40% से अधिक लोगों का मानना है कि जब बिजनेस की बात आती है तो अभी भी पुरुष ज्यादा अच्छे साबित हो सकते हैं।
दुनिया में 25% लोग पत्नियों की पिटाई को सही ठहराते हैं
यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम पर आधारित वर्ल्ड वैल्यूज सर्वे का यह डेटा सोमवार को नई जीएसएनआई की रिपोर्ट के तौर पर पेश की गई है। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि आज भी दुनिया में 25% लोग ऐसे हैं, जो पत्नियों की पिटाई को सही ठहराते हैं।
लैंगिक पूर्वाग्रह को लेकर सोच में बहुत धीमा बदलाव
इस रिपोर्ट का सबसे चिंताजनक पहलू ये है कि कई वर्षों के बाद भी लैंगिक पक्षपात को लेकर लोगों की सोच में खास अंतर नहीं आया है। इससे पहले जो 2010 से 2014 के बीच पिछला सर्वे हुआ था और फिर जो ताजा सर्वे 2017 और 2022 के बीच हुआ है, उसके हिसाब से लैंगिक पूर्वाग्रह को लेकर समाज में अभी भी एक दृढ़ता नजर आती है।
महिलाओं की सोच में दृढ़ता ज्यादा है
हालांकि, इस तरह के पूर्वाग्रह में जो थोड़ी कमी भी आई है, वह महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ही ज्यादा है। मसलन, पुरुषों में लैंगिक पूर्वाग्रह की भावना 3 फीसदी कम हुई है, जबकि महिलाओं में सिर्फ 1.5 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
महिलाएं ज्यादा शिक्षित हुई हैं, लेकिन आमदनी में अभी भी पीछे हैं
इस रिपोर्ट में एक और जो चौंकाने वाला तथ्य है, वह ये कि महिलाओं की शिक्षा को लेकर नजरिया भले ही बदला हो, लेकिन उससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण में सहायता नहीं मिल पाई है। इसके अनुसार, 'महिलाएं पहले से कहीं ज्यादा कुशल और शिक्षित हैं, 59 देशों में महिलाएं अब पुरुषों से ज्यादा शिक्षित भी हो चुकी हैं, फिर भी पुरुषों के पक्ष में आय का औसत अंतर आश्चर्यजनक रूप से 39% बना हुआ है। '
इस रिपोर्ट के लिए 80 देशों में हुए दोनों सर्वेक्षणों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। इन 80 देशों में दुनिया की कम से कम 85 फीसदी आबादी रहती है। इसके आधार पर इसमें स्पष्ट रूप से बताया गया है कि 'महिलाओं के अधिकारों के लिए जोरदार वैश्विक और स्थानीय मुहिमों के बावजूद एक दशक में महिलाओं के खिलाफ पक्षपात में कोई सुधार नहीं हुआ है।'
-
'शूटिंग सेट पर ले जाकर कपड़े उतरवा देते थे', सलमान खान की 'हीरोइन' का सनसनीखेज खुलासा, ऐसे बर्बाद हुआ करियर -
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान -
Ram Navami Kya Band-Khula: UP में दो दिन की छुट्टी-4 दिन का लंबा वीकेंड? स्कूल-बैंक समेत क्या बंद-क्या खुला? -
इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा पंचतत्व में विलीन, पिता का भावुक संदेश और आखिरी Video देख नहीं रुकेंगे आंसू -
'मुझे 10 बार गलत जगह पर टच किया', Monalisa ने सनोज मिश्रा का खोला कच्चा-चिट्ठा, बोलीं-वो मेरी मौत चाहता है -
Petrol-Diesel Shortage: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की कमी है? IndianOil ने बताया चौंकाने वाला सच -
कौन हैं ये असम की नेता? जिनके नाम पर हैं 37 बैंक अकाउंट, 32 गाड़ियां, कुल संपत्ति की कीमत कर देगी हैरान -
Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत -
LPG Crisis: एलपीजी संकट के बीच सरकार का सख्त फैसला, होटल-रेस्टोरेंट पर नया नियम लागू -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार












Click it and Unblock the Notifications