Bharat vs India Row: ‘आवेदन मिला तो विचार करेंगे’, देश का नाम बदलने को लेकर संयुक्त राष्ट्र का बयान
भारत या इंडिया, देश का नाम क्या हो इसे लेकर बीते कुछ दोनों से बहस जारी है। जी20 के रात्रिभोज कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए निमंत्रण पत्र में 'प्रेसीडेंट ऑफ भारत' लिखने के बाद ये चर्चा शुरू हो गई है कि क्या मोदी सरकार 'इंडिया' शब्द को हटाकर सिर्फ 'भारत' को ही आधिकारिक नाम के तौर पर रखना चाहती है?
अटकलों का बाजार इसलिए भी गर्म है क्योंकि इसी महीने मोदी सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने की घोषणा कर चुकी है। तो क्या संसद के विशेष सत्र बुलाने के पीछे का उद्देश्य देश के नाम से 'इंडिया' शब्द को हटाना है?

इस विवाद के बीच अब संयुक्त राष्ट्र (UN) का एक बड़ा बयान आया है। UN ने कहा है कि अगर हमें इंडिया का नाम बदलने को लेकर सरकार की तरफ से कोई रिक्वेस्ट मिलती है तो हम उसे स्वीकार करेंगे। लेकिन ये तभी संभव है जब हमें इस संबंध में आवेदन मिलेगा।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि किसी देश का नाम बदलने की क्या प्रक्रिया है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि जब हमें नाम बदलने का आवेदन मिलता है, उसके बाद ही नाम बदला जाता है।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप प्रवक्ता फरहान हक ने तुर्की द्वारा अपना नाम बदलकर तुर्किये रखने और संयुक्त राष्ट्र के औपचारिक अनुरोध पर सहमत होने का भी उदाहरण दिया।
फरहान हक ने बुधवार को कहा कि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है। तुर्किए के मामले में वहां की सरकार ने नाम बदलने को लेकर हमें औपचारिक आवेदन भेजा था, जिसके बाद ही नाम बदला जा सका। अगर हमें इसे लेकर कोई आवेदन मिलता है तो हम उस पर विचार करेंगे।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने भारत और इंडिया नाम को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी ने 'भारत-इंडिया' राजनीतिक विवाद को लेकर अपने मंत्रियों से इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से दूर रहने को कहा है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने मंत्रिपरिषद की बैठक में कहा कि इस पर कोई टिप्पणी न करें।












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